संत रविदास का जीवन, त्याग और विचार समाज को जोड़ने का कार्य करते हैं : मुख्यमंत्री साय

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संत रविदास का जीवन, त्याग और विचार समाज को जोड़ने का कार्य करते हैं : मुख्यमंत्री साय


संत रविदास का जीवन, त्याग और विचार समाज को जोड़ने का कार्य करते हैं : मुख्यमंत्री साय


संत रविदास का जीवन, त्याग और विचार समाज को जोड़ने का कार्य करते हैं : मुख्यमंत्री साय


- संत रविदास के नाम पर राज्य अलंकरण पुरस्कार देने की घोषण

रायपुर, 4 अगस्त (हि.स.)। छत्तीसगढ़ के मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय ने कहा है कि, भारतवर्ष हमेशा से ऋषि-मुनियों और महान संतों की पावन भूमि रहा है। जब-जब समाज में अत्याचार, ऊँच-नीच, भेदभाव और छुआछूत जैसी कुरीतियाँ बढ़ीं, तब-तब किसी-न-किसी महापुरुष ने जन्म लेकर समाज का मार्गदर्शन किया। श्री साय मंगलवार को यहाँ विज्ञान महाविद्यालय परिसर में स्थित पं. दीनदयाल उपाध्याय ऑडिटोरियम में संत शिरोमणि रविदास की 650वीं जयंती के निमित्त आयोजित प्रदेशस्तरीय भव्य कलश वन्दन अभियान के तहत वाराणसी से लाए गए पवित्र माटीयुक्त कलश के वितरण कार्यक्रम को सम्बोधित कर रहे थे।

मुख्यमंत्री श्री साय ने कहा कि, संत शिरोमणि गुरु रविदास ने समाज को संदेश दिया कि सभी मनुष्य एक समान हैं, कोई छोटा या बड़ा नहीं है। संत रविदास के त्याग को याद करते हुए श्री साय ने कहा कि तत्कालीन शासक सिकंदर लोदी द्वारा दबाव बनाए जाने के बावजूद संत रविदास ने अपने सिद्धांतों और सनातन धर्म से समझौता नहीं किया और भक्ति व श्रम को सर्वोच्च महत्व दिया। संत रविदास की प्रसिद्ध उक्ति “मन चंगा तो कठौती में गंगा” के प्रसंग का उल्लेख करते हुए श्री साय ने बताया कि वे माँ गंगा के अनन्य भक्त थे। उनकी निश्चल भक्ति, पवित्रता और साधना के आगे गंगा मैया ने स्वयं उन्हें कठौती में दर्शन दिए थे।

मुख्यमंत्री श्री साय ने संत शिरोमणि गुरु रविदास के नाम पर प्रतिवर्ष राज्य स्थापना दिवस (नवंबर) के अवसर पर उत्कृष्ट कार्य करने वाली हस्तियों को 'संत शिरोमणि गुरु रविदास राज्य अलंकरण पुरस्कार' प्रदान करने की घोषणा की। राज्य विधानसभा भवन में संत रविदास जी के प्रसिद्ध संदेश— “ऐसा चाहूं राज मैं जहाँ मिले सबन को अन्न। छोट बड़ो सब सम बसै, रविदास रहे प्रसन्न।।” को अंकित कराने हेतु विधानसभा अध्यक्ष डॉ. रमन सिंह से औपचारिक आग्रह किया जाएगा। नवा रायपुर (राजधानी क्षेत्र) के एक प्रमुख चौराहे का नामकरण संत शिरोमणि गुरु रविदास जी के नाम पर किया जाएगा।

भारतीय जनता पार्टी की राष्ट्रीय उपाध्यक्ष डॉ. (सुश्री) सरोज पाण्डेय ने कहा कि, प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी के नेतृत्व में भाजपा संत रविदास जैसी महान विभूतियों के सम्मान और उनके संदेशों को जन-जन तक पहुँचाने की शुरुआत कर रही है।

भाजपा के क्षेत्रीय संगठन महामंत्री अजय जम्वाल ने कहा कि, संत रविदास केवल किसी एक समाज विशेष के न होकर संपूर्ण विश्व और मानवता के हैं। आज वर्तमान समय की सबसे बड़ी आवश्यकता यह है कि हम संतों के विचारों और उनके जीवन मूल्यों को अपने आचरण में ढालकर अपने जीवन को सफल बनाएं।

