नहर निर्माण व पिचिंग कार्य में अनियमितता को लेकर ग्रामीणों का हंगामा

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नहर निर्माण व पिचिंग कार्य में अनियमितता को लेकर ग्रामीणों का हंगामा


नहर निर्माण व पिचिंग कार्य में अनियमितता को लेकर ग्रामीणों का हंगामा


नहर निर्माण व पिचिंग कार्य में अनियमितता को लेकर ग्रामीणों का हंगामा


धमतरी, 09 मई (हि.स.)। धमतरी जिले के नगरी ब्लाक में क्षेत्र के किसानों को बेहतर सिंचाई सुविधा उपलब्ध कराने के उद्देश्य से सिंचाई विभाग द्वारा सोंढूर बांध को नहर से जोड़ने करोड़ों रुपये की लागत से कराए जा रहे निर्माण कार्य पर अब सवाल खड़े होने लगे हैं। ग्राम फरसियां में चल रहे नहर निर्माण कार्य को लेकर शनिवार को ग्रामीणों और किसानों ने जमकर हंगामा किया।

ग्रामीणों ने कहा कि निर्माण कार्य का इंजीनियर द्वारा सही मानिटरिंग नहीं किए जाने के कारण यहां निर्माणकर्ता द्वारा अधूरा और तय मापदंडो की अनदेखी करते हुए निर्माण कराया जा रहा है।

ग्रामीणों का कहना है कि नहर निर्माण में गुणवत्ता की अनदेखी की जा रही है। आरोप है कि पुराने जर्जर ढांचे और दीवारों को तोड़े बिना ही ऊपर से तीन-चार फीट तक नई पिचिंग कर दी जा रही है। किसान सोहन साहू, जोहत राम, पुसउ राम सहित अन्य किसानों का कहना है कि इससे निर्माण कार्य की मजबूती पर सवाल खड़े हो रहे हैं और भविष्य में नहर के क्षतिग्रस्त होने की आशंका बनी रहेगी। ग्राम फरसियां के कमारपार क्षेत्र और कृषि उपज उपार्जन केंद्र के पीछे से गुजर रही नहर के निर्माण स्थल पर ग्रामीणों ने विरोध प्रदर्शन करते हुए कहा कि निर्माण कार्य में सीमेंट की मात्रा कम और रेत-गिट्टी का उपयोग अधिक किया जा रहा है।

ग्रामीणों के मुताबिक इस तरह के निर्माण से पिचिंग जल्द उखड़ सकती है और शासन की करोड़ों रुपये की राशि व्यर्थ हो जाएगी। यहां पविभागीय निगरानी का अभाव दिखाई दे रहा है। किसानों ने चेतावनी दी है कि यदि जल्द जांच नहीं हुई तो वे आंदोलन के लिए मजबूर होंगे। ग्रामीण पुष्पक कुमार साहू ने आरोप लगाया कि शासन ने किसानों को बेहतर सिंचाई सुविधा उपलब्ध कराने के लिए करोड़ों रुपये स्वीकृत किए हैं, लेकिन इंजीनियर द्वारा सही मानिटरिंग नहीं किए जाने के कारण यहां निर्माणकर्ता द्वारा अधूरा और तय मापदंडों की अनदेखी करते हुए निर्माण कराया जा रहा है। उन्होंने निर्माण कार्य की निष्पक्ष जांच कराने की मांग करते हुए कहा कि यदि समय रहते गुणवत्ता पर ध्यान नहीं दिया गया तो शासन को भारी आर्थिक नुकसान उठाना पड़ेगा और परियोजना का उद्देश्य भी पूरा नहीं हो सकेगा। ग्राम पंचायत सरपंच केशव टेकाम ने भी निर्माण कार्य की गुणवत्ता पर सवाल उठाए। उन्होंने कहा कि निरीक्षण के दौरान नहर के निचले हिस्से में अधूरा निर्माण और निम्न गुणवत्ता की सामग्री का उपयोग पाया गया है। उन्हाेंने शासन और प्रशासन से तत्काल जांच कर दोषियों पर कार्रवाई करने की मांग की है।

इस संबंध में सिंचाई विभाग के एसडीओ प्रवीण बोदलेकर ने कहा कि सोंढूर से नगरी तक लगभग 22 से 25 किलोमीटर अलग-अलग ठेकेदार काम कर रहे हैं। सांकरा-भोथली का ठेकेदार दूसरा है। कार्य प्रगति में है। फरसियां साइड का कार्य अलग है। सांकरा से सोंढूर तक काम पहले कंप्लीट हो चुका है। ठेकेदार टेंडर के अनुसार काम करवा रहा है कि नहीं मैं चेक करवाता हूं।

हिन्दुस्थान समाचार / रोशन सिन्हा

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