महिला स्व-सहायता समूह की बसंती राजवाड़े कमा रहीं 32 हजार रुपये महीने, कलेक्टर ने की सराहना
सूरजपुर, 17 अक्टूबर (हि.स.)। ग्रामीण क्षेत्र में स्वरोजगार के जरिए आर्थिक आत्मनिर्भरता की मिसाल पेश कर रहीं पूजा महिला स्व-सहायता समूह की सदस्य बसंती राजवाड़े के कामकाज का शनिवार को कलेक्टर रेना जमील ने जायजा लिया। रामानुजनगर जनपद पंचायत के कृष्णपुर गांव पहुंचकर उन्होंने बसंती द्वारा संचालित ऑयल मिल, आटा चक्की और धान मिल की गतिविधियों की जानकारी ली। इस दौरान व्यवसाय से होने वाली आमदनी और आगे विस्तार की संभावनाओं पर भी चर्चा हुई।
बसंती राजवाड़े ने कलेक्टर को बताया कि तीनों आजीविका गतिविधियों से उन्हें हर महीने लगभग 32 हजार रुपये की आमदनी होती है। इसमें से करीब 10 हजार रुपये मशीनों के संचालन और रखरखाव पर खर्च हो जाते हैं। उनकी ऑयल मिल में तैयार सरसों तेल की आपूर्ति सूरजपुर के साथ अंबिकापुर में भी की जा रही है। इससे उनके व्यवसाय को स्थानीय बाजार से बाहर भी पहचान मिल रही है।
कलेक्टर रेना जमील ने बसंती के प्रयासों की सराहना करते हुए उन्हें कारोबार का विस्तार करने और आजीविका के अन्य अवसरों से जुड़ने के लिए प्रेरित किया। उन्होंने परिसर में साफ-सफाई बनाए रखने तथा मशीनों के उचित रखरखाव पर ध्यान देने के निर्देश भी दिए।
कलेक्टर ने कहा कि महिला स्व-सहायता समूहों के माध्यम से संचालित गतिविधियां ग्रामीण महिलाओं को अपनी आय बढ़ाने और आर्थिक रूप से आत्मनिर्भर बनने का अवसर देती हैं। इस दौरान जिला पंचायत के मुख्य कार्यपालन अधिकारी विजेंद्र सिंह पाटले सहित संबंधित अधिकारी-कर्मचारी मौजूद रहे।
ग्रामीण महिलाओं के लिए स्वरोजगार के अवसर
जिले में महिला सशक्तीकरण और आर्थिक आत्मनिर्भरता को बढ़ावा देने के लिए स्व-सहायता समूहों के माध्यम से आजीविका गतिविधियों को प्रोत्साहित किया जा रहा है। ऐसे प्रयासों से महिलाएं अपने कौशल और मेहनत के दम पर व्यवसाय खड़ा कर रही हैं तथा परिवार की आर्थिक स्थिति मजबूत करने में योगदान दे रही हैं।
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हिन्दुस्थान समाचार / विष्णु पांडेय

