जांजगीर-चांपा में लंबित राजस्व मामलों पर सख्ती, कलेक्टर ने अधिकारियों को दिए समयबद्ध निराकरण के निर्देश

WhatsApp Channel Join Now
जांजगीर-चांपा में लंबित राजस्व मामलों पर सख्ती, कलेक्टर ने अधिकारियों को दिए समयबद्ध निराकरण के निर्देश


जांजगीर-चांपा, 15 जुलाई (हि. स.)। जिले में लंबित राजस्व प्रकरणों के त्वरित और पारदर्शी निराकरण को लेकर कलेक्टर जन्मेजय महोबे ने बुधवार को कलेक्टोरेट सभाकक्ष में राजस्व अधिकारियों की समीक्षा बैठक ली।

बैठक में एग्रीस्टेक पंजीयन, फॉर्मर रजिस्ट्री, नक्शा बटांकन, सीमांकन, नामांतरण, बंटवारा, खाता विभाजन, त्रुटि सुधार, भू-अर्जन सहित विभिन्न लंबित राजस्व मामलों की विस्तृत समीक्षा की गई। कलेक्टर ने स्पष्ट निर्देश दिए कि आम नागरिकों और किसानों से जुड़े सभी मामलों का गुणवत्तापूर्ण, पारदर्शी और निर्धारित समय-सीमा के भीतर निराकरण सुनिश्चित किया जाए। उन्होंने कहा कि राजस्व सेवाओं में किसी भी प्रकार की अनावश्यक देरी बर्दाश्त नहीं की जाएगी।

बैठक में अपर कलेक्टर ज्ञानेन्द्र सिंह ठाकुर, अपर कलेक्टर आर.के. तम्बोली, संयुक्त कलेक्टर संदीप ठाकुर, जिले के सभी एसडीएम, तहसीलदार, नायब तहसीलदार तथा संबंधित विभागों के अधिकारी-कर्मचारी उपस्थित रहे।

समीक्षा के दौरान कलेक्टर ने एग्रीस्टेक पंजीयन, अटल मॉनिटरिंग पोर्टल, मुख्यमंत्री हेल्पलाइन 1076, फॉर्मर रजिस्ट्री, राजस्व पुस्तक परिपत्र 6-4, भू-अर्जन तथा राजस्व न्यायालयों में लंबित प्रकरणों की बिंदुवार जानकारी ली। उन्होंने अधिकारियों को निर्देश दिए कि सभी लंबित मामलों के निराकरण के लिए विशेष अभियान चलाया जाए और जरूरत पड़ने पर कैम्प कोर्ट लगाकर निर्धारित समय-सीमा में मामलों का निपटारा किया जाए।

कलेक्टर महोबे ने एग्रीस्टेक पंजीयन की समीक्षा करते हुए जिले के सभी किसानों का शत-प्रतिशत पंजीयन सुनिश्चित करने के निर्देश दिए। उन्होंने कहा कि जिन किसानों के खसरे अभी तक पोर्टल पर दर्ज नहीं हुए हैं, उन्हें तत्काल जोड़ा जाए। साथ ही समितियों के माध्यम से किसानों के खसरों का सत्यापन कर छूटे हुए रिकॉर्ड को अपडेट किया जाए, ताकि कोई भी पात्र किसान सरकारी योजनाओं के लाभ से वंचित न रहे।

बैठक में धान विक्रय करने वाले किसानों की फॉर्मर रजिस्ट्री को प्राथमिकता के आधार पर पूरा करने पर भी जोर दिया गया। कलेक्टर ने जिले में लंबित अनक्लेम्ड बकेट्स का विशेष अभियान चलाकर क्लेम कराने और प्रत्येक पात्र किसान की फॉर्मर रजिस्ट्री पूर्ण कराने के निर्देश दिए। इसके लिए समिति स्तर पर पटवारी, ग्रामीण कृषि विस्तार अधिकारी और समिति ऑपरेटर के बीच बेहतर समन्वय सुनिश्चित करने, लंबित किसानों की सूची प्रत्येक समिति में उपलब्ध कराने तथा घर-घर संपर्क कर पंजीयन पूरा कराने के निर्देश दिए।

उन्होंने लंबित सत्यापन और अनुमोदन से जुड़े प्रकरणों का भी शीघ्र निराकरण करने को कहा। साथ ही सभी एसडीएम और तहसीलदारों को निर्देशित किया कि वे अपने-अपने क्षेत्र में कार्यों की नियमित मॉनिटरिंग करें तथा प्रत्येक सप्ताह समीक्षा बैठक आयोजित कर प्रगति का मूल्यांकन करें।

कलेक्टर ने कहा कि राजस्व विभाग की सेवाएं सीधे आम जनता और किसानों से जुड़ी होती हैं, इसलिए सभी अधिकारी जवाबदेही के साथ कार्य करें और यह सुनिश्चित करें कि किसी भी नागरिक को राजस्व संबंधी कार्यों के लिए अनावश्यक परेशानी या विलंब का सामना न करना पड़े। इससे शासन की योजनाओं का लाभ समय पर पात्र हितग्राहियों तक पहुंचेगा और प्रशासनिक व्यवस्था अधिक प्रभावी एवं पारदर्शी बनेगी।

हिन्दुस्थान समाचार/ लालिमा शुक्ला पुरोहित

---------------

हिन्दुस्थान समाचार / LALIMA SHUKLA PUROHIT

Share this story