17 सितंबर को छह लाख 46 हजार दीयों से जगमगाएगा बलरामपुर, घर-घर पहुंच रहे दीये

WhatsApp Channel Join Now
17 सितंबर को छह लाख 46 हजार दीयों से जगमगाएगा बलरामपुर, घर-घर पहुंच रहे दीये


बलरामपुर, 16 सितंबर (हि.स.)। सेवा संकल्प अभियान के तहत 17 सितंबर की शाम बलरामपुर-रामानुजगंज जिला 6 लाख 46 हजार 418 दीयों से रोशन होगा। ‘‘आशीर्वाद का दीया’’ कार्यक्रम के तहत विभागीय और निकायस्तर पर 5 लाख 16 हजार 418 तथा जिलास्तरीय कार्यक्रम में एक लाख 30 हजार दीये प्रज्वलित किए जाएंगे। आयोजन को लेकर प्रशासन की ओर से नगरीय निकायों से लेकर ग्राम पंचायतों तक घर-घर दीयों का वितरण किया जा रहा है।

जिलास्तरीय कार्यक्रम बलरामपुर के हाई स्कूल खेल मैदान में आयोजित होगा, जहां एक साथ एक लाख 30 हजार दीये जलाए जाएंगे। इसके अलावा अटल परिसर, चयनित पार्कों और अन्य प्रमुख स्थानों पर भी दीप सज्जा की जाएगी। प्रदेश के कृषि मंत्री रामविचार नेताम जिलास्तरीय कार्यक्रम में मुख्य अतिथि के रूप में शामिल होंगे।

प्रशासन के अनुसार सभी अनुभाग, तहसील और उप तहसील मुख्यालयों के साथ जनपद पंचायतों, नगर पालिका परिषद और नगर पंचायतों में भी दीपमालिका सजाई जाएगी। शासकीय योजनाओं के हितग्राहियों के आवास, अमृत सरोवर, चयनित सार्वजनिक स्थल और पुरातात्विक महत्व के स्थलों को भी दीपों से रोशन किया जाएगा।

विभागों में शिक्षा विभाग सबसे अधिक एक लाख 86 हजार दीये जलाएगा। स्वास्थ्य विभाग 14 हजार 977, महिला एवं बाल विकास विभाग 11 हजार 450 और आदिम जाति कल्याण विभाग 10 हजार दीये प्रज्वलित करेगा। जनपद पंचायत वाड्रफनगर में 62 हजार, रामचन्द्रपुर में 46 हजार 940, राजपुर में 43 हजार 600, शंकरगढ़ में 41 हजार 100, बलरामपुर में 35 हजार और कुसमी में 34 हजार 600 दीये जलाए जाएंगे।

नगरीय क्षेत्रों में नगर पंचायत वाड्रफनगर में 8 हजार 600, रामानुजगंज में 7 हजार, राजपुर में 5 हजार 151, कुसमी में 5 हजार और नगर पालिका बलरामपुर में 5 हजार दीयों से रोशनी की जाएगी।

आयोजन में जनप्रतिनिधियों के साथ शिक्षक, विद्यार्थी, युवा, खिलाड़ी, महिलाएं, आंगनबाड़ी एवं स्वास्थ्य कार्यकर्ता और वरिष्ठजन सहित विभिन्न वर्गों की भागीदारी रहेगी। स्कूलों, छात्रावासों, आंगनबाड़ी केंद्रों और स्वास्थ्य संस्थानों में भी दीप जलाए जाएंगे।

कलेक्टर चंदन संजय त्रिपाठी ने कहा कि सेवा संकल्प अभियान से जुड़ने के लिए किसी बड़े आयोजन का हिस्सा बनना जरूरी नहीं है। घर के आंगन में जलाया गया एक दीया भी अभियान में सहभागिता है। उन्होंने जिलेवासियों से अपने घर, मोहल्ले या नजदीकी सार्वजनिक स्थल पर दीप जलाकर अभियान में शामिल होने की अपील की।

प्रशासन ने दीप जलाते समय सावधानी बरतने और छोटे बच्चों की निगरानी रखने की अपील की है, ताकि आयोजन सुरक्षित और गरिमापूर्ण तरीके से संपन्न हो।

---------------

हिन्दुस्थान समाचार / विष्णु पांडेय

Share this story