बलरामपुर : उल्लास केंद्रों में पढ़ना-लिखना सीख रहे असाक्षर
बलरामपुर, 31 जुलाई (हि.स.)।राष्ट्रीय शिक्षा नीति-2020 के तहत संचालित उल्लास नव भारत साक्षरता कार्यक्रम के माध्यम से आज शुक्रवार जिले में 15 वर्ष से अधिक आयु के असाक्षर नागरिकों को शिक्षा से जोड़ने का अभियान लगातार चल रहा है। विभिन्न उल्लास केंद्रों में अनुदेशक नियमित कक्षाएं लेकर शिक्षार्थियों को पढ़ना-लिखना, हस्ताक्षर करना और बुनियादी गणना सिखा रहे हैं।
ग्राम बुलगांव स्थित उल्लास केंद्र में शिक्षार्थी उत्साह के साथ अक्षर ज्ञान प्राप्त कर रहे हैं। यहां उन्हें पढ़ना-लिखना सीखाने के साथ दैनिक जीवन में उपयोगी गणना, सरल पठन-पाठन और व्यवहारिक ज्ञान का भी प्रशिक्षण दिया जा रहा है। अनुदेशकों के मार्गदर्शन से शिक्षार्थियों का आत्मविश्वास बढ़ रहा है।
जिले में सर्वे के दौरान 4,231 असाक्षर शिक्षार्थियों की पहचान की गई है। उल्लास नव भारत साक्षरता कार्यक्रम के तहत बुनियादी साक्षरता एवं संख्यात्मक आकलन परीक्षा सितंबर 2026 में आयोजित होगी, जिसमें करीब 5 हजार शिक्षार्थियों को शामिल करने का लक्ष्य रखा गया है।
जिले के 515 गांवों और 75 नगरीय वार्डों में अभियान संचालित किया जा रहा है। अब तक 30 गांव और 55 वार्ड शत-प्रतिशत साक्षर घोषित किए जा चुके हैं। जिला प्रशासन का लक्ष्य जिले के प्रत्येक असाक्षर नागरिक को शिक्षा से जोड़कर बलरामपुर-रामानुजगंज को पूर्ण साक्षर जिला बनाना है।
हिन्दुस्थान समाचार / विष्णु पांडेय

