बलरामपुर के चिरई गांव में स्थापित हुई पूर्व केंद्रीय मंत्री लरंग साय की प्रतिमा, मुख्यमंत्री ने की तीन घोषणाएं
बलरामपुर, 28 अक्टूबर (हि.स.)। बलरामपुर जिले के शंकरगढ़ विकासखंड स्थित चिरई-जशवंतपुर गांव में बुधवार को पूर्व केंद्रीय मंत्री स्वर्गीय लरंग साय की प्रतिमा का अनावरण किया गया। उनके पैतृक गांव में आयोजित समारोह में मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय रायपुर से वर्चुअल माध्यम से जुड़े और प्रतिमा का अनावरण किया। इस अवसर पर जिले को 202 करोड़ 65 लाख रुपये की लागत वाले 2,009 विकास कार्यों की सौगात भी दी गई। मुख्यमंत्री ने शंकरगढ़ में विद्यालय भवन के जीर्णोद्धार, चांदो में सामुदायिक भवन और प्रतिमा स्थल के पास स्मृति द्वार बनाने की घोषणा की।
मुख्यमंत्री ने अपने संबोधन में लरंग साय के जीवन और जनसेवा को याद करते हुए कहा कि उनकी सादगी, ईमानदारी और स्पष्टवादिता आज भी लोगों के लिए प्रेरणा है। शिक्षक के रूप में अपने सफर की शुरुआत करने वाले लरंग साय ने 1967 में सामरी विधानसभा क्षेत्र से चुनाव जीतकर राजनीति में प्रवेश किया था। बाद में वे अविभाजित मध्यप्रदेश में राज्य मंत्री बने और 1977 में सरगुजा लोकसभा क्षेत्र से सांसद निर्वाचित होकर केंद्र की मोरारजी देसाई सरकार में श्रम एवं संसदीय कार्य राज्य मंत्री की जिम्मेदारी संभाली। वे 1980 में फिर विधायक चुने गए और 1989 तथा 1998 में सरगुजा से लोकसभा पहुंचे। मुख्यमंत्री ने कहा कि आदिवासी समाज के उत्थान, शिक्षा और क्षेत्र के बुनियादी विकास में उनका योगदान हमेशा याद रखा जाएगा।
कार्यक्रम के दौरान कुल 156 करोड़ 68 लाख रुपये की लागत के 1,863 कार्यों का भूमिपूजन और शिलान्यास किया गया, जबकि 45 करोड़ 97 लाख रुपये के 146 पूर्ण कार्यों का लोकार्पण हुआ। प्रमुख परियोजनाओं में प्रधानमंत्री ग्राम सड़क योजना के तहत 71 करोड़ 89 लाख रुपये की तीन सड़कें, कुसमी विकासखंड में 26 करोड़ 15 लाख रुपये की लागत से पांच पुल और जिला अस्पताल के लिए 4 करोड़ 72 लाख रुपये की सीटी स्कैन मशीन शामिल हैं। इसके अलावा वीबी-जी राम जी योजना के तहत 1,854 कार्य भी भूमिपूजन और शिलान्यास की सूची में शामिल रहे। लोकार्पित परियोजनाओं में 15 एकल ग्राम नल-जल योजनाएं, मनरेगा के 97 चेकडैम, छात्रावास, उप स्वास्थ्य केंद्र और महतारी सदन प्रमुख हैं।
समारोह में कुपोषण के खिलाफ पहल करते हुए ‘बालभोग’ कार्यक्रम की शुरुआत भी की गई। इसके तहत शंकरगढ़ विकासखंड के 967 कुपोषित बच्चों को आंगनबाड़ी केंद्रों के माध्यम से प्रतिदिन श्रीअन्न, रागी और सूखे मेवों से तैयार 30 ग्राम का पौष्टिक लड्डू दिया जाएगा। बच्चों के पोषण स्तर की नियमित निगरानी भी की जाएगी। महिला एवं बाल विकास मंत्री लक्ष्मी राजवाड़े ने कहा कि बच्चों और माताओं का बेहतर स्वास्थ्य मजबूत समाज की नींव है। उन्होंने अभिभावकों से आंगनबाड़ी केंद्रों की सेवाओं का लाभ लेने और बच्चों के खानपान पर ध्यान देने की अपील की।
कृषि मंत्री रामविचार नेताम ने लरंग साय को ऐसा जननेता बताया, जिन्होंने क्षेत्र की समस्याओं को प्रमुखता से उठाया और विकास के लिए लगातार प्रयास किए। उन्होंने कहा कि दूरस्थ वनांचलों तक सड़क, पुल और अन्य सुविधाएं पहुंचाने की जरूरत को लरंग साय ने अपने राजनीतिक जीवन में प्रमुखता दी थी। नेताम ने युवाओं से उनके जीवन से प्रेरणा लेकर शिक्षा और समाजसेवा के क्षेत्र में आगे आने का आह्वान किया।
सामरी विधायक उद्धेश्वरी पैकरा ने प्रतिमा स्थापना को क्षेत्र के लिए गौरव का अवसर बताया। उन्होंने कहा कि सामरी क्षेत्र से राजनीतिक सफर शुरू करने वाले लरंग साय की प्रतिमा उनकी जन्मभूमि में स्थापित होना लंबे समय से जुड़ी जनभावना को सम्मान देने जैसा है। लरंग साय सेवा समिति के अध्यक्ष राम लखन सिंह पैकरा ने भी प्रतिमा स्थापना को क्षेत्रवासियों की पुरानी मांग पूरी होने का अवसर बताया।
कार्यक्रम में जिला पंचायत अध्यक्ष हीरामुनी निकुंज, कलेक्टर चंदन संजय त्रिपाठी, सरगुजा पुलिस अधीक्षक राजेश अग्रवाल, जिला पंचायत सीईओ डॉ. आशुतोष चतुर्वेदी सहित अन्य जनप्रतिनिधि और बड़ी संख्या में ग्रामीण उपस्थित रहे।
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हिन्दुस्थान समाचार / विष्णु पांडेय

