पद्मश्री माता राजमोहिनी देवी के आश्रम पहुंचीं कलेक्टर, ऐतिहासिक स्मृतियों के संरक्षण पर दिया जोर

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पद्मश्री माता राजमोहिनी देवी के आश्रम पहुंचीं कलेक्टर, ऐतिहासिक स्मृतियों के संरक्षण पर दिया जोर


सूरजपुर, 25 अक्टूबर (हि.स.)। सूरजपुर जिले के प्रतापपुर विकासखंड अंतर्गत ग्राम पंचायत गोविंदपुर (रजमेलान) स्थित पद्मश्री माता राजमोहिनी देवी के समाधि स्थल और आश्रम के संरक्षण एवं विकास की दिशा में जिला प्रशासन ने पहल की है।

रविवार को कलेक्टर रेना जमील ने परिसर का अवलोकन किया और संबंधित अधिकारियों को साफ-सफाई तथा आवश्यक सुविधाओं के विस्तार के लिए कदम उठाने के निर्देश दिए। इस दौरान उन्होंने माता के अनुयायियों से संवाद कर उनके जीवन, सामाजिक योगदान और आश्रम से जुड़ी ऐतिहासिक जानकारियां भी लीं।

निरीक्षण के दौरान पद्मश्री माता राजमोहिनी देवी जन सेवा संस्था आश्रम के संरक्षक त्रिभुवन सिंह टेकाम ने आश्रम के लिए शासन की ओर से पूर्व में किए गए सहयोग की जानकारी दी। उन्होंने परिसर में आवश्यक व्यवस्थाएं विकसित करने का आग्रह किया। कलेक्टर ने उनकी बात सुनने के बाद संबंधित अधिकारियों को आवश्यक पहल करने के निर्देश दिए।

कलेक्टर ने आश्रम परिसर स्थित माता राजमोहिनी देवी की पुरानी कुटिया का भी भ्रमण किया। माता की पुत्री राम बाई ने पुष्प भेंट कर उनका स्वागत किया और माता के जीवन से जुड़ी स्मृतियों, उनके उपयोग में आने वाले पारंपरिक बर्तनों तथा अन्य सामग्री के बारे में जानकारी दी। कलेक्टर ने इन वस्तुओं को देखा और माता के जीवन तथा समाज सुधार से जुड़े प्रसंगों को जाना। उन्होंने परिसर स्थित मंदिर में दर्शन किए और माता के जीवन पर आधारित पुस्तक, पद्मश्री सम्मान, अन्य पुरस्कारों तथा मेडल का भी अवलोकन किया।

माता के अनुयायियों ने बताया कि राजमोहिनी देवी ने आदिवासी समाज में व्याप्त सामाजिक कुरीतियों, अंधविश्वास, नशे और शोषण के खिलाफ जनजागरण का महत्वपूर्ण कार्य किया था। उन्होंने विशेष रूप से आदिवासी महिलाओं के अधिकारों, स्वाभिमान और स्वावलंबन को बढ़ावा देने के लिए काम किया। उनके सामाजिक योगदान के सम्मान में भारत सरकार ने वर्ष 1989 में उन्हें पद्मश्री से सम्मानित किया था।

अनुयायियों के अनुसार, माता राजमोहिनी देवी के प्रति लोगों की आस्था आज भी कायम है। प्रतिवर्ष आयोजित होने वाले माघ मेले में हजारों अनुयायी समाधि स्थल पर पहुंचकर उन्हें श्रद्धांजलि अर्पित करते हैं। उनकी पुत्री राम बाई माता के जीवन से जुड़ी स्मृतियों और सामाजिक विरासत को सहेजने में महत्वपूर्ण भूमिका निभा रही हैं।

निरीक्षण के दौरान राम बाई, आश्रम समिति के संरक्षक त्रिभुवन सिंह टेकाम और अन्य अनुयायियों ने परिसर में जरूरी व्यवस्थाओं तथा विकास कार्यों की आवश्यकता से कलेक्टर को अवगत कराया। कलेक्टर ने संबंधित अधिकारियों को आवश्यक पहल करने के निर्देश दिए, ताकि समाधि स्थल और आश्रम का समुचित विकास हो सके तथा माता राजमोहिनी देवी की स्मृतियों और समाजसेवा की विरासत को संरक्षित रखा जा सके।

इस दौरान जिला पंचायत के मुख्य कार्यपालन अधिकारी विजेंद्र सिंह पाटले, प्रतापपुर के अनुविभागीय अधिकारी रमेश मोर सहित अन्य अधिकारी-कर्मचारी उपस्थित रहे।

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हिन्दुस्थान समाचार / विष्णु पांडेय

Livevns.news Desk
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