बलरामपुर : 18 का पहाड़ा सुनाकर छात्रा ने जीता कलेक्टर का दिल

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बलरामपुर : 18 का पहाड़ा सुनाकर छात्रा ने जीता कलेक्टर का दिल


सौनी स्कूल के आकस्मिक निरीक्षण में बच्चों से संवाद, पढ़ाई और अनुशासन पर दिया जोर

बलरामपुर, 25 जून (हि.स.)। जिले के ग्राम सौनी स्थित माध्यमिक शाला और हाई स्कूल के आकस्मिक निरीक्षण के दौरान एक छात्रा की प्रतिभा ने कलेक्टर चंदन संजय त्रिपाठी का दिल जीत लिया। कक्षा सातवीं की छात्रा सोनी पाल ने पूरे आत्मविश्वास के साथ 18 का पहाड़ा सुनाया, जिससे प्रभावित होकर कलेक्टर ने उसकी पीठ थपथपाकर सराहना की और उज्ज्वल भविष्य की शुभकामनाएं दीं।

कलेक्टर ने गुरुवार को विद्यालय पहुंचकर शैक्षणिक व्यवस्था, विद्यार्थियों और शिक्षकों की उपस्थिति तथा शिक्षण कार्यों का निरीक्षण किया। इस दौरान उन्होंने कक्षाओं में जाकर बच्चों से आत्मीय संवाद किया और हिंदी, गणित तथा सामान्य ज्ञान से जुड़े सवाल पूछकर उनकी शैक्षणिक समझ का आकलन किया।

विद्यार्थियों को बिना झिझक उत्तर देने के लिए प्रोत्साहित करते हुए कलेक्टर ने नियमित अध्ययन और अभ्यास का महत्व समझाया। उन्होंने कहा कि पढ़ाई में निरंतरता और मेहनत ही सफलता की सबसे बड़ी कुंजी है।

हाई स्कूल के निरीक्षण के दौरान भी उन्होंने विद्यार्थियों से विभिन्न विषयों पर प्रश्न पूछे और उन्हें प्रतिदिन लेखन अभ्यास करने की सलाह दी। उन्होंने कहा कि नियमित लिखने से सीखने की क्षमता बढ़ती है और परीक्षा में बेहतर प्रदर्शन करने में मदद मिलती है।

संवाद के दौरान जब कलेक्टर ने विद्यार्थियों से उनके भविष्य के सपनों के बारे में पूछा तो बच्चों ने डॉक्टर, शिक्षक, पुलिस अधिकारी और अन्य क्षेत्रों में जाने की इच्छा जताई। इस पर उन्होंने कहा कि बड़े सपने देखना अच्छी बात है, लेकिन उन्हें साकार करने के लिए अनुशासन, लगन और निरंतर मेहनत आवश्यक है।

कलेक्टर ने शिक्षकों को प्रत्येक विद्यार्थी पर व्यक्तिगत ध्यान देने, गतिविधि आधारित शिक्षण को बढ़ावा देने तथा कमजोर विद्यार्थियों के लिए अतिरिक्त शैक्षणिक सहयोग उपलब्ध कराने के निर्देश दिए। उन्होंने विद्यालय के परीक्षा परिणामों में सुधार के लिए गुणवत्तापूर्ण शिक्षण सुनिश्चित करने पर भी जोर दिया।

निरीक्षण के दौरान विद्यार्थियों की उपस्थिति की समीक्षा करते हुए कलेक्टर ने शत-प्रतिशत उपस्थिति सुनिश्चित करने के निर्देश दिए। उन्होंने कहा कि नियमित विद्यालय आने से बच्चों की पढ़ाई में निरंतरता बनी रहती है और बेहतर परिणाम प्राप्त होते हैं। साथ ही शिक्षकों को अभिभावकों के साथ लगातार संपर्क बनाए रखने और अनुपस्थित विद्यार्थियों को नियमित रूप से विद्यालय लाने के लिए विशेष प्रयास करने को कहा। उन्होंने सीजीवीएसके ऐप के माध्यम से शिक्षकों की शत-प्रतिशत उपस्थिति सुनिश्चित करने के भी निर्देश दिए।

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हिन्दुस्थान समाचार / विष्णु पांडेय

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