खालसा पंथ त्याग, सेवा और बलिदान का प्रतीक: रंजना साहू

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खालसा पंथ त्याग, सेवा और बलिदान का प्रतीक: रंजना साहू


धमतरी, 14 अप्रैल (हि.स.)। बैसाखी पर्व के पावन अवसर पर मंगलवार को भाजपा प्रदेश उपाध्यक्ष रंजना साहू शहर के गुरुद्वारे पहुंचीं, जहां उन्होंने गुरु ग्रंथ साहिब के समक्ष मत्था टेककर आशीर्वाद लिया और प्रदेश की सुख-समृद्धि की कामना की।

इस अवसर पर उन्होंने कहा कि, गुरु गोबिंद सिंह द्वारा वर्ष 1699 में स्थापित खालसा पंथ त्याग, सेवा और बलिदान का प्रतीक है। बैसाखी का दिन भारतीय इतिहास में विशेष महत्व रखता है, जब खालसा पंथ की स्थापना कर अन्याय के खिलाफ आवाज उठाने और धर्म की रक्षा का संदेश दिया गया। रंजना साहू ने कहा कि गुरु गोबिंद सिंह ने इसी दिन खालसा सजाकर मानवता की रक्षा का संकल्प लिया था। आज के समय में हमें उनके बताए सत्य, सेवा और साहस के मार्ग पर चलने की आवश्यकता है। उन्होंने बैसाखी को किसानों की मेहनत और समर्पण का उत्सव बताते हुए कहा कि यह पर्व खुशहाली और समृद्धि का प्रतीक है। गुरु घर में अरदास कर प्रदेश और देश में सुख-शांति और उन्नति की कामना की गई। इस दौरान गुरुद्वारा प्रबंधक कमेटी द्वारा उनका सम्मान किया गया। कार्यक्रम में समाज के प्रमुख पदाधिकारी एवं बड़ी संख्या में श्रद्धालु उपस्थित रहे।

हिन्दुस्थान समाचार / रोशन सिन्हा

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