सूरजपुर में घटा गन्ने की खेती का रकबा, 10 हजार से घटकर 6 हजार हेक्टेयर पर पहुंचा

WhatsApp Channel Join Now
सूरजपुर में घटा गन्ने की खेती का रकबा, 10 हजार से घटकर 6 हजार हेक्टेयर पर पहुंचा


सूरजपुर, 24 अक्टूबर (हि.स.)। सूरजपुर जिले में गन्ने का उत्पादन बढ़ाने और माँ महामाया सहकारी शक्कर कारखाना केरता का संचालन बेहतर बनाने के लिए शनिवार को गन्ना कृषक चौपाल एवं प्रशिक्षण कार्यशाला आयोजित की गई। कलेक्टर रेना जमील ने किसानों से सीधा संवाद कर उनकी समस्याएं सुनीं और गन्ने की खेती का रकबा बढ़ाने के लिए प्रोत्साहित किया। कार्यशाला में गन्ने की घटती पैदावार, शक्कर की रिकवरी दर, किसानों के भुगतान और कारखाने में रोजगार की अवधि बढ़ाने जैसे मुद्दों पर चर्चा हुई।

कलेक्टर ने बताया कि जिले में पहले लगभग 10 हजार हेक्टेयर क्षेत्र में गन्ने की खेती होती थी, लेकिन अब यह घटकर करीब 6 हजार हेक्टेयर रह गई है। उन्होंने कहा कि गन्ना उत्पादक किसान शक्कर कारखाने के अभिन्न अंग हैं और उनके उत्पादन पर ही कारखाने का संचालन निर्भर करता है। पर्याप्त मात्रा में गन्ना उपलब्ध होने पर कारखाने को अधिक दिनों तक चलाया जा सकेगा, जिससे किसानों के साथ स्थानीय श्रमिकों को भी लाभ मिलेगा।

उन्होंने बताया कि वर्तमान में कारखाने की स्थापित क्षमता का 50 प्रतिशत भी उपयोग नहीं हो पा रहा है। अभी लगभग 600 श्रमिकों को तीन महीने तक रोजगार मिल पाता है, जबकि कारखाने का पूर्ण क्षमता से संचालन होने पर रोजगार की अवधि छह महीने तक बढ़ सकती है। कलेक्टर ने किसानों को शासन की ओर से गन्ने का मूल्य 355 रुपये से बढ़ाकर 425 रुपये प्रति क्विंटल किए जाने की जानकारी देते हुए निर्धारित योजनाओं और सुविधाओं का लाभ लेने की अपील की।

कार्यशाला में शक्कर की रिकवरी दर में गिरावट पर भी चिंता जताई गई। कलेक्टर ने बताया कि पूर्व के वर्षों में रिकवरी दर लगभग 14 प्रतिशत थी, जो वर्तमान में घटकर करीब 9 प्रतिशत रह गई है। उन्होंने गिरावट के कारणों की समीक्षा कर सुधारात्मक कदम उठाने की जरूरत बताई। गन्ने की गुणवत्ता बनाए रखने और कटाई के बाद पेराई में देरी नहीं करने पर जोर देते हुए उन्होंने कटाई के 48 घंटे के भीतर गन्ने की पेराई सुनिश्चित करने को कहा।

किसानों को शरदकालीन गन्ने की खेती, उन्नत कृषि तकनीक और ड्रिप सिंचाई पद्धति अपनाने के लिए प्रोत्साहित किया गया। कलेक्टर ने कहा कि गन्ना उत्पादन बढ़ाने के लिए खाद की उपलब्धता सुनिश्चित की जाएगी और किसानों को जरूरत के अनुसार कृषि संबंधी सुविधाएं उपलब्ध कराने का प्रयास होगा। उन्होंने संबंधित अधिकारियों को किसानों के लिए प्रक्षेत्र भ्रमण और फसल प्रदर्शन आयोजित करने के निर्देश भी दिए।

चौपाल के दौरान किसानों ने भुगतान में देरी, खेती की बढ़ती लागत, श्रमिकों की उपलब्धता और कारखाने के संचालन से जुड़ी समस्याएं रखीं। कारखाना प्रबंधक ने शक्कर की बिक्री और किसानों को भुगतान की प्रक्रिया की जानकारी देते हुए बताया कि केंद्र सरकार से शक्कर बिक्री की अनुमति चरणबद्ध तरीके से मिलती है। इस कारण बिक्री से प्राप्त राशि भी किस्तों में आती है। उन्होंने शासन के निर्धारित प्रावधानों के तहत किसानों को प्राथमिकता से भुगतान करने का प्रयास करने की बात कही।

कार्यशाला में जिला पंचायत सीईओ विजेन्द्र सिंह पाटले, अनुविभागीय अधिकारी रमेश मोर, कारखाना प्रबंधन के अधिकारी और बड़ी संख्या में गन्ना उत्पादक किसान उपस्थित रहे। कलेक्टर ने अधिकारियों को किसानों की समस्याओं के समाधान और गन्ना उत्पादन बढ़ाने के लिए समन्वय से काम करने के निर्देश दिए। उन्होंने किसानों से नाबालिगों को वाहन नहीं चलाने देने, स्वयं नशे में वाहन नहीं चलाने और दूसरों को भी इसके लिए जागरूक करने की अपील करते हुए यातायात नियमों का पालन करने पर जोर दिया।

---------------

हिन्दुस्थान समाचार / विष्णु पांडेय

Livevns.news Desk
Livevns.news Desk

766185 Articles

Share this story