सूरजपुर में जिला स्तरीय विज्ञान मेले में 758 शिक्षकों और विद्यार्थियों ने लिया हिस्सा, प्रयोगों से समझे विज्ञान के सिद्धांत

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सूरजपुर में जिला स्तरीय विज्ञान मेले में 758 शिक्षकों और विद्यार्थियों ने लिया हिस्सा, प्रयोगों से समझे विज्ञान के सिद्धांत


सूरजपुर, 31 अक्टूबर (हि.स.)। विद्यार्थियों में वैज्ञानिक सोच विकसित करने और विज्ञान को प्रयोगों के जरिए समझाने के उद्देश्य से साधुराम सेवा कुंज में जिला स्तरीय विज्ञान मेले का आयोजन किया गया। शनिवार को आयोजित इस कार्यक्रम में जिले के सभी विकासखंडों से आए विद्यार्थियों और शिक्षकों ने हिस्सा लिया। मेले में भौतिकी और रसायन विज्ञान से जुड़े विभिन्न प्रयोगों के माध्यम से विद्यार्थियों को किताबी ज्ञान का व्यावहारिक अनुभव कराया गया। कार्यशाला में कुल 758 शिक्षक और विद्यार्थी शामिल हुए।

संयुक्त कलेक्टर प्रशांत कुशवाहा के नेतृत्व में आयोजित कार्यक्रम दो सत्रों में संपन्न हुआ। इसमें जिले के विद्यालयों से विज्ञान, भौतिकी और रसायन विज्ञान पढ़ाने वाले शिक्षक तथा प्रत्येक विद्यालय से चयनित विद्यार्थी शामिल हुए। दोनों सत्रों में ब्लॉक स्तरीय मेंटर्स ने प्रयोगशाला में उपलब्ध सामग्री का उपयोग कर कक्षा में वैज्ञानिक प्रयोग कराने की विधियां समझाईं। विद्यार्थियों ने स्वयं प्रयोग करके विज्ञान के सिद्धांतों को समझने का प्रयास किया।

कार्यक्रम में कलेक्टर रेना जमील ने विद्यार्थियों का उत्साहवर्धन करते हुए कहा कि विज्ञान को केवल पुस्तकों तक सीमित नहीं रखना चाहिए, बल्कि प्रयोगों के माध्यम से समझना जरूरी है। जब विद्यार्थी स्वयं किसी प्रयोग को करके देखते हैं, तो विषय की अवधारणाएं अधिक स्पष्ट होती हैं और सीखी गई बातें लंबे समय तक याद रहती हैं। उन्होंने कहा कि इस तरह की गतिविधियों से बच्चों में जिज्ञासा, तर्कशीलता, विश्लेषण क्षमता और समस्याओं का समाधान खोजने की समझ विकसित होती है।

कलेक्टर ने विद्यार्थियों को घर पर भी सुरक्षित और सरल वैज्ञानिक प्रयोग करने के लिए प्रोत्साहित किया। उन्होंने कहा कि अधिक से अधिक विद्यार्थियों को प्रयोग आधारित शिक्षा से जोड़ने के लिए विकासखंड स्तर पर भी ऐसे आयोजन किए जाएंगे। विज्ञान मेले में विद्यार्थियों ने अपने अनुभव साझा करते हुए बताया कि स्वयं प्रयोग करने से उन्हें कठिन सिद्धांतों को सरल तरीके से समझने और नई जानकारियां हासिल करने का अवसर मिला। शिक्षकों ने भी प्रायोगिक गतिविधियों को विज्ञान शिक्षण का प्रभावी माध्यम बताया।

कार्यक्रम के दौरान कलेक्टर ने विद्यार्थियों को सड़क सुरक्षा के प्रति जागरूक करते हुए यातायात नियमों का पालन करने की अपील की। उन्होंने ‘अपना हेल्प क्यूआर’ की उपयोगिता बताते हुए कहा कि आपातकालीन स्थिति में यह कोड त्वरित सहायता प्राप्त करने का माध्यम बन सकता है। उन्होंने विद्यार्थियों से इसकी जानकारी अपने परिवार और आसपास के लोगों तक पहुंचाने का आग्रह किया।

इस अवसर पर डिप्टी कलेक्टर यशवंत देवांगन, डीएमसी मनोज साहू, विकासखंड शिक्षा अधिकारी, शिक्षकगण और बड़ी संख्या में विद्यार्थी उपस्थित रहे।

हिन्दुस्थान समाचार / विष्णु पांडेय

Livevns.news Desk
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