रामानुजगंज में शिव महापुराण कथा का शुभारंभ, बारिश के बीच निकली भव्य कलश यात्रा
बलरामपुर, 18 अगस्त (हि.स.)। बलरामपुर जिले के रामानुजगंज में सावन मास के अवसर पर सात दिवसीय शिव महापुराण कथा का मंगलवार को धार्मिक उत्साह के साथ शुभारंभ हुआ। कथा शुरू होने से पहले कन्हर नदी के तट स्थित प्राचीन श्री राम मंदिर से भव्य कलश यात्रा निकाली गई।
बारिश के बीच सैकड़ों महिलाओं ने सिर पर कलश धारण कर यात्रा में हिस्सा लिया। वहीं बड़ी संख्या में श्रद्धालु भी बरसते पानी में शामिल होकर भगवान शिव के जयकारे लगाते हुए कथा स्थल तक पहुंचे। कलश यात्रा की शुरुआत कन्हर नदी से विधिवत जल उठाने के बाद हुई। इसके बाद यात्रा नगर के प्रमुख चौक-चौराहों और मार्गों से होते हुए कथा स्थल काका लरंगसाय टाउन हॉल पहुंची। रास्ते में विभिन्न स्थानों पर श्रद्धालुओं ने कलश यात्रा का पुष्पवर्षा कर स्वागत किया।
यात्रा के दौरान 'हर-हर महादेव' और 'ॐ नमः शिवाय' के जयघोष से पूरा नगर गूंजता रहा। बारिश लगातार होने के बावजूद श्रद्धालुओं का उत्साह कम नहीं हुआ। महिलाएं कलश लेकर यात्रा में आगे बढ़ती रहीं और बड़ी संख्या में लोग उनके साथ चलते रहे। इससे पूरे नगर का वातावरण भक्तिमय नजर आया।
कलश यात्रा में नगर पालिका अध्यक्ष रमन अग्रवाल, समाजसेवी सुभाष जायसवाल, गायत्री परिवार के टीआर शर्मा, एसपी निगम, पूर्व नगर पंचायत अध्यक्ष मधु गुप्ता, अजय केसरी, अजीत गुप्ता, पार्षद सुमित गुप्ता, सुरेश पुरी, अर्जुन दास, रूपवती, अशोक जायसवाल सहित बड़ी संख्या में श्रद्धालु शामिल हुए।
श्री शिव महापुराण कथा का आयोजन काका लरंगसाय टाउन हॉल, रामानुजगंज में श्री राम मंदिर एवं मां महामाया मंदिर के समीप किया जा रहा है। कथा 18 से 24 अगस्त तक प्रतिदिन दोपहर 3 बजे से शाम 6 बजे तक होगी।
कथा व्यास श्रीधाम वृंदावन के पं. कुंजबिहारी जी महाराज हैं। सात दिनों तक चलने वाली कथा में भगवान शिव की महिमा, शिव भक्ति और विभिन्न धार्मिक एवं आध्यात्मिक प्रसंगों का वर्णन किया जाएगा।
सावन मास में आयोजित इस धार्मिक कार्यक्रम को लेकर रामानुजगंज शहर के साथ आसपास के ग्रामीण क्षेत्रों के श्रद्धालुओं में भी उत्साह है। आयोजकों के अनुसार कथा के माध्यम से श्रद्धालुओं को भगवान शिव की महिमा के साथ सनातन परंपराओं और आध्यात्मिक संदेशों से परिचित कराने का प्रयास किया जा रहा है।
मंगलवार को बारिश के बीच निकली कलश यात्रा ने रामानुजगंज में श्रद्धा और आस्था का विशेष माहौल बना दिया। कन्हर नदी से लाए गए पवित्र जल के साथ शुरू हुई यात्रा के दौरान पूरा नगर शिवभक्ति में डूबा नजर आया। आयोजकों ने श्रद्धालुओं से सातों दिन कथा में शामिल होकर धार्मिक एवं आध्यात्मिक प्रवचनों का लाभ लेने की अपील की है।
हिन्दुस्थान समाचार / विष्णु पांडेय

