शिक्षक एक पीढ़ी के चरित्र और सोच का निर्माता होता है : मंत्री रामविचार नेताम

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शिक्षक एक पीढ़ी के चरित्र और सोच का निर्माता होता है : मंत्री रामविचार नेताम


बलरामपुर में जिलास्तरीय शिक्षक सम्मान समारोह, 21 उत्कृष्ट शिक्षकों को ज्ञानदीप एवं शिक्षादूत पुरस्कार से किया गया सम्मानित

बलरामपुर, 05 सितंबर (हि.स.)। शिक्षक दिवस के अवसर पर आज शनिवार को जिला मुख्यालय स्थित ऑडिटोरियम भवन में जिलास्तरीय शिक्षक सम्मान समारोह आयोजित किया गया। समारोह में कृषि मंत्री रामविचार नेताम मुख्य अतिथि के रूप में शामिल हुए। कार्यक्रम की शुरुआत पूर्व राष्ट्रपति और महान शिक्षाविद डॉ. सर्वपल्ली राधाकृष्णन के छायाचित्र पर माल्यार्पण और दीप प्रज्ज्वलन के साथ हुई।

मंत्री रामविचार नेताम ने शिक्षकों, विद्यार्थियों और अभिभावकों को शिक्षक दिवस की शुभकामनाएं देते हुए कहा कि देश के भविष्य को तैयार करने में शिक्षकों की भूमिका बेहद महत्वपूर्ण है। शिक्षक सिर्फ बच्चों को किताबों का ज्ञान देने तक सीमित नहीं होता, बल्कि वह उनके व्यक्तित्व, सोच और चरित्र को भी आकार देता है।

उन्होंने कहा कि डॉ. सर्वपल्ली राधाकृष्णन देश के सर्वोच्च पद पर पहुंचने के बाद भी स्वयं को शिक्षक मानते रहे। उनका जीवन आज के शिक्षकों के लिए प्रेरणा है। माता-पिता बच्चे को जन्म देते हैं, लेकिन उसके व्यक्तित्व को निखारने, सही दिशा दिखाने और भविष्य के लिए तैयार करने में शिक्षक की महत्वपूर्ण भूमिका होती है।

मंत्री ने कहा कि राज्य सरकार विद्यार्थियों को बेहतर शिक्षा और सुविधाएं उपलब्ध कराने के लिए प्रयासरत है। मुख्यमंत्री की मंशा के अनुरूप जिले में प्रयास विद्यालय और नर्सिंग महाविद्यालय की स्थापना की जा रही है। इससे जिले के विद्यार्थियों और युवाओं को शिक्षा एवं रोजगार की तैयारी के लिए स्थानीय स्तर पर बेहतर अवसर मिल सकेंगे।

कलेक्टर चंदन संजय त्रिपाठी ने कहा कि विद्यार्थी के जीवन में शिक्षक पहला पथ प्रदर्शक होता है। शिक्षक विद्यार्थियों को केवल शिक्षा ही नहीं देते, बल्कि उन्हें समाज और राष्ट्र के प्रति जिम्मेदार नागरिक बनने की दिशा भी दिखाते हैं।

उन्होंने शिक्षकों से अपील की कि वे विद्यार्थियों के जीवन पर ऐसा सकारात्मक प्रभाव छोड़ें, जिससे वे आगे चलकर समाज के लिए उदाहरण बन सकें।

21 उत्कृष्ट शिक्षकों का हुआ सम्मान

समारोह में जिले के विभिन्न विकासखंडों से चयनित 21 उत्कृष्ट शिक्षकों को ज्ञानदीप एवं शिक्षादूत पुरस्कार से सम्मानित किया गया। ज्ञानदीप पुरस्कार में शासकीय माध्यमिक शाला कोरवापारा, राजपुर के शिक्षक श्याम सुंदर चौरगे को प्रथम स्थान, शासकीय पूर्व माध्यमिक शाला डौरा की शिक्षिका नीलीमा एक्का को द्वितीय और शासकीय पूर्व माध्यमिक शाला चिरई, शंकरगढ़ के प्रधान पाठक जवाहर लाल पैकरा को तृतीय पुरस्कार प्रदान किया गया।

इसके अलावा जिले के अलग-अलग विकासखंडों से चयनित 18 शिक्षकों को शिक्षादूत पुरस्कार से सम्मानित किया गया। सम्मान मिलने पर शिक्षकों ने इसे अपने लिए गौरव का क्षण बताया।

समारोह में पूर्व जिला पंचायत अध्यक्ष पुष्पा नेताम, जनपद पंचायत उपाध्यक्ष बबली देवी, नगर पालिका उपाध्यक्ष दिलीप सोनी, पुलिस अधीक्षक वैभव बैंकर, जिला पंचायत सीईओ डॉ. आशुतोष चतुर्वेदी सहित स्थानीय जनप्रतिनिधि, शिक्षक और बड़ी संख्या में स्कूली छात्र-छात्राएं मौजूद रहे।

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हिन्दुस्थान समाचार / विष्णु पांडेय

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