धमतरी में जलकर नहीं पटने वाले पांच उपभोक्ताओं के काटे गए टेपनल कनेक्शन

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धमतरी में जलकर नहीं पटने वाले पांच उपभोक्ताओं के काटे गए टेपनल कनेक्शन


धमतरी, 16 जनवरी (हि.स.)। नगर निगम धमतरी द्वारा जलकर बकाया वसूली अभियान की औपचारिक शुरुआत कर दी गई है। निगम ने समय पर जलकर नहीं पटाने वाले पांच उपभोक्ताओं के टेपनल कनेक्शन को आज काट दिया है। निगम का कहना है कि समय पर जलकर नहीं पटने वाले उपभोक्ताओं के टेपनल कनेक्शन इसी तरह काटे जाएंगे

लंबे समय से जलकर जमा नहीं करने वाले उपभोक्ताओं के विरुद्ध नगर निगम ने चरणबद्ध कार्रवाई प्रारंभ की गई है। अभियान के पहले दिन रामसागर पारा वार्ड में निगम की टीम द्वारा पूर्व में बिल सूचना दी गई। उपभोक्ताओं को भुगतान के लिए पर्याप्त समय दिया गया था। इसके बावजूद निर्धारित अवधि में जल शुल्क जमा नहीं करने वाले उपभोक्ताओं पर सख्त कदम उठाते हुए पांच जल उपभोक्ताओं के टेपनल कनेक्शन विच्छेदित किए गए।

नगर निगम प्रशासन का कहना है कि जलकर निगम की आय का प्रमुख स्रोत है, इसलिए समय पर जल शुल्क का भुगतान करना प्रत्येक उपभोक्ता की जिम्मेदारी है। निगम ने नागरिकों से अपील की है कि वे लंबित जलकर राशि शीघ्र जमा कर लें, जिससे किसी भी प्रकार की दंडात्मक कार्रवाई से बचा जा सके।

निगम प्रशासन ने स्पष्ट किया है कि यह अभियान सतत रूप से जारी रहेगा तथा आगामी दिनों में शहर के सभी वार्डों में बकायादार उपभोक्ताओं के विरुद्ध इसी प्रकार की कार्रवाई की जाएगी। नगर निगम के एमआईसी मेंबर व जल विभाग के प्रभारी सदस्य अखिलेश सोनकर ने कहा कि नगर निगम की सुविधा लेने वाले उपभोक्ताओं को समय पर कर का भुगतान करना चाहिए। निगम प्रशासन द्वारा जनहित में यह अभियान आगे भी निरंतर जारी रहेगा।

कार्रवाई में दल प्रभारी प्रभारी मोहम्मद शेरखान, आलोक तिवारी, चैतन्य चंदेल, पंचराम सिन्हा, परशुराम, अशोक कुमार, योगेश, कमलेश साहू, कन्हैया मांडवी, खिलावन रजक, सनी वाल्मीकि, सरिता सोना एवं कंचन किरण शामिल रहे।

लाखों का राजस्व बकाया

जानकारी के अनुसार नगर निगम को संपत्ति कर, दुकान किराया, जलकर के रूप में लाखों रुपये वसूल करने हैं। शहर के कई नागरिक नगर निगम से सुविधा लेने के लिए नल कनेक्शन और दुकान किराए पर तो ले लेते हैं, लेकिन नियमित इसका शुल्क नहीं पटाते। इसके चलते शुल्क बढ़ते बढ़ते पहले सैकड़ों फिर हजारों और बाद में लाखों तक पहुंच जाता है। नगर निगम क्षेत्र में सैकड़ों लोग हैं जिनका राजस्व बकाया है। बार-बार निगम द्वारा नोटिस दिए जाने के बाद भी कुछ असर नहीं होता। तालाबंदी और जब्ती की कार्रवाई अपनाने के बाद लोग शुल्क पटाने पहुंचते हैं।

हिन्दुस्थान समाचार / रोशन सिन्हा

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