सूरजपुर में शैक्षणिक नवाचार की पहल, ‘सूर्योदय’ से शिक्षा और ‘शब्दबीज’ से समृद्ध होगी बच्चों की भाषा

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सूरजपुर में शैक्षणिक नवाचार की पहल, ‘सूर्योदय’ से शिक्षा और ‘शब्दबीज’ से समृद्ध होगी बच्चों की भाषा


सूरजपुर, 30 सितंबर (हि.स.)।सूरजपुर जिले में गुणवत्तापूर्ण शिक्षा को बढ़ावा देने और बच्चों की भाषायी क्षमता विकसित करने के लिए जिला प्रशासन ने दो शैक्षणिक नवाचारों की शुरुआत की है। आज बुधवार को साधुराम ऑडिटोरियम में आयोजित करियर मार्गदर्शन कार्यक्रम में ‘सूर्योदय सूरजपुर’ और ‘शब्दबीज’ पत्रिकाओं का विमोचन किया गया। इनमें शैक्षणिक कार्ययोजना के साथ बच्चों के सीखने और भाषा विकास से जुड़ी गतिविधियों को शामिल किया गया है।

‘सूर्योदय सूरजपुर’ में प्राथमिक और उच्च प्राथमिक विद्यालयों में गुणवत्तापूर्ण अध्यापन तथा बेहतर परीक्षा परिणाम के लिए वर्ष 2026-27 की कार्ययोजना प्रस्तुत की गई है। कक्षा पहली से आठवीं तक के बच्चों में ज्ञान, कौशल, समझ और अभिव्यक्ति के विकास पर जोर दिया गया है। इसके साथ ही बुनियादी साक्षरता एवं संख्या ज्ञान के साथ तर्क, विश्लेषण, समस्या समाधान, रचनात्मकता और जीवन कौशल विकसित करने की दिशा में गतिविधियां संचालित की जाएंगी।

‘शब्दबीज’ पहल का उद्देश्य बच्चों की शब्द-संपदा और अभिव्यक्ति क्षमता को मजबूत करना है। इसके तहत ‘हर बच्चा, हर दिन एक नया शब्द’ के मूल मंत्र के साथ बच्चों को प्रतिदिन नए शब्द से परिचित कराया जाएगा। शिक्षक करीब 10 मिनट की गतिविधि के माध्यम से बच्चों को शब्द का अर्थ, उच्चारण, लेखन और व्यवहार में प्रयोग समझाएंगे। शनिवार के बैगलेस डे पर पूरे सप्ताह सीखे गए शब्दों की गतिविधियों के माध्यम से पुनरावृत्ति कराई जाएगी। बच्चों में उत्साह और स्वस्थ प्रतिस्पर्धा के लिए माह में ‘शब्द वीर’ और वर्ष के अंत में ‘शब्दबीज चैंपियन’ सम्मान भी आयोजित किया जाएगा।

वन विकास निगम के अध्यक्ष रामसेवक पैकरा ने कहा कि गुणवत्तापूर्ण शिक्षा और भाषा की मजबूत नींव बच्चों के समग्र विकास के लिए महत्वपूर्ण है। कलेक्टर रेना जमील ने कहा कि शिक्षा का उद्देश्य केवल पाठ्यक्रम पूरा करना या परीक्षा में अच्छे अंक हासिल करना नहीं, बल्कि बच्चों में ज्ञान, कौशल, समझ और अभिव्यक्ति का विकास सुनिश्चित करना है। उन्होंने विद्यालय, शिक्षक, विद्यार्थी, अभिभावक और समुदाय की सहभागिता से इन पहलों को आगे बढ़ाने की बात कही।

पत्रिकाओं के विमोचन के बाद अशोक और बहेरा के बीजों का रोपण भी किया गया। इसके माध्यम से नियमित देखभाल से बीज के वृक्ष बनने और सतत अभ्यास से बच्चों के ज्ञान, भाषा और अभिव्यक्ति के विकसित होने का संदेश दिया गया। कार्यक्रम में जनप्रतिनिधि, प्रशासनिक अधिकारी और बड़ी संख्या में छात्र-छात्राएं मौजूद रहे।

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हिन्दुस्थान समाचार / विष्णु पांडेय

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