शीतला सप्तमी पर मंदिर में शीतला माता की हुई पूजा

धमतरी, 1 अप्रैल् (हि.स.)। होली पर्व के सातवें दिन चैत्र माह के कृष्ण पक्ष की सप्तमी पर शीतला सप्तमी का व्रत रखा जाता है। सोमवार एक अप्रैल को महिमासागर वार्ड स्थित शीतला मंदिर सहित अन्य शीतला मंदिर में श्रद्धालुओं ने पहुंचकर पूजा की। माना जाता है कि इस दिन माता की पूजा करने से ठंडकता आती है। साथ ही चेचक व अन्य तरह की बीमारियां व संक्रमण नहीं होता है। शीतला माता का उल्लेख स्तंभ पुराण में भी मिलता है।

शहर में शीतला सप्तमी और गांवों में माता पहुंचानी के कार्यक्रम को लोग विधि-विधान के साथ आयोजित कर शीतला मंदिरों में माता की पूजा अर्चना करते हैं। शीतला सप्तमी के दिन माता की ठंडकता के लिए पूजा की जाती है। इस दिन घरों में चूल्हा नहीं जलाया जाता। ये एकमात्र ऐसा व्रत जिसमें पूजा के दौरान माता को बासी भोजन का भोग लगाया जाता है। भोग लगने के बाद एक दिन पहले बने खाने की सामग्री को प्रसाद के रूप में खाया जाता है। यूपी, बिहार, राजस्थान से यहां वर्षों से रह रहे लोग होली के बाद सप्तमी और अष्टमी को मनाते हैं। शीतला सप्तमी के अवसर पर दानीटोला में स्थित प्राचीन शीतला मंदिर में दो दिनों तक पूजा अर्चना करने वालों की भीड़ सुबह से ही दिखाई दी। शीतला मंदिर से ठंडा जल लेकर घरों में छिड़काव भी किया गया, ताकि शांति बनी रही।

हिन्दुस्थान समाचार/ रोशन सिन्हा

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