शिक्षकों की कमी से बिफरे छात्रों और पालकों ने स्कूल में की तालाबंदी

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शिक्षकों की कमी से बिफरे छात्रों और पालकों ने स्कूल में की तालाबंदी


धमतरी, 17 अगस्त (हि.स.)। शासकीय उच्चतर माध्यमिक विद्यालय बारना में शिक्षकों की कमी को लेकर ग्रामीणों की दी गई चेतावनी आखिरकार आंदोलन में बदल गई। बरसते पानी में रेनकोट और छाता लेकर स्कूल पहुंचे ग्रामीणों ने हिंदी, अंग्रेजी, रसायन, भूगोल और सामाजिक विज्ञान के शिक्षक नहीं मिलने से नाराज होकर सोमवार को स्कूल में तालाबंदी कर दी।

ग्रामीणों का कहना है कि लंबे समय से मांग किए जाने के बावजूद शिक्षकों की व्यवस्था नहीं की गई, जिससे विद्यार्थियों की पढ़ाई प्रभावित हो रही है। दूसरी ओर शहर व शहर से लगे कई स्कूलों में अतिरिक्त शिक्षक हैं। युक्तियुक्तकरण के तहतह अन्य स्कूल में स्थानांतरित कई शिक्षक तो फिर से पूर्व की जगह में होकर आ गए हैं, इससे भी समस्या बनी हुई है

बारना स्कूल का वर्ष 2017 में उन्नयन हुआ था। शासकीय उमावि बारना में बारना के अलावा झुरानवागांव, सिवनीखुर्द, बाजारपारा सिवनीखुर्द, सेमरा से विद्यार्थी अध्ययन के लिए आते हैं। मिली जानकारी के अनुसार यहां वर्तमान में विद्यार्थियों की कुल दर्ज संख्या 171 है। जिसमें से कक्षा नौंवी में 54, 10 वी में 56, 11 वी में 28 तथा 12 वीं 35 विद्यार्थी पंजीकृत हैं। पूर्व में वैकल्पिक व्यवस्था के तहत देवरी और सिंधौरी के शिक्षक तीन:तीन दिन यहां पढ़ाने आते थे, वर्तमान में वह सुविधा भी बंद है।

शाला प्रबंधन एवं विकास समिति अध्यक्ष दिनेश, राम खिलावन, नीरा साहू, कमलवती एवं रुपचंद साहू ने बताया कि शिक्षकों की व्यवस्था के लिए लंबे समय से विभागीय अधिकारियों का ध्यान आकर्षण कराया जा रहा है। समिति की ओर से कई बार मांग और ज्ञापन दिए जा चुके हैं, लेकिन अब तक समस्या का स्थायी समाधान नहीं हो सका है। बारना के सरपंच दीपक पटेल ने बताया कि हायर सेकेंडरी स्कूल में शिक्षकों की कमी लंबे समय से बनी हुई है। पिछले कई वर्षों से लगातार शिक्षकों की मांग की जा रही है। इस मांग को लेकर पिछले एक महीने के भीतर दो बार कलेक्ट्रेट और जिला शिक्षा अधिकारी कार्यालय पहुंचकर ज्ञापन सौंप चुके हैं। शाला प्रबंधन एवं विकास समिति, ग्राम व्यवस्था समिति और पंचायत प्रतिनिधियों की ओर से भी शिक्षकों की व्यवस्था की मांग की जा चुकी है, लेकिन अब तक केवल आश्वासन ही मिला है। उन्होंने कहा कि स्कूल में शिक्षक नहीं होने से बोर्ड कक्षाओं के विद्यार्थियों को पढ़ाई में काफी दिक्कतों का सामना करना पड़ रहा है।

इस संबंध में शिक्षा विभाग धमतरी के सहायक संचालक यदुनंदन वर्मा ने बताया कि ग्रामीणों की मांग पर सामाजिक विज्ञान विषय के शिक्षक की व्यवस्था कर दी गई है। जिले के सभी स्कूलों से विद्यार्थियों की दर्ज संख्या के आधार पर शिक्षक-विद्यार्थी अनुपात की जानकारी मंगाई गई है। जहां निर्धारित अनुपात से अधिक शिक्षक होंगे, वहां के अतिशेष शिक्षकों को जरूरत वाले स्कूलों में भेजा जाएगा। शासन स्तर पर शिक्षक भर्ती की प्रक्रिया चल रही है और स्थानांतरण से भी शिक्षक आ रहे हैं। दूसरे स्कूल से शिक्षक हटाकर सीधे बारना भेजना संभव नहीं है।

हिन्दुस्थान समाचार / रोशन सिन्हा

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