कचरे से कमाई, स्वच्छता से आत्मनिर्भरता की राह पर प्रतिमा टोप्पो
बलरामपुर, 23 सितंबर (हि.स.)। स्वच्छ भारत मिशन से जुड़कर बलरामपुर की प्रतिमा टोप्पो स्वच्छता के साथ अपने परिवार की आर्थिक जरूरतों में भी योगदान दे रही हैं। आज वे स्वच्छाग्रही के रूप में रिक्शे से घर-घर जाकर कचरा संग्रहण करती हैं और उसे सेग्रीगेशन शेड तक पहुंचाकर अलग-अलग करती हैं।
प्रतिमा टोप्पो पुनर्चक्रण योग्य सामग्री को अलग कर बेचती हैं, जिससे उन्हें अतिरिक्त आय होती है। स्वच्छता कार्य से उन्हें करीब 8 हजार रुपये मासिक मानदेय मिलता है, जबकि सामग्री की बिक्री से 4 से 5 हजार रुपये तक की अतिरिक्त आय हो जाती है। इस तरह वे हर माह करीब 12 से 15 हजार रुपये तक अर्जित कर रही हैं।
प्रतिमा बताती हैं कि पहले परिवार की जरूरी जरूरतें पूरी करना कठिन था, लेकिन स्वच्छता कार्य से जुड़ने के बाद अब वे राशन सहित अन्य घरेलू खर्चों में सहयोग कर पा रही हैं। उनके लिए यह काम केवल रोजगार का साधन नहीं, बल्कि आत्मनिर्भरता और सम्मान का अवसर भी है।
स्वच्छता से जुड़कर प्रतिमा की तरह जिले की कई महिलाएं परिवार की आर्थिक स्थिति मजबूत करने में योगदान दे रही हैं। स्वच्छ भारत मिशन के तहत कचरा संग्रहण, पृथक्करण और पुनर्चक्रण से जुड़ी गतिविधियां स्वच्छता के साथ आजीविका के अवसर भी उपलब्ध करा रही हैं।
प्रतिमा टोप्पो की कहानी बताती है कि स्वच्छता से जुड़ी गतिविधियां शहर को साफ रखने के साथ परिवारों की आर्थिक स्थिति मजबूत करने का माध्यम भी बन सकती हैं।
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हिन्दुस्थान समाचार / विष्णु पांडेय

