धमतरी जिले में पहली बारिश में ही बह गया 42 लाख का स्टापडेम, निर्माण की गुणवत्ता पर उठे सवाल
- स्टापडेम से सैंकड़ों एकड़ खेत में होनी थी सिंचाई
धमतरी, 07 सितंबर (हि.स.)।धमतरी जिले के मगरलोड ब्लाक के ग्राम हरदी में जल संरक्षण और किसानों को सिंचाई सुविधा उपलब्ध कराने के उद्देश्य से कृषि विभाग द्वारा करीब 42 लाख रुपये की लागत से बनाया जा रहा स्टापडेम पहली ही बारिश में बह गया। निर्माण कार्य अभी पूरा भी नहीं हुआ था कि तेज बारिश और पानी के बहाव के बीच स्टापडेम के बह जाने से निर्माण की गुणवत्ता पर गंभीर सवाल खड़े हो गए हैं।
लाखों रुपये की लागत से तैयार हो रहे इस स्टापडेम के बहने से ग्रामीणों में काफी नाराजगी है। ग्रामीणों ने मामले की निष्पक्ष जांच किसी अन्य विभाग से कराने के साथ नया स्टापडेम बनाने और लापरवाही बरतने वालों पर कार्रवाई की मांग की है। पूर्व सरपंच खिलेश्वर साहू और सोमनाथ साहू ने आरोप लगाया कि जल संरक्षण के उद्देश्य से बनाए जा रहे स्टापडेम के निर्माण में गुणवत्ता का ध्यान नहीं रखा गया। उन्होंने कहा कि यदि निर्माण के दौरान ही गुणवत्ता पर ध्यान दिया जाता तो पहली बारिश में स्टापडेम के बहने की स्थिति नहीं बनती।
ग्रामीण साधुराम ने बताया कि निर्माण के दौरान कार्य में संलग्न कर्मचारियों को कई बार गुणवत्ता सुधारने के लिए कहा गया, लेकिन ग्रामीणों की शिकायतों को नजरअंदाज कर दिया गया। इसका नतीजा यह हुआ कि पहली बारिश में ही स्टापडेम बह गया और लाखों रुपये का नुकसान हो गया। उन्होंने कार्य में लापरवाही बरतने वाले विभागीय कर्मचारियों के खिलाफ कड़ी कार्रवाई की मांग की, ताकि सरकारी राशि का दुरुपयोग न हो। फिलहाल ग्रामीणों की ओर से मामले की शिकायत कलेक्टर से की गई है।
ग्राम हरदी सरपंच नोहर लाल ध्रुव ने कहा कि लगभग 200 से 250 एकड़ खेतों का सर्वे करने के बाद स्टापडेम का निर्माण कराया जा रहा है। निर्माण कार्य अभी पूर्ण नहीं हुआ था और इसी बीच स्टापडेम बह गया। निर्माण में गुणवत्ता का अभाव है। पानी बहने के बाद मौके पर जमीन में करीब 10 से 12 फीट तक रेत होने की बात सामने आ रही है। निर्माणकर्ता द्वारा स्टापडेम का कार्य पूरा करने की बात कही गई है। कलेक्टर से शिकायत की गई है।
इस संबंध में धमतरी कलेक्टर अविनाश मिश्रा ने कहा कि मगरलोड ब्लाक के ग्राम हरदी में स्टापडेम बहने की शिकायत मिली है। बारिश के दौरान गुणवत्ताहीन कार्य किए जाने की शिकायत की जांच कराई जाएगी और जांच के आधार पर उचित कार्रवाई की जाएगी।
जानकारी के अनुसार जल ग्रहण परियोजना के तहत कृषि विभाग द्वारा विकास खंड मगरलोड के ग्राम हरदी में चेकडेम का कार्य कराया जा रहा है जिसके कार्य एजेंसी परियोजना अधिकारी जलग्रहण है। कार्य का संपादन पूर्णतः कृषि विभाग के अधीन परियोजना अधिकारी द्वारा वाटर शेड कमेटी के माध्यम से कराए जाने का प्रावधान है। स्थल पर देखने से ऐसा लगता है कि नाले की चौड़ाई की अपेक्षा चेकडडेम की लंबाई कम है एवं नाले के जयग्रहण क्षेत्र का सही अनुमान नहीं लगाया गया है ।साथ ही स्थल पर नींव की गहराई का भी सही आकलन नहीं किया गया है। जिसके कारण भी स्ट्रक्चर क्षतिग्रस्त हुआ है। उपरोक्त स्थिति को देखते हुए इसकी विस्तृत जांच अन्य तकनीकी विभाग से कराया जाना चाहिए तभी निर्माण की वास्तविक कमियों का पता लग पाएगा।
हिन्दुस्थान समाचार / रोशन सिन्हा

