कांग्रेस का राष्ट्रपति शासन मांगना लोकतंत्र और जनता के जनादेश का अपमान : भारत सिंह सिसोदिया
अंबिकापुर, 04 जून (हि.स.)। भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) सरगुजा के जिलाध्यक्ष भारत सिंह सिसोदिया ने छत्तीसगढ़ में राष्ट्रपति शासन लगाने की कांग्रेस की मांग पर कड़ा पलटवार किया है। उन्होंने जिला कांग्रेस कमेटी द्वारा राज्यपाल के नाम सौंपे गए ज्ञापन को लोकतंत्र, संविधान और प्रदेश की जनता के जनादेश का घोर अपमान बताया है। सिसोदिया ने कहा कि जिस कांग्रेस ने 1975 में देश पर आपातकाल थोपकर लोकतंत्र का गला घोंटा था, वह आज लोकतंत्र बचाने का ढोंग कर रही है। देश की जनता कांग्रेस शासनकाल के कुशासन और घोटालों को आज तक नहीं भूली है।
भाजपा जिलाध्यक्ष ने सीतापुर की घटना का जिक्र करते हुए कहा कि एक मामले को आधार बनाकर पूरे प्रदेश में संवैधानिक तंत्र विफल होने का आरोप लगाना पूरी तरह राजनीति से प्रेरित है। उक्त मामले में कानून के दायरे में रहते हुए अपराध दर्ज किया जा चुका है और विधिसम्मत जांच जारी है। उन्होंने कहा कि किसी एक घटना को बहाना बनाकर सीधे राष्ट्रपति शासन की मांग करना कांग्रेस की हताशा और लोकतांत्रिक प्रक्रियाओं में उसके अविश्वास को दर्शाता है।
सिसोदिया ने कांग्रेस के इतिहास पर सवाल उठाते हुए कहा कि देश और राज्यों को अस्थिर करना तथा संवैधानिक संस्थाओं को कमजोर करना कांग्रेस की पुरानी नीति रही है। केंद्र में कांग्रेस और उसके गठबंधन की सरकारों के दौरान अलग-अलग राज्यों में 80 से अधिक बार राष्ट्रपति शासन लगाया गया। इसके अलावा, देश ने 1975 का आपातकाल, 1984 के सिख विरोधी दंगे और बोफोर्स, 2जी स्पेक्ट्रम, कॉमनवेल्थ व कोयला आवंटन जैसे बड़े घोटाले देखे हैं, जिन्होंने हमेशा कांग्रेस की कार्यप्रणाली पर गंभीर प्रश्नचिह्न लगाए।
छत्तीसगढ़ की पूर्ववर्ती कांग्रेस सरकार को आड़े हाथों लेते हुए भाजपा नेता ने कहा कि पिछले पांच वर्षों में राज्य में कथित शराब घोटाला, कोयला लेवी वसूली, महादेव ऑनलाइन सट्टा एप, पीएससी भर्ती में अनियमितताएं और डीएमएफ मद के दुरुपयोग जैसे मामलों ने प्रदेश की छवि को गहरा नुकसान पहुंचाया। इन मामलों में जांच एजेंसियों की कार्रवाई जारी है, जिसमें तत्कालीन मुख्यमंत्री भूपेश बघेल और पूर्व मंत्री कवासी लखमा सहित कई प्रभावशाली व्यक्तियों व अधिकारियों के नाम सामने आए हैं। उन्होंने सवाल उठाया कि जब प्रदेश में भ्रष्टाचार और प्रशासनिक अनियमितताएं चरम पर थीं, तब कांग्रेस को संवैधानिक संकट क्यों नहीं दिखाई दिया?
सिसोदिया ने आगे कहा कि आज जब मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय के नेतृत्व में भाजपा सरकार पारदर्शिता, सुशासन और जनकल्याण के संकल्प के साथ कार्य कर रही है, तब कांग्रेस जनता के हितों के बजाय राजनीतिक षड्यंत्र रचने और भ्रम फैलाने में लगी है। राजस्व कर्मचारियों की हड़ताल जैसे प्रशासनिक विषयों का समाधान भी सरकार ने संवैधानिक प्रक्रियाओं के तहत कर लिया है, लेकिन कांग्रेस इसे राजनीतिक रंग देना चाहती है। उन्होंने कहा कि छत्तीसगढ़ की जनता कांग्रेस के इस दोहरे चरित्र को अच्छी तरह समझती है और वह विकास व जनहित के लिए कार्य कर रही भाजपा सरकार के साथ मजबूती से खड़ी है।
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हिन्दुस्थान समाचार / पारस नाथ सिंह

