कोरिया : विधायक और कलेक्टर ने खुद सुनीं 14 गांवों की समस्याएं, हाथों-हाथ बांटी 'खुशियों की चाबी'

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कोरिया : विधायक और कलेक्टर ने खुद सुनीं 14 गांवों की समस्याएं, हाथों-हाथ बांटी 'खुशियों की चाबी'


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कोरिया : विधायक और कलेक्टर ने खुद सुनीं 14 गांवों की समस्याएं, हाथों-हाथ बांटी 'खुशियों की चाबी'


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कोरिया : विधायक और कलेक्टर ने खुद सुनीं 14 गांवों की समस्याएं, हाथों-हाथ बांटी 'खुशियों की चाबी'


कोरिया, 02 जून (हि.स.)। मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय के निर्देश पर प्रदेश भर में आयोजित हो रहे 'राज्यस्तरीय सुशासन तिहार' के तहत एक अनूठी पहल देखने को मिली। कोरिया जिला कलेक्टर रोक्तिमा यादव के मार्गदर्शन में बैकुंठपुर जनपद पंचायत के ग्राम सलका में महुआ के पेड़ की छांव तले, खुले मैदान में एक भव्य जनसमस्या निवारण शिविर का आयोजन किया गया।

शासन-प्रशासन को अपने इतने करीब पाकर सलका, सलबा, भण्डारपारा, अमरपुर, पोटेडांड, मनसुख, डोहडा, चिल्का, सरईगहना, मुडीझरिया, बस्ती, जामपारा, केनापारा और सागरपुर सहित कुल 14 गांवों के ग्रामीण बड़ी संख्या में अपनी मांगें और समस्याएं लेकर पहुंचे।

शिविर के मुख्य अतिथि बैकुंठपुर विधानसभा क्षेत्र के विधायक भईया लाल राजवाड़े ने सीधे ग्रामीणों के बीच बैठकर उनसे आत्मीय संवाद किया। उन्होंने मंच से परे जाकर लोगों से पूछा कि उन्हें प्रधानमंत्री आवास योजना, महतारी वंदन योजना और पेयजल जैसी बुनियादी सुविधाओं का लाभ सही तरीके से मिल रहा है या नहीं। ग्रामीणों की बात सुनने के बाद विधायक ने मौके पर मौजूद अधिकारियों को कड़े निर्देश देते हुए कहा कि ग्रामीणों और किसानों की छोटी से छोटी समस्या का भी प्राथमिकता के आधार पर तुरंत समाधान होना चाहिए। उन्होंने कहा कि सरकार की मंशा हर जरूरतमंद तक सीधे लाभ पहुंचाने की है और इसमें कोई ढिलाई बर्दाश्त नहीं की जाएगी।

इस दौरान प्रशासनिक संवेदनशीलता का परिचय देते हुए कलेक्टर रोक्तिमा यादव ने खुद आगे बढ़कर कई आवेदकों से आवेदन लिए और उनकी समस्याओं को गहराई से समझा। उन्होंने मौके पर ही संबंधित अधिकारियों को वस्तुस्थिति की जांच कर आवश्यक कार्रवाई करने के निर्देश दिए। जिला पंचायत के मुख्य कार्यपालन अधिकारी (सीईओ) डॉ. आशुतोष चतुर्वेदी ने भी ग्रामीणों को आश्वस्त किया कि शिविर में प्राप्त सभी आवेदनों का गुणवत्तापूर्ण और समय-सीमा के भीतर निपटारा सुनिश्चित किया जाएगा।

यह शिविर केवल समस्याओं के निवारण तक ही सीमित नहीं रहा, बल्कि विकास और सामाजिक सरोकार का केंद्र भी बना। महिला एवं बाल विकास विभाग द्वारा शिविर स्थल पर ही पारंपरिक रीति-रिवाजों के साथ 'गोद भराई' और बच्चों का 'अन्नप्राशन' कार्यक्रम आयोजित किया गया। इसके साथ ही, जिले को सामाजिक कुरीतियों से बचाने के लिए विधायक राजवाड़े ने उपस्थित सभी ग्रामीणों को 'बाल विवाह मुक्त जिला' बनाने का संकल्प दिलाते हुए शपथ दिलवाई।

शिविर के अंतिम चरण में शासन की योजनाओं के तहत बड़े पैमाने पर हितग्राहीमूलक सामग्रियों का वितरण किया गया। जरूरतमंदों को आयुष्मान कार्ड, वय वंदन कार्ड, जन्म प्रमाण पत्र, फूड बास्केट और आइस बॉक्स सौंपे गए, तो वहीं दिव्यांगजनों एवं वरिष्ठ नागरिकों को सहारा देने के लिए सहायक उपकरण के रूप में छड़ियां प्रदान की गईं। शिविर का सबसे भावुक और ऐतिहासिक पल वह रहा, जब प्रधानमंत्री आवास योजना (ग्रामीण) के तहत अपने सपनों का घर पूरा करने वाले हितग्राहियों को मुख्य अतिथि द्वारा 'खुशियों की चाबी' और अभिनंदन पत्र सौंपे गए।

इस महत्वपूर्ण और सफल आयोजन के दौरान जिला पंचायत अध्यक्ष मोहित पैकरा, जिला पंचायत उपाध्यक्ष वंदना राजवाड़े, जनपद सदस्य जगमनी टोप्पो, एसडीएम उमेश पटेल सहित ग्राम पंचायत दोहड़ा की सरपंच यशोदा, मनसुख की सरपंच दिल कुंवर, सलका के सरपंच दुर्गा सिंह, पोटेडांड की सरपंच दुर्गावती और विभिन्न विभागों के अधिकारी-कर्मचारी बड़ी संख्या में मौजूद रहे।

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हिन्दुस्थान समाचार / पारस नाथ सिंह

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