बलरामपुर : मानसून में बढ़े सर्पदंश के मामले, समय पर इलाज से 158 मरीजों की बची जान

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बलरामपुर : मानसून में बढ़े सर्पदंश के मामले, समय पर इलाज से 158 मरीजों की बची जान


बलरामपुर, 15 जुलाई (हि.स.)।मानसून के दौरान जिले में सर्पदंश की घटनाएं बढ़ने के बीच आज बुधवार स्वास्थ्य विभाग ने लोगों से सतर्क रहने और सर्पदंश की स्थिति में तुरंत अस्पताल पहुंचने की अपील की है। विभाग ने बताया कि जिले के सभी सामुदायिक और प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्रों में एंटी-स्नेक वेनम की पर्याप्त उपलब्धता है, जिससे समय पर उपचार कर मरीजों की जान बचाई जा रही है।

मुख्य चिकित्सा एवं स्वास्थ्य अधिकारी डॉ. विजय कुमार सिंह ने बताया कि अप्रैल में सर्पदंश के 25, मई में 56 और जून में 158 मामले दर्ज किए गए। बढ़ते मामलों को देखते हुए सभी स्वास्थ्य संस्थानों में उपचार व्यवस्था को और मजबूत किया गया है।

उन्होंने बताया कि जून में सामने आए 158 मामलों में 130 मरीजों का जिले के स्वास्थ्य संस्थानों में सफलतापूर्वक इलाज किया गया, जबकि गंभीर स्थिति वाले 28 मरीजों को बेहतर उपचार के लिए उच्च स्वास्थ्य संस्थानों में रेफर किया गया। समय पर इलाज और एंटी-स्नेक वेनम की उपलब्धता के कारण उपचार के दौरान किसी भी मरीज की मौत नहीं हुई।

स्वास्थ्य विभाग ग्रामीण क्षेत्रों में मितानिनों और अन्य स्वास्थ्य कार्यकर्ताओं के माध्यम से लोगों को सर्पदंश से बचाव और समय पर उपचार के प्रति जागरूक कर रहा है। लोगों को अंधविश्वास और झाड़-फूंक से बचने तथा सर्पदंश होने पर तुरंत निकटतम स्वास्थ्य केंद्र पहुंचने की सलाह दी जा रही है।

स्वास्थ्य विभाग ने नागरिकों से अपील की है कि बारिश के मौसम में खेतों में काम करते समय पूरे पैर ढकने वाले जूते पहनें, रात में टॉर्च का इस्तेमाल करें और जमीन पर सोने से बचें। यदि सर्पदंश हो जाए तो घरेलू उपचार या झाड़-फूंक पर भरोसा करने के बजाय तुरंत अस्पताल पहुंचें, क्योंकि समय पर इलाज मिलने से मरीज की जान बचाई जा सकती है।

हिन्दुस्थान समाचार / विष्णु पांडेय

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