सुकमा वनमंडल में 06 वन अपराध मामलाें में आठ लाख के सागौन जब्त
सुकमा , 22 अक्टूबर (हि.स.)। जिले के वन संपदा की अवैध कटाई, संग्रहण और परिवहन के खिलाफ वन विभाग ने सुकमा वनमंडल में अक्टूबर महीने में अब तक 06 वन अपराध प्रकरण दर्ज किए गए हैं। कार्रवाई के दौरान लगभग 08 लाख रुपये कीमत की सागौन लकड़ी, फर्नीचर और अन्य लकड़ी सामग्री जब्त की गई है। अवैध परिवहन में इस्तेमाल किए जा रहे 02 ट्रैक्टर और 02 ऑटो रिक्शा भी जब्त किए गए हैं। खास बात यह है कि 21 अक्टूबर की रात में एक ट्रैक्टर में रेत के नीचे लकड़ी छिपाकर ले जाने का मामला सामने आया। वन विभाग ने संबंधित मामलों में वैधानिक कार्रवाई शुरू कर दी है।
उपवनमंडलाधिकारी परख सारड़ा ने गुरुवार काे बताया कि उड़नदस्ता दल, सुकमा वन परिक्षेत्र कार्यालय और गोलापल्ली वन परिक्षेत्र के कर्मचारियों ने गुप्त सूचना के आधार पर अलग-अलग स्थानों पर कार्रवाई की। अब तक करीब 4.724 घनमीटर सागौन चिरान, सागौन से बने फर्नीचर और अन्य लकड़ी सामग्री जब्त की गई है। कार्रवाई के दौरान टूरकापारा (नीलावरम) निवासी मंगल राम मरकाम और कवासी हड़मा के खिलाफ वन अपराध प्रकरण दर्ज किया गया। इनके मामले में ऑटो रिक्शा सहित 10 नग सागौन चिरान जब्त किए गए। वहीं, चिचोरगुड़ा (नीलावरम) सागौन चिरान जब्त किए गए। वहीं, चिचोरगुड़ा (नीलावरम) निवासी दूधी छोटू/गंगा के मामले में 54 नग सागौन चिरान जब्त किए गए। सुकमा के पटनमपारा निवासी खरीम के यहां से 0.668 घनमीटर सागौन से बनी फर्नीचर सामग्री जब्त की गई। वहीं, मस्तानपारा निवासी आकाश नाग के मामले में 60 नग सागौन चिरान जब्त किए गए।
उन्हाेंने बताया कि इसके अलावा, तेलंगाना के तीन व्यक्तियों के खिलाफ कार्रवाई करते हुए एक ट्रैक्टर और करीब 1.6 घनमीटर लकड़ी जब्त की गई। विभाग के अनुसार, अवैध परिवहन में इस्तेमाल किए जा रहे वाहनों को भी जब्त किया गया है। 21 अक्टूबर की रात में रेत के नीचे लकड़ी छिपाकर ले जाने का मामला सामने आने के बाद अवैध परिवहन के तरीकों पर भी विभाग की नजर है। वन विभाग ने संबंधित मामलों में वन अपराध प्रकरण दर्ज कर वैधानिक कार्रवाई शुरू की है। विभाग के अनुसार कुछ आरोपियों के फर्नीचर लाइसेंस निरस्त करने की प्रक्रिया भी चल रही है। वन विभाग ने स्पष्ट किया है कि वन संपदा की अवैध कटाई, संग्रहण और परिवहन में संलिप्त लोगों के खिलाफ नियमानुसार कठोर कार्रवाई की जाएगी। साथ ही आम नागरिकों से ऐसी गतिविधियों की जानकारी मिलने पर निकटतम वन कार्यालय को सूचना देने की अपील की गई है।
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हिन्दुस्थान समाचार / राकेश पांडे

