आयुष पालीक्लिनिक में 250 से अधिक बच्चों को पिलाया गया स्वर्णप्राशन ड्राप
धमतरी, 18 जून (हि.स.)। बच्चों की बेहतर सेहत और मजबूत प्रतिरक्षा क्षमता के संकल्प के साथ शासकीय आयुष पालीक्लिनिक धमतरी में गुरुवार को पुष्य नक्षत्र के अवसर पर स्वर्णप्राशन संस्कार कराया गया। इस विशेष अभियान में 250 से अधिक बच्चों को स्वर्णप्राशन की आयुर्वेदिक ड्राप पिलाई गई। वहीं उनके शारीरिक विकास पर नजर रखने के लिए वजन और ऊंचाई का भी मापन किया गया।
आयुष विभाग द्वारा प्रत्येक पुष्य नक्षत्र पर आयोजित किए जाने वाले इस कार्यक्रम में बड़ी संख्या में अभिभावक अपने बच्चों को लेकर पहुंचते हैं। आयुर्वेद में स्वर्णप्राशन संस्कार को बच्चों की रोग प्रतिरोधक क्षमता बढ़ाने और उनके सर्वांगीण विकास के लिए लाभकारी माना जाता है। हर 27 दिन में आने वाले पुष्य नक्षत्र में शून्य से 16 वर्ष तक के बच्चों को स्वर्णप्राशन संस्कार कराया जाता है। यही वजह है कि हर माह 200 से अधिक बच्चे स्वर्णप्राशन संस्कार कराने शासकीय आयुष पालीक्लिनिक पहुंच रहे हैं।
संस्था के नोडल एवं आयुर्वेद चिकित्सा अधिकारी डा. अवध पचौरी ने बताया कि छोटे बच्चों के शारीरिक एवं मानसिक विकास में स्वर्णप्राशन के माध्यम से गुणात्मक सुधार देखने को मिल रहा है। इसी उद्देश्य से आयुष विभाग द्वारा नियमित रूप से पुष्य नक्षत्र पर स्वर्णप्राशन कार्यक्रम आयोजित किया जा रहा है, ताकि अधिक से अधिक बच्चों को आयुर्वेद आधारित स्वास्थ्य लाभ मिल सके और उनके स्वस्थ भविष्य की मजबूत नींव तैयार हो सके।
आयुष चिकित्सक डा. योगेश नेताम ने बताया कि स्वर्णप्राशन संस्कार से बच्चों की रोग प्रतिरोधक क्षमता बढ़ाने में मदद मिल रही है। इसके नियमित सेवन से बच्चों के वजन में वृद्धि, कुपोषण में कमी और पाचन तंत्र में सुधार देखा जा रहा है। इसके अलावा यह बच्चों की भूख बढ़ाने, स्मरण शक्ति को मजबूत करने और मानसिक विकास को प्रोत्साहित करने में भी सहायक है।
हिन्दुस्थान समाचार / रोशन सिन्हा

