अंबिकापुर : लोन के नाम पर 3 करोड़ की ठगी करने वाला मुख्य आरोपित गिरफ्तार, 10 लोग बने शिकार
अंबिकापुर, 28 मई (हि.स.)। सरगुजा जिले की गांधीनगर पुलिस ने लोन दिलाने के नाम पर लाखों रुपये की धोखाधड़ी करने वाले एक शातिर आरोपित को गिरफ्तार करने में बड़ी सफलता हासिल की है। आरोपित ने 'अनशिवआर्या फाउंडेशन ग्रुप' नामक फर्जी कंपनी के जरिए न सिर्फ एक शिक्षिका से 28 लाख रुपये की ठगी की, बल्कि 9 अन्य लोगों को भी अपनी साख में लेकर करीब 3 करोड़ रुपये से अधिक का चूना लगाया है। पुलिस ने आरोपित को गिरफ्तार कर आज न्यायिक रिमांड पर जेल भेज दिया है।
डीआईजी एवं एसएसपी राजेश कुमार अग्रवाल और सरगुजा पुलिस अधीक्षक के दिशा-निर्देश पर जिले में अपराधियों के खिलाफ चलाए जा रहे धरपकड़ अभियान के तहत यह कार्रवाई की गई है। गांधीनगर थाना क्षेत्र की रहने वाली और राजपुर ब्लॉक में पदस्थ शिक्षिका दिव्या एक्का ने 12 मई 2026 को मामले की शिकायत दर्ज कराई थी। पीड़िता ने बताया कि जुलाई 2024 में वह घर बनाने के लिए 15 लाख रुपये का लोन लेने की योजना बना रही थी। इसी दौरान उनके एक परिचित के माध्यम से उनकी मुलाकात बलरामपुर निवासी शिवशंकर दास से हुई, जो खुद को 'अनशिवआर्या फाउंडेशन' का संचालक बताता था।
आरोपित और उसके साथियों ने पीड़िता को झांसा दिया कि बैंक अधिकारियों से उनकी अच्छी साठगांठ है और वे बेहद कम समय में लोन स्वीकृत करा देंगे। आरोपित ने पीड़िता को एक आकर्षक लेकिन फर्जी स्कीम का लालच दिया। स्कीम के मुताबिक, लोन राशि का 60 प्रतिशत हिस्सा कंपनी के पास जमा रहेगा और 40 प्रतिशत पीड़िता को मिलेगा, जबकि लोन की पूरी मासिक किस्त कंपनी खुद भरेगी। आरोपित ने पीड़िता का विश्वास जीतकर उनके जरूरी दस्तावेज जैसे पैन कार्ड, सैलरी स्लिप और बैंक स्टेटमेंट हासिल कर लिए।
इसके बाद आरोपित ने पीड़िता के नाम पर अलग-अलग बैंकों (आईसीआईसीआई , बैंक ऑफ इंडिया और एचडीएफसी ) से कुल 41.08 लाख रुपये का लोन स्वीकृत करा लिया। लोन की राशि पीड़िता के खाते में आते ही आरोपित ने दबाव बनाकर अलग-अलग तारीखों में कुल 28 लाख रुपये अपने साथियों के खातों में ट्रांसफर करवा लिए। शुरुआती कुछ महीनों तक किस्त चुकाने के बाद आरोपित ने पैसे देना बंद कर दिया, जिसके बाद पीड़िता को अपने साथ हुई ठगी का अहसास हुआ।
थाना प्रभारी निरीक्षक प्रवीण कुमार द्विवेदी के नेतृत्व में जब पुलिस ने मामले की जांच शुरू की, तो आरोपित शिवशंकर दास को भारतीय नागरिक सुरक्षा संहिता की धारा 35(1)(बी),(2) के तहत नोटिस दिया गया। नोटिस का पालन न करने पर पुलिस ने उसे हिरासत में लेकर पूछताछ की। पूछताछ में आरोपित ने अपना जुर्म कबूल करते हुए बताया कि वह क्रशर का व्यवसाय करता है। क्रशर में भारी घाटा होने के कारण उसने कर्ज चुकाने के लिए फर्जी स्कीम की आड़ में इस ठगी को अंजाम दिया। आरोपित ने यह भी स्वीकार किया कि उसने पीड़िता के अलावा 9 अन्य लोगों से भी इसी तरह करीब 3 करोड़ रुपये की ठगी की है।
पुलिस ने आरोपित शिवशंकर दास (उम्र 40 वर्ष, निवासी किशुनपुर, जिला सरगुजा) को 27 मई 2026 को गिरफ्तार कर न्यायालय में पेश किया, जहां से उसे जेल भेज दिया गया। इस पूरी कार्रवाई में गांधीनगर थाना प्रभारी प्रवीण कुमार द्विवेदी, सउनि अभिषेक दुबे, आरक्षक दीनदयाल सिंह और सुल्तान अहमद की मुख्य भूमिका रही।
हिन्दुस्थान समाचार / पारस नाथ सिंह

