कौशल प्रशिक्षण से रोजगार की राह आसान, लाइवलीहुड कॉलेज में युवाओं को मिल रहा व्यावहारिक प्रशिक्षण
बलरामपुर, 18 अगस्त (हि.स.)।बलरामपुर जिले में युवाओं को रोजगार और स्वरोजगार से जोड़ने के लिए कौशल विकास पर जोर दिया जा रहा है। मुख्यमंत्री कौशल विकास योजना के तहत लाइवलीहुड कॉलेज में युवाओं को अलग-अलग रोजगारपरक ट्रेडों में प्रशिक्षण दिया जा रहा है। आज मंगलवार को जिले में संचालित प्रशिक्षण कार्यक्रमों के माध्यम से युवाओं को बाजार की जरूरत के अनुरूप तकनीकी और व्यावहारिक कौशल देने की पहल की जा रही है, ताकि वे प्रशिक्षण के बाद रोजगार पाने के साथ अपना काम शुरू कर आत्मनिर्भर भी बन सकें।
लाइवलीहुड कॉलेज में वर्तमान में वेल्डिंग और जल संचालक-वितरण ट्रेड में प्रशिक्षण चल रहा है। करीब 30 प्रशिक्षणार्थी इन ट्रेडों में प्रशिक्षण प्राप्त कर रहे हैं। प्रशिक्षण के दौरान युवाओं को तकनीकी जानकारी के साथ उपकरणों के सही उपयोग और काम की व्यावहारिक बारीकियों से अवगत कराया जा रहा है।
प्रशिक्षण का उद्देश्य युवाओं को केवल प्रमाण-पत्र तक सीमित न रखकर उन्हें वास्तविक कार्य के लिए सक्षम बनाना है, जिससे वे रोजगार के अवसर तलाशने के साथ जरूरत पड़ने पर स्वरोजगार भी शुरू कर सकें।
ग्रामीण क्षेत्रों में कृषि और कृषि उपकरणों की उपयोगिता को देखते हुए ट्रैक्टर मैकेनिक ट्रेड का नया बैच भी शुरू किया जाएगा। इसमें युवाओं को ट्रैक्टर के रखरखाव, सर्विसिंग, तकनीकी खराबियों की पहचान और मरम्मत से संबंधित व्यावहारिक प्रशिक्षण दिया जाएगा।
इस प्रशिक्षण से ग्रामीण क्षेत्र के युवाओं को अपने आसपास ही काम के अवसर मिलने की संभावना बढ़ेगी। साथ ही प्रशिक्षण प्राप्त युवा स्वयं का सर्विस सेंटर या संबंधित व्यवसाय शुरू कर स्वरोजगार की दिशा में आगे बढ़ सकेंगे।लाइवलीहुड कॉलेज में प्रशिक्षण लेने वाले युवाओं को आवश्यक सुविधाएं भी उपलब्ध कराई जा रही हैं। प्रशिक्षणार्थियों के लिए निःशुल्क आवास और भोजन की व्यवस्था है। इससे दूरस्थ क्षेत्रों से आने वाले युवाओं को रहने और भोजन पर खर्च की चिंता नहीं करनी पड़ती।
प्रशिक्षण के दौरान आवश्यक उपकरण, प्रायोगिक प्रशिक्षण के लिए संसाधन, प्रशिक्षण सामग्री के साथ रोजगार और प्लेसमेंट संबंधी मार्गदर्शन भी दिया जा रहा है। इससे युवाओं को प्रशिक्षण के लिए बेहतर वातावरण मिल रहा है।
लाइवलीहुड कॉलेज से अब तक 287 लोगों को प्रशिक्षण दिया जा चुका है, जिनमें से 217 लोग रोजगार से जुड़े हैं। प्रशिक्षण के बाद कुछ युवाओं ने सीखे हुए कौशल के आधार पर अपना काम भी शुरू किया है।
मुख्यमंत्री कौशल विकास योजना के तहत प्रशिक्षण प्राप्त कर रहे सुरेश कुमार ने बताया कि उन्हें इस योजना की जानकारी ग्राम पंचायत के माध्यम से मिली थी। इसके बाद उन्होंने लाइवलीहुड कॉलेज में पंजीयन कराया और प्रशिक्षण शुरू किया।
उन्होंने बताया कि पहले उनके पास किसी तरह का विशेष कौशल नहीं था, जिसके कारण रोजगार हासिल करने में परेशानी होती थी। प्रशिक्षण मिलने के बाद उनके आत्मविश्वास में बढ़ोतरी हुई है। अब वे अपने कौशल के आधार पर रोजगार तलाशने के साथ भविष्य में स्वरोजगार भी शुरू कर सकते हैं। उन्होंने युवाओं को कौशल से जोड़ने की पहल के लिए मुख्यमंत्री विष्णु देव साय के प्रति आभार जताया।
प्लंबर ट्रेड में प्रशिक्षण प्राप्त कर रहे कमल गुप्ता ने बताया कि उनके क्षेत्र में प्लंबिंग के काम की काफी मांग है और उनकी भी इस काम में रुचि थी। हालांकि प्रशिक्षण और तकनीकी जानकारी के अभाव में वे इसे व्यवस्थित तरीके से नहीं कर पा रहे थे।उन्होंने बताया कि लाइवलीहुड कॉलेज में उन्हें निःशुल्क आवास और भोजन के साथ प्रशिक्षण मिल रहा है। इससे बिना आर्थिक परेशानी के प्रशिक्षण पूरा करने में मदद मिल रही है। प्रशिक्षण पूरा होने के बाद वे अपने गांव में ही प्लंबिंग का काम शुरू कर आजीविका कमाना चाहते हैं।
हिन्दुस्थान समाचार / विष्णु पांडेय

