डेढ़ करोड़ रुपये से संवरेगा ठेमली आइलैंड
पर्यटकों के ठहरने के लिए विकसित होंगी सुविधाएं: रामू रोहरा
धमतरी, 04 नवंबर (हि.स.)। गंगरेल बांध स्थित ठेमली आइलैंड अब पर्यटन के क्षेत्र में नई पहचान बनाने की ओर अग्रसर है। यहां पर्यटकों के ठहरने और उनकी सुविधाओं का विस्तार करने के लिए शासन से डेढ़ करोड़ रुपये की स्वीकृति मिली है। इस राशि से आइलैंड में आवश्यक पर्यटन सुविधाएं विकसित की जाएंगी, जिससे पर्यटक प्राकृतिक सौंदर्य के बीच अधिक समय बिता सकेंगे।
महापौर रामू रोहरा ने बुधवार काे बताया कि धमतरी जिले में पर्यटन विकास की अपार संभावनाएं हैं। गंगरेल बांध और आसपास का प्राकृतिक सौंदर्य पहले से ही पर्यटकों को आकर्षित करता रहा है। ठेमली आइलैंड भी अपनी खूबसूरती और शांत वातावरण के कारण पर्यटन के प्रमुख केंद्र के रूप में उभर रहा है।
हालांकि, यहां पर्यटकों के ठहरने की समुचित व्यवस्था नहीं होने से वे चाहकर भी अधिक समय नहीं बिता पाते थे। इससे पहले भी इस स्थल के विकास के लिए एक करोड़ रुपये की राशि प्राप्त हुई थी। अब डेढ़ करोड़ रुपये की स्वीकृति मिलने से पर्यटन सुविधाओं को और बेहतर बनाने का रास्ता खुलेगा।
उन्होंने कहा कि ठहरने की बेहतर व्यवस्था विकसित होने से पर्यटकों की आवाजाही बढ़ेगी और स्थानीय लोगों के लिए रोजगार एवं स्वरोजगार के नए अवसर सृजित होंगे। होटल, परिवहन, खानपान सहित पर्यटन से जुड़ी अन्य गतिविधियों को भी प्रोत्साहन मिलेगा। इससे धमतरी जिले की अर्थव्यवस्था को मजबूती मिलने के साथ ही पर्यटन के क्षेत्र में जिले की नई पहचान बनेगी। महापौर ने कहा कि मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय के नेतृत्व में प्रदेश सरकार पर्यटन स्थलों के विकास और बुनियादी सुविधाओं के विस्तार को प्राथमिकता दे रही है। धमतरी के प्राकृतिक एवं पर्यटन स्थलों को प्रदेश और देश के प्रमुख पर्यटन केंद्रों के रूप में विकसित करने के लिए लगातार प्रयास किए जा रहे हैं। ठेमली आइलैंड के लिए मिली डेढ़ करोड़ रुपये की स्वीकृति इसी दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम है।
हिन्दुस्थान समाचार / रोशन सिन्हा

