जनभागीदारी से चुनी जाएगी छत्तीसगढ़ की पहली राजकीय तितली, 31 अगस्त तक आमजन से मांगे गए सुझाव

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जनभागीदारी से चुनी जाएगी छत्तीसगढ़ की पहली राजकीय तितली, 31 अगस्त तक आमजन से मांगे गए सुझाव


छत्तीसगढ़ अपनी पहली राजकीय तितली चुनने की ओर: आमजन से मांगे गए सुझाव, 31 अगस्त तक करें मतदान

वनमंत्री केदार कश्यप की पहल पर जैव विविधता संरक्षण को मिलेगा नया आयाम, नागरिक गूगल फॉर्म के माध्यम से चुन सकते हैं अपनी पसंद की राजकीय तितली

रायपुर 23 जुलाई (हि.स.)। छत्तीसगढ़ की समृद्ध जैव विविधता और तितलियों के संरक्षण को बढ़ावा देने की दिशा में वन एवं जलवायु परिवर्तन विभाग ने एक महत्वपूर्ण पहल करते हुए राज्य की पहली राजकीय तितली घोषित करने की प्रक्रिया प्रारंभ कर दी है। इस ऐतिहासिक पहल के तहत प्रदेशवासियों की सहभागिता सुनिश्चित करने के लिए विभाग द्वारा ऑनलाइन जनमत आमंत्रित किया गया है।

वनमंत्री केदार कश्यप ने प्रदेशवासियों से अधिक से अधिक संख्या में इस अभियान में भाग लेने का आह्वान करते हुए कहा कि जैव विविधता संरक्षण केवल शासन का नहीं, बल्कि प्रत्येक नागरिक का दायित्व है। राजकीय तितली का चयन जनभागीदारी से होने पर लोगों में प्रकृति एवं वन्यजीव संरक्षण के प्रति जागरूकता और संवेदनशीलता बढ़ेगी।

राजकीय तितली के चयन के लिए गठित विशेषज्ञ समिति द्वारा विभिन्न वैज्ञानिक एवं पारिस्थितिक मानकों के आधार पर निम्नलिखित तीन तितली प्रजातियों का चयन किया गया है— जिसमें 1 कॉमन बैंडेड पीकॉक ऑरेंज ओकलीफ और स्पॉट स्वोर्डटेल शामिल हैं ।

इन प्रजातियों का चयन उनके पारिस्थितिक महत्व, राज्य में उपलब्धता, संरक्षण मूल्य, विशिष्टता , पहचान की सरलता तथा जनसामान्य में आकर्षण जैसे महत्वपूर्ण मापदंडों के आधार पर किया गया है।

वन विभाग द्वारा नागरिकों की राय प्राप्त करने हेतु गूगल फॉर्म लिंक : (https://forms.gle/7Mqa1kBLx4dnFA6b7) के माध्यम से ऑनलाइन मतदान प्रारंभ किया गया है। प्रदेश का प्रत्येक नागरिक अपनी पसंद की तितली के पक्ष में मतदान कर सकता है। मतदान की अंतिम तिथि 31 अगस्त 2026 निर्धारित की गई है।

प्राप्त जनमत एवं विशेषज्ञ समिति की अनुशंसाओं के आधार पर छत्तीसगढ़ की राजकीय तितली के नाम का अंतिम प्रस्ताव तैयार कर नियमानुसार आगे की कार्यवाही की जाएगी।

वन एवं जलवायु परिवर्तन विभाग ने प्रदेश के सभी नागरिकों, विद्यार्थियों, प्रकृति प्रेमियों, शोधकर्ताओं, शिक्षकों एवं पर्यावरण संरक्षण से जुड़े संगठनों से अपील की है कि वे इस जनभागीदारी अभियान में सक्रिय रूप से भाग लें तथा अधिक से अधिक लोगों को मतदान के लिए प्रेरित करें, ताकि छत्तीसगढ़ की जैव विविधता के इस महत्वपूर्ण प्रतीक के चयन में व्यापक जनसहभागिता सुनिश्चित हो सके।

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हिन्दुस्थान समाचार / गेवेन्द्र प्रसाद पटेल

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