तीज पर्व : दिनभर निर्जला उपवास रखेंगी महिलाएं
धमतरी, 13 सितंबर (हि.स.)। तीज का पर्व 14 सितंबर को मनाया जाएगा। इससे पहले रविवार को महिलाओं ने करु भात (करेला) खाया और पर्व की शुरुआत की। अर्धरात्रि से सुहागिन महिलाओं का अपने पति की लंबी उम्र के लिए निर्जला व्रत शुरू हुआ। आज शाम या रात में भगवान शिव और पार्वती की पूजा के साथ कथा सुनेंगी। दूसरे दिन यानी 15 सितंबर की सुबह स्नान, पूजा के बाद फलाहार करेगी। पर्व को लेकर बाजार में रौनक रही। कपड़ा दुकानों में साड़ी व अन्य सामग्री खरीदने महिलाओं की भीड़ लगी रही।
सुहागिनों के सबसे बड़े पर्व तीज पर मायका जाने का सिलसिला रविवार को भी चला। मंगलवार को संध्या काल में नए वस्त्राभूषण से सुसज्जित होकर रेत से शिवलिंग निर्माण कर पूजन कर हरितालिका व्रत कथा का श्रवण करने से व्रत सफल होता है। 15 सितंबर की सुबह माता की पूजा, आरती के बाद फलाहार व सोलह श्रृंगार किया जाएगा।
व्रत के दिन प्यास न लगे इसलिए खाते हैं करेला:
पंडित बालेन्द पाण्डेय ने बताया कि तीज व्रत के पूजन में दूध, दही, पंचामृत से भगवान का अभिषेक जरूर करें। रात्रि में किसी भी समय पूजन किया जा सकता है। इसके लिए अलग से किसी भी मुहूर्त का उल्लेख नहीं है। तीज व्रत से पहले कड़ू भात का नेंग पूरा किया जाता है। इसके पीछे वैज्ञानिक तथ्य है कि करेले का सेवन करने से शरीर में पानी की कमी नहीं होती। इसलिए महिलाओं को निर्जला व्रत के दौरान प्यास नहीं लगती।
पति के दीर्घायु और परिवार की सुख-समृद्धि की कामना का पर्व है तीजा:
पंडित राजकुमार तिवारी ने बताया कि यह पर्व पति के दीर्घायु जीवन और परिवार की सुख-समृद्धि की कामना का पर्व है। गणेश चतुर्थी की सुबह तक यानी लगभग 36 घंटे तक महिलाएं यह व्रत रखती हैं। महिलाएं इस दौरान बगैर कुछ खाए-पिए भगवान शिव और पार्वती की आराधना करती हैं। व्रत का समापन गणेश चतुर्थी के दिन यानि मंगलवार को होगा। सुबह महिलाएं पारंपरिक व्यंजन खाकर अपना उपवास खाेलेंगी। छत्तीसगढ़ समेत अन्य राज्यों में तीजा से जुड़ी अहम परंपरा व्रत के लिए मायके जाने की है। तीजा से एक दिन पहले शहर के रेलवे स्टेशन और बस स्टैण्ड में तिजाहारिनों की भारी भीड़ देखने को मिली।
हिन्दुस्थान समाचार / रोशन सिन्हा