प्रदेश सरकार के कैबिनेट मंत्री गुरु खुशवंत साहेब ने कहा कि, संत गुरु रविदास ने समाज से ऊँच-नीच और छोटे-बड़े के भेदभाव को मिटाकर समरसता और समानता का जो पावन संदेश दिया था, आज उसे आगे बढ़ाने का महत्वपूर्ण काम भारतीय जनता पार्टी और प्रदेश के मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय कर रहे हैं।

भाजपा प्रदेश महामंत्री एवं संत रविदास जयंती अभियान के प्रदेश संयोजक अखिलेश सोनी ने 'समरसता संकल्प अभियान' के संबंध में विस्तृत जानकारी साझा की। श्री सोनी ने कहा कि इस अभियान का शुभारंभ 29 जुलाई को गुरु पूर्णिमा के अवसर पर संत रविदास की पावन जन्मस्थली गोवर्धनपुर (वाराणसी) में आयोजित एक विशाल संत सम्मेलन से हुआ।

श्री सोनी ने बताया कि छत्तीसगढ़ प्रदेश के कुल 479 मंडलों में से 466 मंडलों के 1,770 प्रमुख मंदिरों (जिनमें संत रविदास के मंदिर भी शामिल हैं) में कुल 1,97,628 समरसता दीप प्रज्जवलित किए गए। 29 जुलाई को वाराणसी से छत्तीसगढ़ अनुसूचित जाति मोर्चा के प्रदेश अध्यक्ष डॉ. सनम जांगड़े, साधु-संतों और समाज प्रमुखों के प्रतिनिधिमंडल को यह पवित्र कलश प्राप्त हुआ।

श्री सोनी ने बताया कि जन्मस्थली से लाए गए मुख्य कलश से 36 पावन माटी युक्त कलश तैयार किए गए हैं। आज प्रदेश के सभी 36 संगठनात्मक जिलों से आए प्रतिनिधियों को मुख्यमंत्री श्री साय एवं साधु-संतों के कर-कमलों से ये पवित्र कलश सौंपे गए। श्री सोनी ने बताया कि 15 अगस्त से 30 अगस्त के बीच जिलास्तर पर कार्यक्रम आयोजित कर इन कलशों को मण्डल की टोलियों को सौंपा जाएगा। मण्डल की टोलियाँ इन कलशों को गाँवों के प्रमुख मंदिरों तक ले जाएंगी। वहां संत रविदास के चित्र का पूजन कर तुलसी का पौधा लगाया जाएगा और उसमें वाराणसी से आई पावन माटी को समाहित किया जाएगा।

पूज्य संत खेदूराम पैगवार ने कहा कि, प्रधानमंत्री मोदी ने संत शिरोमणि रविदास के विचारों को जन-जन तक पहुँचाने के लिए राष्ट्रव्यापी 'समरसता अभियान' का आगाज किया है। इस ऐतिहासिक पहल के लिए समस्त रविदास समाज प्रधानमंत्री का आभारी है।

पूज्य सिंधी पंचायत के संत युधिष्ठिर लाल महाराज ने कहा कि भारत की देव संस्कृति का सम्मान करते हुए इस राष्ट्रीय अभियान का बीड़ा उठाया गया है, ताकि महान संतों के जीवन दर्शन से प्रेरणा लेकर भारत को और अधिक सशक्त व एकजुट बनाया जा सके।

संत राजीव लोचन दास ने सनातन धर्म की एकता, सांस्कृतिक विरासत और भारत के गौरवशाली इतिहास पर विचार व्यक्त करते हुए कहा कि, श्री राम जय राम नाम के समरसता भाव ने पूरे विश्व के हिंदुओं को एक सूत्र में बांधने का काम किया है। इस पावन नाम का जाप करके ही भारत के सिद्धों ने सिद्धियों को प्राप्त किया है।

इस दौरान भव्य कलश वन्दन अभियान कार्यक्रम में प्रदेश संगठन महामंत्री पवन साय , प्रदेश महामंत्री द्वय यशवंत जैन, डाॅ. नवीन मार्कण्डेय, सहित प्रदेश भर से आए पूज्य साधु- संत, प्रदेश सरकार के सभी मंत्रीगण, सांसद, विधायक, जनप्रतिनिधि, पदाधिकारी एवं कार्यकर्ता मौजूद रहे।

हिन्दुस्थान समाचार / गायत्री प्रसाद धीवर

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