अनुसूचित जाति अभ्युदय योजना से बदली कुमार गौरव ताड़िया की किस्मत

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अनुसूचित जाति अभ्युदय योजना से बदली कुमार गौरव ताड़िया की किस्मत


कोरबा, 25 जून (हि. स.)। शासन की अनुसूचित जाति अभ्युदय योजना (पीएम-अजय) जिले के अनुसूचित जाति वर्ग के युवाओं को आत्मनिर्भर बनाने में महत्वपूर्ण भूमिका निभा रही है। इस योजना का लाभ लेकर कोरबा जिले के ग्राम सेमीपाली निवासी कुमार गौरव ताड़िया ने न केवल अपना स्वरोजगार स्थापित किया, बल्कि आज अपने परिवार की आर्थिक स्थिति को भी मजबूत बना लिया है।

ग्राम सेमीपाली, पोस्ट कुदुरमाल, तहसील भैंसमा निवासी कुमार गौरव ताड़िया ने बताया कि उन्हें स्थानीय समाचार पत्रों के माध्यम से जानकारी मिली थी कि अंत्यावसायी सहकारी विकास समिति, कोरबा द्वारा अनुसूचित जाति वर्ग के हितग्राहियों को विभिन्न स्वरोजगार योजनाओं के तहत ऋण उपलब्ध कराया जाता है। इसके बाद उन्होंने जिला अंत्यावसायी सहकारी विकास समिति कार्यालय में आवेदन प्रस्तुत किया।

आवेदन प्रक्रिया पूरी होने के बाद उनका प्रकरण बैंक ऑफ बड़ौदा, कोरबा को भेजा गया, जहां से उन्हें अनुसूचित जाति अभ्युदय योजना (पीएम-अजय) के तहत मल्टी स्टोर संचालन के लिए एक लाख रुपये का ऋण स्वीकृत किया गया। इसके साथ ही जिला अंत्यावसायी सहकारी विकास समिति द्वारा 50 हजार रुपये की अनुदान राशि भी प्रदान की गई।

ऋण और अनुदान की सहायता से कुमार गौरव ने अपना मल्टी स्टोर व्यवसाय शुरू किया। व्यवसाय शुरू होने के बाद उनकी आय में लगातार वृद्धि हुई और वर्तमान में उन्हें हर महीने लगभग 20 हजार से 25 हजार रुपये तक की आमदनी हो रही है। इससे उनके परिवार को आर्थिक मजबूती मिली है और रोजगार का स्थायी साधन भी उपलब्ध हुआ है।

कुमार गौरव ने बताया कि वे बैंक से प्राप्त ऋण की किस्तों का नियमित भुगतान कर रहे हैं। उन्होंने राज्य शासन और संबंधित विभाग का आभार व्यक्त करते हुए कहा कि इस योजना ने उन्हें आत्मनिर्भर बनने का अवसर दिया है। पहले जहां रोजगार का कोई स्थायी साधन नहीं था, वहीं अब वे सफलतापूर्वक अपना व्यवसाय संचालित कर सम्मानजनक जीवनयापन कर रहे हैं।

जिला प्रशासन के अनुसार अनुसूचित जाति अभ्युदय योजना का उद्देश्य अनुसूचित जाति वर्ग के युवाओं को स्वरोजगार के अवसर उपलब्ध कराकर आर्थिक रूप से सशक्त बनाना है। जिले में संचालित इस तरह की योजनाएं सामाजिक और आर्थिक रूप से कमजोर वर्गों के लिए लाभकारी साबित हो रही हैं। शासन का प्रयास है कि अधिक से अधिक पात्र हितग्राही इन योजनाओं का लाभ उठाकर स्वयं का रोजगार स्थापित करें और आत्मनिर्भर भारत के निर्माण में अपनी भागीदारी निभाएं।

हिन्दुस्थान समाचार / हरीश तिवारी

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