कांकेर में अज्ञात चोरों के निशाने पर मंदिर, 72 घंटे में पांच मंदिरों में हुई चोरी

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कांकेर में अज्ञात चोरों के निशाने पर मंदिर, 72 घंटे में पांच मंदिरों में हुई चोरी


कांकेर, 13 जुलाई (हि.स.)। शहर में इन दिनों चोरों के हौसले इतने बुलंद हैं कि बीते 72 घंटों के भीतर शहर के पांच से अधिक प्राचीन और प्रतिष्ठित मंदिरों में चोरी की घटनाएं सामने आई हैं, जिससे पूरे शहर में आक्रोश का माहौल है। लगातार हो रही वारदातों के बाद अब लोग पुलिस की रात्रि गश्त और सुरक्षा व्यवस्था पर भी सवाल उठा रहे हैं। लगातार हो रही चोरियों से कांकेर के व्यापारी, पुजारी और सामाजिक संगठन ने मांग की है कि सभी प्रमुख मंदिरों में सीसीटीवी और अलार्म सिस्टम लगाए जाएं। साथ ही रात्रि में पुलिस गश्त को और सख्त किया जाए।

पुलिस से मिली जानकारी के अनुसार बीती रात अज्ञात चोरों ने दो मंदिरों को एक साथ निशाना बनाया। पहली वारदात शहर के राजापारा स्थित बालाजी मंदिर में हुई, वहीं दूसरी वारदात मरीन ड्राइव स्थित शिव मंदिर में। चोरों ने दोनों मंदिरों के ताले तोड़कर अंदर प्रवेश किया और दानपेटी में रखी नकदी लेकर फरार हो गए। आज साेमवार सुबह जब पुजारी और मंदिर समिति के सदस्य पूजा-अर्चना के लिए पहुंचे तो टूटे ताले और बिखरा सामान देखकर उनके होश उड़ गए।

राजापारा में स्थित बालाजी मंदिर में हुई चोरी को लेकर मंदिर समिति के अध्यक्ष ने बताया कि चोर मंदिर से लगे लक्ष्मी नारायण मंदिर की तरफ वाले रास्ते से निकले हैं। रात में बंद किया गया वह दरवाजा सुबह खुला मिला। अध्यक्ष के अनुसार सुबह लक्ष्मी महाराज ने सूचना दी कि गर्भगृह में रखी दानपेटी गायब है। उन्होंने कहा दानपेटी साल में एक बार ही खोली जाती है। इसलिए सटीक रकम बताना मुश्किल है। आमतौर पर इसमें 8 से 10 हजार रुपये तक होते हैं। इस बार अनुमानित 4-5 हजार रुपये रहे होंगे।

गौरतलब है कि बालाजी और शिव मंदिर से पहले भी चोर रियासत कालीन बड़े शीतला मंदिर, शनि मंदिर और राईसमिल पारा स्थित मंदिर में चोरी कर चुके हैं। हर बार चोरों का तरीका एक जैसा रहा है। रात में ताले तोड़ना, दानपेटी उठाना और अंधेरे का फायदा उठाकर निकल जाना। लगातार मंदिरों को निशाना बनाए जाने से श्रद्धालुओं में भारी नाराजगी है। मंदिर समितियों का कहना है कि नवरात्रि और त्योहारों के समय दानपेटियों में रकम अधिक होती है, ऐसे में सुरक्षा बढ़ाई जानी चाहिए। इन घटनाओं के बाद शहरवासियों का सवाल है कि जब शहर के प्रमुख मंदिर ही सुरक्षित नहीं हैं तो आम नागरिक खुद को कैसे सुरक्षित महसूस करें।

कांकेर के अतिरिक्त पुलिस अधीक्षक योगेश साहू ने बताया कि दोनों नए मामलों में शिकायत दर्ज कर ली गई है। पुलिस टीमों का गठन कर आस-पास लगे सीसीटीवी कैमरों के फुटेज खंगाले जा रहे हैं। संदिग्धों की पहचान के लिए मुखबिर तंत्र भी सक्रिय किया गया है। उन्हाेने कहा हमने रात्रि गश्त बढ़ा दी है। पीसीआर वाहनों को मंदिरों के आस-पास राउंड लेने के निर्देश दिए गए हैं। जल्द ही आरोपियों को गिरफ्तार कर लिया जाएगा। पुलिस का संदेह है कि एक ही गिरोह इन सभी वारदातों को अंजाम दे रहा है।

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हिन्दुस्थान समाचार / राकेश पांडे

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