कोरिया: पीएम-अजय योजना से बदलेगी तस्वीर, जिले में अनुसूचित जाति युवाओं के लिए स्वरोजगार का बड़ा अवसर
कोरिया, 01 जनवरी (हि.स.)। प्रधानमंत्री अनुसूचित जाति अभ्युदय (पीएम-अजय) योजना के अंतर्गत वर्ष 2025-26 के लिए कोरिया जिले को 81 इकाइयों का लक्ष्य प्राप्त हुआ है। इस लक्ष्य की पूर्ति 15 मार्च 2026 तक की जानी है। योजना के तहत अनुसूचित जाति वर्ग के पात्र एवं इच्छुक हितग्राहियों से 31 जनवरी 2026 तक आवेदन आमंत्रित किए गए हैं।
जिला अंत्यावसायी सहकारी विकास समिति मर्या., कोरिया के कार्यपालन अधिकारी कमलेश देवांगन ने बताया कि पीएम-अजय योजना का उद्देश्य अनुसूचित जाति वर्ग के युवक-युवतियों को स्वरोजगार से जोड़कर उन्हें आर्थिक रूप से सशक्त बनाना है। योजना के अंतर्गत हितग्राहियों को बैंकों के माध्यम से ऋण उपलब्ध कराया जाएगा, जिसमें स्वीकृत ऋण राशि का 50 प्रतिशत अथवा अधिकतम 50 हजार रुपये (जो भी कम हो) अनुदान के रूप में प्रदान किया जाएगा।
उन्होंने बताया कि इस योजना के तहत लघु उद्योग एवं व्यापार से जुड़ी विभिन्न आयजनक गतिविधियों के लिए ऋण प्रकरण तैयार कर बैंकों को भेजे जाएंगे। इनमें किराना, मनिहारी, कपड़ा दुकान, नाई सैलून, ब्यूटी पार्लर, टेलरिंग, फैंसी स्टोर, मोटर मैकेनिक, साइकिल मरम्मत, टीवी-रेडियो-मोबाइल रिपेयरिंग, मुर्गीपालन, बकरी पालन, सब्जी व्यवसाय, दोना-पत्तल निर्माण सहित अन्य लघु एवं कुटीर उद्योग शामिल हैं। स्थानीय आवश्यकता और परिस्थिति के अनुसार अन्य व्यवसायों को भी स्वीकृति दी जा सकती है।
योजना का लाभ लेने के लिए आवेदक का कोरिया जिले का मूल निवासी होना अनिवार्य है तथा उसका अनुसूचित जाति वर्ग से होना आवश्यक है। परिवार की वार्षिक आय 2.50 लाख रुपये से अधिक नहीं होनी चाहिए। आवेदक की आयु 18 से 50 वर्ष के बीच हो तथा किसी भी शासकीय योजना का पूर्व ऋण बकाया नहीं होना चाहिए। पात्र हितग्राहियों को भारत सरकार के मापदंडों के अनुसार अनुदान राशि प्रदान की जाएगी।
आवेदन निर्धारित प्रारूप में कार्यालय कलेक्टर स्थित जिला अंत्यावसायी सहकारी विकास समिति, कोरिया से प्राप्त कर वहीं जमा किए जा सकते हैं। कार्यपालन अधिकारी कमलेश देवांगन ने कहा कि स्वरोजगार की दिशा में कदम बढ़ाने के इच्छुक अनुसूचित जाति वर्ग के युवक-युवतियों के लिए यह एक सुनहरा अवसर है, जिससे न केवल स्वयं का व्यवसाय स्थापित होगा, बल्कि परिवार की आर्थिक स्थिति को भी मजबूती मिलेगी।
हिन्दुस्थान समाचार / पारस नाथ सिंह

