निगम कार्यालय में बाढ़ पीड़ितों का खाद्य सामग्री सड़ाना दुर्भाग्यपूर्ण, महापौर जवाब दें : राजेश चौधरी

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निगम कार्यालय में बाढ़ पीड़ितों का खाद्य सामग्री सड़ाना दुर्भाग्यपूर्ण, महापौर जवाब दें : राजेश चौधरी


जगदलपुर, 28 अक्टूबर (हि.स.)। नगर पालिक निगम जगदलपुर के नेता प्रतिपक्ष राजेश चौधरी ने बाढ़ पीड़ितों के लिए प्राप्त खाद्य सामग्री का समय पर वितरण नहीं होने और निगम कार्यालय में रखे-रखे उसके खराब होने के मामले को गंभीर बताते हुए महापौर से जवाब मांगा है। उन्होंने बुधवार काे जारी प्रेस विज्ञप्ति के माध्यम से कहा कि जिस खाद्य सामग्री का उपयोग बाढ़ से प्रभावित जरूरतमंद परिवारों की भूख मिटाने और उन्हें राहत पहुंचाने के लिए किया जाना था, यदि वही सामग्री समय पर वितरित नहीं होने के कारण खराब हो रही है, तो यह नगर निगम की कार्यप्रणाली और जिम्मेदारी पर गंभीर सवाल खड़े करता है।

राजेश चौधरी ने कहा कि बाढ़ जैसी प्राकृतिक आपदा के दौरान जगदलपुर और आस-पास के प्रभावित क्षेत्रों में अनेक परिवारों को कठिन परिस्थितियों का सामना करना पड़ा। कई परिवारों के सामने भोजन की व्यवस्था करना तक चुनौती बन गया था। ऐसे संकट के समय जरूरतमंदों को राहत पहुंचाना शासन-प्रशासन और जनप्रतिनिधियों की प्राथमिक जिम्मेदारी होती है। बाढ़ पीड़ितों की सहायता के उद्देश्य से प्राप्त खाद्य सामग्री को समय पर प्रभावित परिवारों तक पहुंचाना आवश्यक था, ताकि संकट की घड़ी में उन्हें राहत मिल सके। लेकिन यदि यह सामग्री जरूरतमंदों तक पहुंचने के बजाय निगम कार्यालय में पड़ी-पड़ी खराब हो रही है, तो इससे अधिक दुर्भाग्यपूर्ण स्थिति क्या हो सकती है?

नेता प्रतिपक्ष ने कहा कि राहत सामग्री का उद्देश्य केवल उसे एकत्रित करना या निगम कार्यालय में सुरक्षित रख देना नहीं होता, बल्कि वास्तविक जरूरतमंदों तक समय पर पहुंचाना होता है। आपदा के दौरान प्रत्येक दिन महत्वपूर्ण होता है। जिस परिवार के घर में भोजन की व्यवस्था नहीं है, उसके लिए राहत सामग्री का समय पर मिलना बेहद जरूरी है। ऐसे में खाद्य सामग्री का उचित उपयोग नहीं होना और उसके खराब होने की स्थिति सामने आना अत्यंत चिंताजनक है। यदि सामग्री उपलब्ध होने के बावजूद जरूरतमंद परिवारों को उसका लाभ नहीं मिला, तो यह व्यवस्था की गंभीर विफलता मानी जाएगी।

राजेश चौधरी ने महापौर से मांग की कि इस पूरे मामले में चुप्पी साधने के बजाय सामने आकर वस्तुस्थिति स्पष्ट करें। जनता को बताया जाए कि बाढ़ पीड़ितों के लिए कितनी मात्रा में खाद्य सामग्री प्राप्त हुई थी, यह सामग्री किस माध्यम से और किन उद्देश्यों के लिए आई थी, इसका वितरण किन वार्डों एवं प्रभावित क्षेत्रों में किया जाना था तथा अब तक कितनी सामग्री वितरित की गई है। साथ ही, यदि खाद्य सामग्री खराब हुई है, तो उसकी मात्रा, वर्तमान स्थिति और उसके खराब होने के कारणों की भी जानकारी सार्वजनिक की जाए।

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हिन्दुस्थान समाचार / राकेश पांडे

Livevns.news Desk
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