सूरजपुर : सरकारी फॉरेस्ट रेस्ट हाउस में अशोभनीय कार्यक्रम का आरोप, वीडियो वायरल होते ही जांच में जुटा प्रशासन

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सूरजपुर : सरकारी फॉरेस्ट रेस्ट हाउस में अशोभनीय कार्यक्रम का आरोप, वीडियो वायरल होते ही जांच में जुटा प्रशासन


बलरामपुर, 12 जनवरी (हि.स.)। छत्तीसगढ़ के सूरजपुर जिले से सामने आए एक वायरल वीडियो ने प्रशासनिक महकमे में हलचल मचा दी है। वन विभाग के रेस्ट हाउस में कथित तौर पर अश्लील डांस कार्यक्रम के आयोजन का दावा किया जा रहा है। मामला सामने आते ही वन विभाग और जिला प्रशासन हरकत में आ गया है और अब इस पर आधिकारिक जांच शुरू कर दी गई है।

जानकारी के अनुसार, सूरजपुर जिले के रामानुजनगर विकासखंड अंतर्गत कुमेली स्थित वन विभाग के वन विभाग के रेस्ट हाउस से जुड़ा एक आपत्तिजनक वीडियो सोशल मीडिया पर तेजी से वायरल हो रहा है। बताया जा रहा है कि यह वीडियो करीब चार से पांच महीने पुराना है, जो अगस्त–सितंबर का बताया जा रहा है। वीडियो में रेस्ट हाउस के हॉल के भीतर डांसरों का कार्यक्रम होता नजर आ रहा है, जहां कुछ लोग खुलेआम पैसे लुटाते दिखते हैं। आरोप है कि इस कार्यक्रम का आयोजन एक ब्लॉक डेवलपमेंट काउंसिल (बीडीसी) से जुड़े पदाधिकारी द्वारा किया गया था, जिसके लिए हॉल में गद्दे तक बिछाए गए थे।

वायरल वीडियो में कुछ स्थानीय जनप्रतिनिधि और शासकीय कर्मचारी भी नजर आने का दावा किया जा रहा है, जिससे यह मामला और गंभीर हो गया है। जिस फॉरेस्ट रेस्ट हाउस को पर्यटन को बढ़ावा देने के उद्देश्य से बनाया गया था, उसी परिसर में इस तरह के आयोजन के आरोपों ने सरकारी संपत्ति के दुरुपयोग को लेकर सवाल खड़े कर दिए हैं। स्थानीय स्तर पर पहले भी इस रेस्ट हाउस में शराबखोरी और जुए जैसी गतिविधियों की शिकायतें सामने आती रही हैं।

डीएफओ का पक्ष सामने आया

इस पूरे मामले में अब वन विभाग की ओर से आधिकारिक प्रतिक्रिया सामने आई है। डीएफओ सूरजपुर डी.पी. साहू ने आज साेमवार काे बताया कि उन्हें बीती रात करीब 11 बजे वायरल वीडियो के माध्यम से सूचना मिली थी। सूचना मिलते ही वे तत्काल सूरजपुर एसडीओ और वन अमले के साथ फॉरेस्ट रेस्ट हाउस पहुंचे और मौके का निरीक्षण किया।

डीएफओ के अनुसार, जांच के दौरान उस समय किसी भी प्रकार की आपत्तिजनक गतिविधि मौके पर नहीं पाई गई। हालांकि उन्होंने यह भी स्पष्ट किया कि वायरल वीडियो उसी फॉरेस्ट रेस्ट हाउस का प्रतीत हो रहा है। मामले की गंभीरता को देखते हुए जांच टीम का गठन कर दिया गया है, जिसकी अध्यक्षता एसडीओ को सौंपी गई है।

इसके साथ ही वन विभाग ने पुलिस अधीक्षक को पत्र भेजकर वायरल वीडियो की फॉरेंसिक जांच कराने का अनुरोध किया है, ताकि वीडियो की प्रामाणिकता, समय और अन्य तथ्यों की पुष्टि हो सके। डीएफओ ने कहा कि जांच रिपोर्ट के आधार पर आगे की कार्रवाई की जाएगी और यदि किसी भी स्तर पर नियमों का उल्लंघन पाया गया, तो जिम्मेदारों के खिलाफ सख्त कदम उठाए जाएंगे।

फिलहाल प्रशासन की नजर जांच रिपोर्ट पर टिकी हुई है और यह मामला जिले में चर्चा का विषय बना हुआ है।

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हिन्दुस्थान समाचार / विष्णु पांडेय

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