धमतरी जिले में संबलपुरी साड़ी केंद्र को मिलेगी नई पहचान

WhatsApp Channel Join Now
धमतरी जिले में संबलपुरी साड़ी केंद्र को मिलेगी नई पहचान


धमतरी जिले में संबलपुरी साड़ी केंद्र को मिलेगी नई पहचान


महिलाओं की मेहनत को मिलेगा बड़ा बाजार, आत्मनिर्भरता की ओर बढ़ते कदम

धमतरी, 14 अप्रैल (हि.स.)। जिले में पारंपरिक हस्तशिल्प को नई पहचान दिलाने और महिलाओं को आर्थिक रूप से सशक्त बनाने की दिशा में एक महत्वपूर्ण पहल सामने आई है। कलेक्टर अबिनाश मिश्रा ने मंगलवार को श्यामतराई स्थित संबलपुरी साड़ी केंद्र का निरीक्षण कर यहां कार्यरत महिलाओं के प्रयासों की सराहना की और केंद्र को एक मॉडल इकाई के रूप में विकसित करने के निर्देश दिए।

निरीक्षण के दौरान कलेक्टर ने महिलाओं से आत्मीय संवाद कर साड़ी निर्माण की पूरी प्रक्रिया, उत्पादन क्षमता, लागत और विपणन व्यवस्था की विस्तृत जानकारी ली। उन्होंने कहा कि यह केंद्र न केवल पारंपरिक कला को संरक्षित कर रहा है, बल्कि महिलाओं को आत्मनिर्भर बनाने में भी अहम भूमिका निभा रहा है। कलेक्टर ने साड़ियों की गुणवत्ता, डिज़ाइन और रंग संयोजन का अवलोकन करते हुए बाजार की मांग के अनुरूप नवाचार अपनाने पर जोर दिया। उन्होंने अधिकारियों को निर्देशित किया कि उत्पादों की बेहतर पैकेजिंग और ब्रांडिंग के लिए आधुनिक मशीनों की व्यवस्था की जाए, जिससे साड़ियों की आकर्षक प्रस्तुति हो और बिक्री में बढ़ोतरी हो सके। महिलाओं के कौशल विकास पर विशेष ध्यान देते हुए कलेक्टर ने नियमित प्रशिक्षण कार्यक्रम आयोजित करने के निर्देश दिए। उन्होंने कहा कि विशेषज्ञों के माध्यम से डिज़ाइन, रंग संयोजन, आधुनिक ट्रेंड और ई-मार्केटिंग की जानकारी दी जाए, ताकि उत्पादों को व्यापक बाजार मिल सके। इसके साथ ही स्व-सहायता समूहों को ऑनलाइन प्लेटफॉर्म से जोड़ने पर भी जोर दिया गया, जिससे स्थानीय उत्पादों को राष्ट्रीय स्तर पर पहचान मिल सके। कलेक्टर ने संबंधित विभाग को कच्चे माल की उपलब्धता, वित्तीय सहायता और विपणन के बेहतर अवसर सुनिश्चित करने के निर्देश दिए। उन्होंने यह भी कहा कि उत्पादों की प्रदर्शनी और मेलों में सहभागिता बढ़ाई जाए, ताकि संबलपुरी साड़ी को व्यापक पहचान मिल सके। निरीक्षण के दौरान मुख्य कार्यपालन अधिकारी जिला पंचायत गजेन्द्र ठाकुर, एसडीएम पीयूष तिवारी सहित अन्य अधिकारी उपस्थित रहे।

हिन्दुस्थान समाचार / रोशन सिन्हा

Share this story