5.90 लाख की ऑनलाइन साइबर ठगी के दाे आरोपित गिरफ्तार

WhatsApp Channel Join Now
5.90 लाख की ऑनलाइन साइबर ठगी के दाे आरोपित गिरफ्तार


जगदलपुर, 16 अक्टूबर (हि.स.)। बस्तर पुलिस ने सेवानिवृत्त शिक्षक से पेंशन कार्ड बनवाने के नाम पर 5 लाख 90 हजार की ऑनलाइन ठगी करने वाले अंतरराज्यीय साइबर गिरोह के दो आरोपिताें सहबाज अंसारी (उम्र 34 वर्ष) एवं जियाउल हक (उम्र 36 वर्ष) निवासी झारखंड के जामताड़ा को गिरफ्तार किया है। अपराध दर्ज होने के महज 20 दिनों के भीतर की गई इस कार्रवाई के बाद आरोपिताें को न्यायालय से ट्रांजिट रिमांड प्राप्त कर आज शुक्रवार काे जगदलपुर लाया गया।

साइबर ठगी के इस मामले में आरोपिताें ने फेसबुक पर पेंशन कार्ड बनाने से संबंधित विज्ञापन के जरिए आवेदक की जानकारी हासिल की और उनके बैंक खाते से रकम ऑनलाइन ट्रांसफर कर ठगी की। मामले में थाना फ्रेजरपुर (परपा) में अपराध क्रमांक 241/2026 दर्ज किया गया था।

पुलिस अधीक्षक शलभ कुमार सिन्हा के निर्देश पर गठित टीम ने तकनीकी जांच और लोकेशन ट्रैकिंग के आधार पर कार्रवाई करते हुए दोनों आरोपितों को पकड़ा। आरोपितों के कब्जे से 82 एटीएम कार्ड, 06 नए मोबाइल, 05 सिम कार्ड 25 हजार रुपये नकद और अन्य इलेक्ट्रॉनिक सामग्री बरामद की गई है। पुलिस अन्य राज्यों में भी इस गिरोह के संभावित साइबर अपराधों के संबंध में जानकारी जुटा रही है।

पुलिस से मिली जानकारी के अनुसार एक सेवानिवृत्त शिक्षक को फेसबुक पर सीनियर सिटीजन पेंशन कार्ड बनवाने का विज्ञापन दिखाई दिया। सरकारी लाभ मिलने की उम्मीद में उन्होंने विज्ञापन में दिए गए लिंक पर क्लिक किया। लिंक खुलने पर ऑनलाइन फॉर्म में आधार कार्ड, पैन कार्ड, मोबाइल नंबर और बैंक खाते से संबंधित जानकारी भरने का विकल्प मिला। पीड़‍ित द्वारा फॉर्म में आंशिक जानकारी भरकर छोड़ देने के बाद अज्ञात मोबाइल नंबरों से फोन कॉल आए। इन कॉल के माध्यम से पीड़‍ित की व्यक्तिगत एवं बैंकिंग संबंधी जानकारी प्राप्त की गई और उनके बैंक खाते से 5,90,000 (पांच लाख नब्बे हजार रुपये) ऑनलाइन ट्रांसफर कर ठगी कर ली गई।

अतिरिक्त पुलिस अधीक्षक सुखनंदन राठौर के पर्यवेक्षण तथा नगर पुलिस अधीक्षक सुमित कुमार धोत्रे एवं उप पुलिस अधीक्षक, साइबर चंद्रहास के मार्गदर्शन में विशेष टीमें गठित की गईं। पुलिस टीम ने संदिग्ध मोबाइल नंबरों, ठगी की रकम जिन बैंक खातों में स्थानांतरित हुई थी, तथा एटीएम से रकम निकासी से संबंधित सीसीटीव्ही जानकारी का तकनीकी विश्लेषण किया। जांच में आरोपितों के तार झारखंड के जामताड़ा जिले से जुड़े पाए गए। आरोपी लगातार अपना लोकेशन बदल रहे थे। तकनीकी साक्ष्यों के आधार पर उनका लोकेशन कोलकाता, पश्चिम बंगाल में ट्रेस किया गया। इसके बाद निरीक्षक सागर पाठक के नेतृत्व में पुलिस टीम को कोलकाता रवाना किया गया। कोलकाता के पार्क स्ट्रीट क्षेत्र में लगभग 200 होटलों से जानकारी जुटाने के बाद पुलिस ने आरोपितों की पहचान की और स्थानीय पुलिस के सहयोग से घेराबंदी कर दोनों को गिरफ्तार कर लिया।

बस्तर पुलिस ने अपील करते हुए कहा है कि एक क्लिक से पहले सावधानी बरतें, पेंशन कार्ड, सरकारी योजना या किसी वित्तीय लाभ के नाम पर आने वाला हर लिंक भरोसेमंद नहीं होता। सोशल मीडिया पर दिखने वाले संदिग्ध विज्ञापनों और अनजान लिंक से सावधान रहें। आधार, पैन, बैंक खाता, एटीएम कार्ड, पिन और ओटीपी जैसी गोपनीय जानकारी किसी अनजान व्यक्ति से साझा न करें। पेंशन एवं सरकारी योजनाओं की जानकारी केवल संबंधित विभाग के आधिकारिक माध्यमों से सत्यापित करें। अपने सोशल मीडिया खातों पर टू-स्टेप वेरिफिकेशन सक्रिय रखें। साइबर ठगी होने पर तत्काल 1930 पर कॉल करें या www.cybercrime.gov.in पर शिकायत दर्ज करें।

---------------

हिन्दुस्थान समाचार / राकेश पांडे

Livevns.news Desk
Livevns.news Desk

762088 Articles

Share this story