फायर सेफ्टी नियमों का पालन कर बचाएं जान-माल, कोरबा प्रशासन ने जारी की एडवाइजरी

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फायर सेफ्टी नियमों का पालन कर बचाएं जान-माल, कोरबा प्रशासन ने जारी की एडवाइजरी


कोरबा, 12 जून (हि. स.)। बढ़ती अग्नि दुर्घटनाओं और गर्मी के मौसम में आग लगने की घटनाओं को देखते हुए फायर सेफ्टी को लेकर जागरूकता बढ़ाने की अपील की गई है। प्रशासन ने शुक्रवार काे विज्ञप्ति जारी कर कहा है कि फायर सेफ्टी केवल एक नियम नहीं, बल्कि ऐसा सुरक्षा कवच है जो परिवार, व्यवसाय, भवन, दुकान, प्रतिष्ठान और घर-बार को आग से होने वाले नुकसान से बचाता है।

प्रशासन के अनुसार भवनों, संस्थानों, कार्यालयों, बाजारों और व्यावसायिक प्रतिष्ठानों में फायर सेफ्टी व्यवस्था का होना अनिवार्य है। आग लगने जैसी आपातकालीन परिस्थितियों में उचित सुरक्षा इंतजाम और त्वरित निकासी व्यवस्था से जान-माल के नुकसान को काफी हद तक कम किया जा सकता है।

विशेषज्ञों का कहना है कि रिहायशी और व्यावसायिक भवनों में आपातकालीन निकास मार्ग, सीढ़ियां और गलियारे हमेशा बाधा मुक्त होने चाहिए। फायर एग्जिट दरवाजों को बाहर से बंद नहीं किया जाना चाहिए तथा पानी और रेत जैसी प्राथमिक अग्निशमन सामग्री आसानी से उपलब्ध रहनी चाहिए।

फायर सेफ्टी के तहत प्रत्येक भवन में एबीसी श्रेणी के अग्निशामक यंत्र, स्मोक डिटेक्टर, फायर अलार्म और स्प्रिंकलर सिस्टम लगाए जाने चाहिए। इन उपकरणों की नियमित जांच और फायर ऑडिट कराना भी आवश्यक है ताकि किसी खराबी को समय रहते दूर किया जा सके।

प्रशासन ने विद्युत सुरक्षा पर विशेष जोर देते हुए कहा है कि ओवरलोडिंग से बचें और केवल आईएसआई प्रमाणित वायरिंग एवं उपकरणों का उपयोग करें। ट्रांसफॉर्मर, जनरेटर और एयर कंडीशनिंग यूनिट्स को सुरक्षित एवं आग प्रतिरोधी स्थानों पर स्थापित किया जाना चाहिए। एलपीजी सिलेंडर की नियमित जांच और बिजली उपकरणों का सुरक्षित उपयोग भी आग की घटनाओं को रोकने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाता है।

फायर सेफ्टी विशेषज्ञों के अनुसार कार्यालयों, स्कूलों और बड़े भवनों में हर छह महीने में कम से कम एक बार फायर ड्रिल आयोजित की जानी चाहिए। कर्मचारियों और विद्यार्थियों को आग लगने की स्थिति में बचाव के उपायों का प्रशिक्षण दिया जाना चाहिए। साथ ही प्रमुख स्थानों पर फायर ब्रिगेड (101), पुलिस और एम्बुलेंस के संपर्क नंबर प्रदर्शित किए जाने चाहिए।

आग लगने की स्थिति में सबसे पहले फायर अलार्म सक्रिय करें और आसपास मौजूद लोगों को सतर्क करें। तत्काल फायर ब्रिगेड को सूचना दें और लिफ्ट का उपयोग करने के बजाय सीढ़ियों से सुरक्षित बाहर निकलें। धुएं से बचने के लिए जमीन के करीब रहते हुए बाहर निकलना अधिक सुरक्षित माना जाता है।

प्रशासन ने लोगों को चेतावनी दी है कि बिजली के सॉकेट पर अधिक भार न डालें, खराब वायरिंग का उपयोग न करें और घर या प्रतिष्ठान में ज्वलनशील पदार्थों का अनावश्यक भंडारण न करें। जलती हुई सिगरेट, मोमबत्ती या अन्य खुली आग के स्रोतों के प्रति विशेष सावधानी बरतना जरूरी है।

व्यावसायिक प्रतिष्ठानों, मॉल, बाजारों और संस्थानों को फायर सेफ्टी नियमों का कड़ाई से पालन करने, नियमित फायर एवं इलेक्ट्रिकल ऑडिट कराने, कर्मचारियों को प्रशिक्षण देने और साल में कम से कम दो बार मॉक ड्रिल आयोजित करने की सलाह दी गई है।

गर्मी के मौसम को देखते हुए प्रशासन ने विशेष सतर्कता बरतने की अपील की है। बढ़े हुए विद्युत भार की निगरानी, ट्रांसफॉर्मर और कूलिंग सिस्टम की नियमित सर्विसिंग तथा सर्वर रूम, स्टोरेज रूम और किचन जैसे संवेदनशील क्षेत्रों में अतिरिक्त सावधानी बरतने की सलाह दी गई है।

प्रशासन का कहना है कि फायर सेफ्टी नियमों का पालन कर बड़ी अग्नि दुर्घटनाओं को रोका जा सकता है। थोड़ी सी सतर्कता और समय पर किए गए सुरक्षा उपाय किसी बड़ी त्रासदी को टाल सकते हैं तथा लोगों की जान और संपत्ति की रक्षा कर सकते हैं।

हिन्दुस्थान समाचार/ हरीश तिवारी

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हिन्दुस्थान समाचार / हरीश तिवारी

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