न्यायालयीन कर्मचारियों हेतु तनाव प्रबंधन एवं मानसिक स्वास्थ्य जागरूकता शिविर आयोजित
जगदलपुर, 10 अक्टूबर (हि.स.)। जिला विधिक सेवा प्राधिकरण के तत्वावधान में आज शनिवार को विश्व मानसिक स्वास्थ्य दिवस के अवसर पर गोविंद नारायण जांगड़े, प्रधान जिला एवं सत्र न्यायाधीश, जगदलपुर एवं अध्यक्ष, जिला विधिक सेवा प्राधिकरण के निर्देशन में जिला न्यायालय, जगदलपुर में पदस्थ न्यायालयीन कर्मचारियों हेतु मानसिक स्वास्थ्य जागरूकता एवं तनाव प्रबंधन शिविर का आयोजन किया गया।
शिविर में आर्ट ऑफ लिविंग के राज्य परिषद के सदस्य मोहम्मद अमीन को स्रोत व्यक्ति के रूप में आमंत्रित किया गया। उन्होंने न्यायालयीन कर्मचारियों को दैनिक जीवन में तनाव से निपटने, मानसिक शांति बनाए रखने तथा कार्यस्थल पर उत्पन्न होने वाले दबाव का प्रभावी ढंग से सामना करने के लिए ध्यान एवं अन्य उपयोगी तकनीकों की जानकारी दी। उन्होंने नियमित ध्यान एवं सकारात्मक जीवनशैली के माध्यम से मानसिक संतुलन बनाए रखने के महत्व पर प्रकाश डाला।
इस अवसर पर जिला विधिक सेवा प्राधिकरण की सचिव एवं व्यवहार न्यायाधीश वरिष्ठ श्रेणी, अंकिता कश्यप ने अपने उद्बोधन में कहा कि न्यायालयीन कर्मचारियों को अपने व्यस्त कार्यक्षेत्र के साथ-साथ व्यक्तिगत जीवन में भी मनोरंजक एवं रचनात्मक गतिविधियों के लिए समय निकालना चाहिए। इससे मानसिक तनाव कम करने, कार्यक्षमता बढ़ाने तथा अपने दायित्वों का प्रभावी एवं कुशलतापूर्वक निर्वहन करने में सहायता मिलती है। उन्होंने यह भी कहा कि मानसिक स्वास्थ्य संबंधी समस्याओं से जूझ रहे व्यक्तियों के प्रति संवेदनशील एवं सहयोगात्मक दृष्टिकोण अपनाना आवश्यक है। किसी भी व्यक्ति की मानसिक परेशानी का उपहास करने के स्थान पर उसे समझने, प्रोत्साहित करने तथा आवश्यक सहयोग प्रदान करने का प्रयास किया जाना चाहिए। मानसिक स्वास्थ्य भी शारीरिक स्वास्थ्य के समान ही महत्वपूर्ण है और इसके प्रति समाज में जागरूकता एवं सकारात्मक सोच विकसित करना हम सभी का दायित्व है।
शिविर का उद्देश्य न्यायालयीन कर्मचारियों को मानसिक स्वास्थ्य के प्रति जागरूक करना, कार्यस्थल पर तनाव के प्रभाव को कम करने के उपायों से परिचित कराना तथा स्वस्थ एवं संतुलित जीवनशैली अपनाने के लिए प्रेरित करना था।
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हिन्दुस्थान समाचार / राकेश पांडे

