सेवा की कहानी’ : ’परंपरागत कार्य को व्यवसायिक साधन बनाकर आगे बढ़ रहीं हैं पद्मावती’

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सेवा की कहानी’ : ’परंपरागत कार्य को व्यवसायिक साधन बनाकर आगे बढ़ रहीं हैं पद्मावती’


रायपुर, 12 अक्टूबर (हि.स.)। मेहनत करने वाले आदिवासी किसान परिवार की महिला की एक सोच से अब उनका पारंपरिक कार्य उनके परिवार का मुख्य व्यवसाय बन गया है। साधारण श्रमिक परिवार की महिला को बिहान की मदद ने एक सफल कृषि व्यवसायी बना दिया है।

बिहान के माध्यम से ग्रामीण महिलाएं अपनी पारंपरिक आजीविका गतिविधियों को सुदृढ़ कर आर्थिक आत्मनिर्भरता की दिशा में आगे बढ़ रही हैं। इसी का प्रेरणादायक उदाहरण हैं कोरिया जिले के ग्राम फूलपुर की पद्मावती, जिन्होंने बकरी पालन जैसी पारंपरिक आजीविका गतिविधि को आय के मजबूत साधन के रूप में विकसित कर अपने परिवार की आर्थिक स्थिति बदलने का काम किया है। पद्मावती अब दर्जनों बकरियों का शेड संचालित कर रही हैं और इससे उनकी निश्चित आय हो रही है। उनके परिवार का मूल कार्य अब उनके व्यवसाय और आय का साधन बन गया है।

पद्मावती के जीवन में आर्थिक बदलाव की शुरुआत ओम शुभम महिला स्व-सहायता समूह से जुड़ने के बाद हुई। छत्तीसगढ़ राज्य ग्रामीण आजीविका मिशन बिहान अंतर्गत समूह के माध्यम से उन्हें बचत, वित्तीय सहयोग और आजीविका संवर्धन के अवसर प्राप्त हुए। उन्होंने समूह से अस्सी हजार रूपये का ऋण प्राप्त कर अपनी पारंपरिक बकरी पालन गतिविधि को व्यवसाय की तरह आगे बढ़ाया। उन्होंने अपनी मेहनत और पशुपालन संबंधी अनुभव का उपयोग करते हुए इस गतिविधि को अधिक व्यवस्थित एवं आयमूलक बनाया। अब यह कार्य करते हुए वह अपने परिवार की आर्थिक जरूरतों को पूरा कर पा रही हैं।

आज पद्मावती की कुल वार्षिक आय लगभग दो लाख रूपये तक पहुंच गई है। यह उपलब्धि उनकी निरंतर मेहनत, पारंपरिक कौशल और समूह से प्राप्त आर्थिक सहयोग का सकारात्मक परिणाम है। पहले जहां सीमित संसाधनों के कारण बकरी पालन का विस्तार चुनौतीपूर्ण था, वहीं आज यही गतिविधि उनके परिवार की आर्थिक मजबूती का महत्वपूर्ण आधार बन गई है।

पारंपरिक पशुपालन से आर्थिक प्रगति करने वाली पद्मावती के सामाजिक जीवन में भी सकारात्मक बदलाव आया है। स्वयं की आजीविका को सुदृढ़ करने से उनका आत्मविश्वास बढ़ा है तथा परिवार की आर्थिक जिम्मेदारियों में उनकी भागीदारी महत्वपूर्ण हुई है। पद्मावती कहती हैं कि मन का काम शुरू हो गया है और अब कोई चिंता नहीं है। पद्मावती की सफलता यह दर्शाती है कि ग्रामीण महिलाओं की पारंपरिक आजीविका गतिविधियां भी उचित वित्तीय सहयोग, मेहनत और बेहतर प्रबंधन के माध्यम से आर्थिक समृद्धि का आधार बन सकती हैं।

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हिन्दुस्थान समाचार / चन्द्र नारायण शुक्ल

Livevns.news Desk
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