अंबिकापुर : “सरगुजा ओलंपिक” में गीता फोगाट का जोश भरा संदेश, हार से नहीं, हौसले से बनती है जीत

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अंबिकापुर : “सरगुजा ओलंपिक” में गीता फोगाट का जोश भरा संदेश, हार से नहीं, हौसले से बनती है जीत


अंबिकापुर : “सरगुजा ओलंपिक” में गीता फोगाट का जोश भरा संदेश, हार से नहीं, हौसले से बनती है जीत


अंबिकापुर : “सरगुजा ओलंपिक” में गीता फोगाट का जोश भरा संदेश, हार से नहीं, हौसले से बनती है जीत


अंबिकापुर : “सरगुजा ओलंपिक” में गीता फोगाट का जोश भरा संदेश, हार से नहीं, हौसले से बनती है जीत


अंबिकापुर, 21 मार्च (हि.स.)। छत्तीसगढ़ के अंबिकापुर में शनिवार काे “सरगुजा ओलंपिक 2026” के शुभारंभ अवसर पर अंतरराष्ट्रीय कुश्ती खिलाड़ी एवं अर्जुन पुरस्कार से सम्मानित गीता फोगाट से मुलाकात का मौका हजारों खिलाड़ियों के लिए यादगार बन गया। उनके अंबिकापुर प्रवास के दौरान 2 हजार से अधिक खिलाड़ियों ने उनसे रूबरू होकर प्रेरणा ली, जिससे पूरे मैदान में उत्साह और ऊर्जा का माहौल बन गया।

जैसे ही खिलाड़ी गीता फोगाट से मिले, पूरे परिसर में ‘गीता दीदी जिंदाबाद’ के नारों की गूंज सुनाई देने लगी। खिलाड़ियों के चेहरों पर खुशी और आत्मविश्वास साफ झलक रहा था। यह पल उनके लिए न केवल खास, बल्कि जीवन भर याद रखने वाला अनुभव बन गया।

खिलाड़ियों को संबोधित करते हुए गीता फोगाट ने कहा कि सरगुजा की धरती खेल प्रतिभाओं के लिए बेहद अनुकूल है। उन्होंने सफलता का मंत्र देते हुए कहा, “हार से कभी निराश न हों, खुद पर विश्वास रखें और अंतिम क्षण तक अपने लक्ष्य के लिए जुटे रहें, सफलता जरूर मिलेगी।”

उन्होंने आगे कहा कि खेल हो, नौकरी, परीक्षा या व्यवसाय; हर क्षेत्र में आगे बढ़ने के लिए जुनून, कड़ी मेहनत और धैर्य जरूरी है। साथ ही नशे से दूरी, सकारात्मक सोच और नियमित अभ्यास को सफलता की कुंजी बताया। खिलाड़ियों को अपने स्वास्थ्य का विशेष ध्यान रखने की भी सलाह दी।

सरगुजा, बलरामपुर, सूरजपुर, जशपुर, कोरिया और एमसीबी जिलों से आए खिलाड़ियों ने गीता फोगाट को अपना रोल मॉडल बताते हुए कहा कि उनके संघर्ष और उपलब्धियां उन्हें लगातार प्रेरित करती हैं। खिलाड़ियों ने कहा कि “गीता दीदी” ने यह साबित कर दिया है कि दृढ़ संकल्प और मेहनत से कोई भी लक्ष्य हासिल किया जा सकता है।

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हिन्दुस्थान समाचार / पारस नाथ सिंह

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