जशपुर : स्वच्छता और हरियाली में चमका सरडीह, देशभर में तीसरा स्थान, राष्ट्रीय पुरस्कार से होगा सम्मान

WhatsApp Channel Join Now
जशपुर : स्वच्छता और हरियाली में चमका सरडीह, देशभर में तीसरा स्थान, राष्ट्रीय पुरस्कार से होगा सम्मान


जशपुर, 31 मार्च (हि.स.)। छत्तीसगढ़ में जशपुर जिले के बगीचा विकासखंड के ग्राम सरडीह ने स्वच्छता और हरित विकास के क्षेत्र में शानदार उपलब्धि हासिल करते हुए पूरे जिले का नाम रोशन कर दिया है। पंचायत राज मंत्रालय, भारत सरकार द्वारा वर्ष 2025 के लिए ‘स्वच्छ एवं हरित पंचायत’ थीम के अंतर्गत सरडीह ग्राम पंचायत को दीनदयाल उपाध्याय पंचायत सतत विकास पुरस्कार से सम्मानित किया जाएगा। इस श्रेणी में सरडीह को देशभर में तीसरा स्थान मिला है। इस उपलब्धि पर कलेक्टर रोहित व्यास ने ग्रामवासियों और जनप्रतिनिधियों को बधाई देते हुए इसे अन्य गांवों के लिए प्रेरणास्रोत बताया, वहीं जिला पंचायत सीईओ अभिषेक कुमार ने भी ग्राम की पहल की सराहना करते हुए इसे आदर्श उदाहरण बताया।

लगभग 454 घरों वाले इस ग्राम में विशेष पिछड़ी जनजाति पहाड़ी कोरवा समुदाय भी निवासरत है। गांव में सभी घरों में शौचालय का उपयोग सुनिश्चित किया गया है और 109 घरों में सौर ऊर्जा संचालित पंप लगाए गए हैं, जिससे सिंचाई और अन्य जरूरतों के लिए पानी की उपलब्धता बनी रहती है। आधुनिक कृषि पद्धतियों को अपनाकर किसान टमाटर, मिर्च, खीरा सहित अन्य सब्जियों की खेती कर रहे हैं, जिससे उनकी आय में बढ़ोतरी हुई है और गांव की अर्थव्यवस्था मजबूत हुई है। पर्यावरण संरक्षण के प्रति जागरूकता के चलते नियमित वृक्षारोपण किया जाता है और 12 सोलर स्ट्रीट लाइट के माध्यम से ऊर्जा संरक्षण को भी बढ़ावा मिला है।

स्वच्छता को जीवनशैली का हिस्सा बनाते हुए गांव में सप्ताह में एक दिन सामूहिक साफ-सफाई अभियान चलाया जाता है। यहां न केवल सभी घरों में शौचालय हैं, बल्कि सामुदायिक शौचालय की भी व्यवस्था है, जिससे स्वच्छ वातावरण बना रहता है और बीमारियों का खतरा कम हुआ है। अधिकांश घरों में एलपीजी गैस के उपयोग से प्रदूषण में कमी आई है, वहीं जल संरक्षण के लिए सोखता गड्ढों का निर्माण कर जलस्तर बढ़ाने की दिशा में भी प्रभावी कार्य किया गया है। सरडीह की यह उपलब्धि न केवल जशपुर बल्कि पूरे प्रदेश के लिए गर्व की बात है, जो यह साबित करती है कि जनभागीदारी और योजनाओं के सही क्रियान्वयन से ग्रामीण विकास की नई मिसालें कायम की जा सकती हैं।

---------------

हिन्दुस्थान समाचार / पारस नाथ सिंह

Share this story