सरगुजा: सीतापुर नगर पंचायत क्षेत्र में बदहाल शौचालय, बजबजाती नालियों और कचरे के ढेरों से जनता बेहाल

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सरगुजा: सीतापुर नगर पंचायत क्षेत्र में बदहाल शौचालय, बजबजाती नालियों और कचरे के ढेरों से जनता बेहाल


सरगुजा: सीतापुर नगर पंचायत क्षेत्र में बदहाल शौचालय, बजबजाती नालियों और कचरे के ढेरों से जनता बेहाल


सरगुजा: सीतापुर नगर पंचायत क्षेत्र में बदहाल शौचालय, बजबजाती नालियों और कचरे के ढेरों से जनता बेहाल


सरगुजा: सीतापुर नगर पंचायत क्षेत्र में बदहाल शौचालय, बजबजाती नालियों और कचरे के ढेरों से जनता बेहाल


अम्बिकापुर, 01 सितंबर (हि.स.)। सरगुजा जिले की सीतापुर नगर पंचायत इन दिनों गंभीर प्रशासनिक उदासीनता और बुनियादी सुविधाओं की बदहाली से जूझ रही है। चौक-चौराहों पर फैला कचरा, जाम नालियां, बंद पड़ी स्ट्रीट लाइटें और देखरेख के अभाव में दम तोड़ते सार्वजनिक शौचालय नगर की छवि पर बट्टा लगा रहे हैं। स्थानीय रहवासियों के अनुसार, समस्याओं को लेकर कई बार शिकायत दर्ज कराने के बावजूद नगर प्रशासन की ओर से कोई ठोस कदम नहीं उठाया गया, जिससे नागरिकों में गहरा आक्रोश पनप रहा है।

वार्ड क्रमांक 15 स्थित कारगिल चौक, जो कारगिल युद्ध के शहीदों की स्मृति में समर्पित है। लंबे समय से उपेक्षा का शिकार है। राष्ट्रीय राजमार्ग क्रमांक 43 और गौरव पथ के संगम पर स्थित इस प्रमुख स्थल पर गंदगी का अंबार लगा हुआ है। नाली की सफाई के नाम पर उसके स्लैब हटाकर खुले छोड़ दिए गए हैं, जिससे वहां हर समय सड़क दुर्घटनाओं का अंदेशा बना रहता है। खुले में बहते गंदे पानी और कचरे से आसपास का वातावरण लगातार दूषित हो रहा है।

यही हाल अंतर्राज्यीय नया बस स्टैंड परिसर में स्थित सार्वजनिक शौचालय का है। रोजाना सैकड़ों यात्रियों और स्थानीय लोगों की आवाजाही वाले इस परिसर में शौचालय के दरवाजे टूटे पड़े हैं, वॉश बेसिन क्षतिग्रस्त हैं और नियमित सफाई न होने के कारण भारी दुर्गंध फैल रही है। रखरखाव के अभाव में यह सुविधा उपयोग के सर्वथा अयोग्य हो चुकी है। वहीं वार्ड क्रमांक 10 स्थित 'अटल परिसर', जिसे एक स्वच्छ मॉडल उद्यान के रूप में विकसित किया जाना था, प्रशासनिक अनदेखी के कारण अवैध डंपिंग यार्ड में तब्दील हो चुका है।

वार्ड क्रमांक 10 में ही लाखों की लागत से बनी अधूरी जलनिकासी नाली जाम हो चुकी है, जिसके चलते गंदा पानी और कीचड़ मुख्य मार्ग पर बह रहा है। इसी स्थल पर प्रति बुधवार साप्ताहिक हाट-बाजार सजता है, जहां छोटे व्यापारी और ग्राहक घुटनों तक भरे गंदे पानी व बदबू के बीच आवाजाही करने पर मजबूर हैं। स्थानीय व्यापारियों का आरोप है कि गुहार लगाने के बाद भी जलनिकासी की कोई वैकल्पिक व्यवस्था नहीं की गई।

इस मामले पर नगर पंचायत के मुख्य नगर पालिका अधिकारी (सीएमओ) ओमप्रकाश शर्मा का कहना है कि कारगिल चौक से कई बार कचरा हटाया गया, किंतु स्थानीय लोगों द्वारा दोबारा कचरा फेंके जाने से समस्या बनी हुई है। उन्होंने बताया कि बस स्टैंड शौचालय की 24 घंटे निगरानी के लिए पूर्व में तैनात कर्मी पर अवैध वसूली के आरोप लगे थे, जिसके बाद अब नियमित सफाईकर्मी तैनात किया गया है जो अपनी शिफ्ट में कार्य करता है। सीएमओ ने आश्वस्त किया है कि जल्द ही सार्वजनिक शौचालय की आवश्यक मरम्मत करवाकर व्यवस्था दुरुस्त कर ली जाएगी।

हिन्दुस्थान समाचार / पारस नाथ सिंह

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