जगदलपुर एसडीएम के आत्मीय व्यवहार से छात्रों का आक्रोश खुशी में बदला

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जगदलपुर एसडीएम के आत्मीय व्यवहार से छात्रों का आक्रोश खुशी में बदला


जगदलपुर, 24 जुलाई (हि.स.)।. जिले के धुरगुड़ा स्थित प्रयास आवासीय विद्यालय में व्याप्त अव्यवस्थाओं और हॉस्टल के खाने में कीड़े मिलने जैसी समस्याओं से परेशान होकर शुक्रवार काे छात्र अपनी शिकायत लेकर कलेक्ट्रेट परिसर पहुंचे। जानकारी मिलते ही जगदलपुर के एसडीएम मनीष वर्मा अपने सहयोगियों के साथ तुरंत कार्यालय से बाहर निकलकर सीधे बच्चों के बीच पहुंच गए।

बच्चों की तकलीफ और प्यास को भांपते हुए एसडीएम साहब ने सबसे पहले संवेदनशीलता का परिचय दिया और तत्काल सभी बच्चों के लिए बिस्किट तथा पीने के पानी की व्यवस्था करवाई। बच्चों को बिस्किट और पानी देकर उनका हाल-चाल पूछते हुए उन्होंने पूरी आत्मीयता से उनकी एक-एक शिकायत को ध्यानपूर्वक सुना। एसडीएम के इस आत्मीय व्यवहार, त्वरित निर्णय, बिस्किट-पानी से मिले सम्मान और प्रेरणादायी मार्गदर्शन से कलेक्ट्रेट पहुंचे छात्रों का आक्रोश पल भर में खुशी में बदल गया।

छात्रों द्वारा शिक्षकों की बार-बार बर्खास्तगी, बिजली-पानी की समस्या और धमकियों के आरोपों पर एसडीएम ने उन्हें विश्वास में लेते हुए बच्चों को स्पष्ट किया कि किसी भी छात्र के साथ अन्याय नहीं होने दिया जाएगा। उन्होंने कहा कि जिन भी जिम्मेदार कर्मियों या अधिकारियों पर लापरवाही के आरोप लगे हैं, उन्हें पहले सख्त चेतावनी और समझाइश दी जाएगी। यदि इसके बाद भी व्यवस्थाओं में सुधार नहीं आता है, और स्थिति नहीं बदलती, तो उनके खिलाफ कठोर अनुशासनात्मक कार्रवाई की जाएगी। इसके साथ ही उन्होंने स्वयं हर सप्ताह विद्यालय जाकर औचक निरीक्षण करने का आश्वासन दिया है।

एसडीएम मनीष वर्मा ने छात्रों के साथ एक अभिभावक और सच्चे मार्गदर्शक की भूमिका निभाते हुए, उन्होंने बच्चों को अपने जीवन का अनुभव साझा कियाऔर बताया कि वे स्वयं भी इसी तरह कठिन प्रतियोगी परीक्षाओं को पास कर और कड़ी मेहनत के बल पर इस पद तक पहुंचे हैं। उन्होंने छात्रों को भविष्य की परीक्षाओं की तैयारी करने के तरीके, पढ़ाई की रणनीति और विपरीत परिस्थितियों में भी लक्ष्य पर ध्यान केंद्रित रखने का गुरुमंत्र दिया। परिसर में मौजूद बच्चों के चेहरों पर एक नया आत्मविश्वास और हर्ष साफ दिखाई देने लगा। छात्रों को न केवल अपनी समस्याओं के हल का भरोसा मिला, बल्कि एक बड़े अधिकारी से मिला यह मार्गदर्शन उनके जीवन के लिए एक यादगार सीख बन गया।

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हिन्दुस्थान समाचार / राकेश पांडे

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