नक्सल पीड़ितों , बलिदानी जवानों व आत्मसमर्पित नक्सलियों के मामलों का त्वरित निराकरण के निर्देश

WhatsApp Channel Join Now
नक्सल पीड़ितों , बलिदानी जवानों व आत्मसमर्पित नक्सलियों के मामलों का त्वरित निराकरण के निर्देश


बीजापुर, 14 जुलाई (हि.स.)। बीजापुर जिले के कलेक्टर विश्वदीप एवं पुलिस अधीक्षक डॉ. जितेन्द्र यादव ने आज मंगलवार को नक्सल प्रकरणों, नक्सल पीडि़तों की सहायता, शहीद जवानों के सम्मान तथा आत्मसमर्पित नक्सलियों के पुनर्वास से संबंधित लंबित मामलों की विस्तृत समीक्षा की।

बैठक में अपर कलेक्टर, संयुक्त कलेक्टर, अतिरिक्त पुलिस अधीक्षक, सभी एसडीएम, एसडीओपी सहित संबंधित विभागों के वरिष्ठ अधिकारी उपस्थित थे। बैठक में नक्सल प्रकरण वापसी से संबंधित लंबित मामलों की समीक्षा करते हुए कलेक्टर एवं पुलिस अधीक्षक ने आवश्यक दस्तावेजों की पूर्ति कर शीघ्र निराकरण सुनिश्चित करने के निर्देश दिए। नक्सल पीडि़तों को अनुग्रह सहायता राशि (भुगतान) एवं अनुकंपा नियुक्ति से जुड़े लंबित प्रकरणों पर विशेष चर्चा करते हुए पात्र हितग्राहियों को प्राथमिकता के आधार पर राहत उपलब्ध कराने को कहा गया।

समीक्षा के दौरान नक्सली हिंसा में मारे गए एवं घायल ग्रामीणों को शासन द्वारा प्रदत्त सहायता, उपचार एवं अन्य सुविधाओं से संबंधित लंबित मामलों की भी जानकारी ली गई। अधिकारियों को निर्देशित किया गया कि ऐसे मामलों में किसी भी प्रकार की देरी न हो और प्रभावित परिवारों तक योजनाओं का लाभ समयबद्ध तरीके से पहुंचे। बैठक में शहीद जवानों एवं ग्रामीणों की स्मृति में सम्मानजनक पहल पर भी चर्चा हुई। 05 या उससे अधिक शहीद जवानों के नाम पर चौक, चौराहों एवं मार्गों के नामकरण तथा 03 या उससे अधिक ग्रामीणों की हत्या वाले प्रकरणों में संबंधित स्थानों के नामकरण हेतु प्राप्त प्रस्तावों की समीक्षा कर आवश्यक कार्यवाही करने पर विचार किया गया।

आत्मसमर्पित नक्सलियों की घोषित इनामी राशि के भुगतान से संबंधित लंबित प्रकरणों की समीक्षा करते हुए शीघ्र भुगतान सुनिश्चित करने के निर्देश दिए गए। साथ ही, छत्तीसगढ़ के माओवादियों द्वारा अन्य राज्यों में किए गए आत्मसमर्पण के मामलों में अंतरराज्यीय समन्वय बढ़ाने और आवश्यक औपचारिकताओं को समय पर पूरा करने पर चर्चा की गई।

कलेक्टर विश्वदीप ने आत्मसमर्पित नक्सलियों के पुनर्वास एवं रोजगार उपलब्ध कराने के लिए कौशल विकास प्रशिक्षण, स्वरोजगार योजनाओं और अन्य पुनर्वास कार्यक्रमों के प्रभावी क्रियान्वयन पर जोर दिया। उन्होंने कहा कि पुनर्वास प्रक्रिया को केवल आर्थिक सहायता तक सीमित न रखते हुए उन्हें समाज की मुख्यधारा से जोडऩे के लिए स्थायी रोजगार के अवसर उपलब्ध कराना आवश्यक है। बैठक के अंत में सभी संबंधित विभागों को निर्देशित किया गया कि लंबित प्रकरणों का समयबद्ध निराकरण सुनिश्चित किया जाए तथा पात्र हितग्राहियों को शासन की योजनाओं का लाभ प्राथमिकता के आधार पर उपलब्ध कराया जाए, ताकि प्रभावित परिवारों को शीघ्र राहत और पुनर्वास का लाभ मिल सके।

हिन्दुस्थान समाचार / राकेश पांडे

Share this story