‘सुघ्घर छत्तीसगढ़’ अभियान की कलेक्टर ने की समीक्षा

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‘सुघ्घर छत्तीसगढ़’ अभियान की कलेक्टर ने की समीक्षा


सूरजपुर, 17 अगस्त (हि.स.)।कलेक्टोरेट सभाकक्ष में कलेक्टर रेना जमील की अध्यक्षता में आज सोमवार को समय-सीमा की बैठक आयोजित की गई। बैठक में राज्य सरकार के प्रस्तावित ‘सुघ्घर छत्तीसगढ़’ अभियान की जिला स्तर पर तैयारियों सहित विभिन्न योजनाओं और विकास कार्यों की समीक्षा की गई। कलेक्टर ने अधिकारियों को आपसी समन्वय से काम करते हुए यह सुनिश्चित करने के निर्देश दिए कि जिले का कोई भी पात्र परिवार सरकारी योजनाओं के लाभ से वंचित न रहे।

बैठक में बताया गया कि ‘सुघ्घर छत्तीसगढ़’ अभियान के तहत प्रदेश के 23 जिलों में 31 प्रमुख हितग्राहीमूलक योजनाओं का शत-प्रतिशत संतृप्तिकरण किया जाना है। सूरजपुर भी अभियान में शामिल है। इसके अंतर्गत आवास, रोजगार, खाद्य सुरक्षा, स्वास्थ्य, शिक्षा, सामाजिक सुरक्षा, महिला सशक्तिकरण, कृषि और कौशल विकास से संबंधित योजनाओं को शामिल किया गया है।

इन योजनाओं में प्रधानमंत्री आवास योजना ग्रामीण, मनरेगा जॉब कार्ड, जल जीवन मिशन, आयुष्मान भारत, राशन कार्ड, सामाजिक सुरक्षा पेंशन, महतारी वंदन योजना, प्रधानमंत्री किसान सम्मान निधि, वनाधिकार पट्टा सहित विभिन्न प्रमाण-पत्र सेवाएं शामिल हैं।

कलेक्टर ने अधिकारियों को निर्देश दिए कि प्रत्येक विभाग अपनी योजनाओं की वर्तमान स्थिति की समीक्षा कर ऐसे पात्र हितग्राहियों की सूची तैयार करें, जिन्हें अब तक योजना का लाभ नहीं मिल पाया है। उन्होंने कहा कि अभियान का उद्देश्य केवल आंकड़े पूरे करना नहीं, बल्कि वास्तविक जरूरतमंद परिवारों तक सरकारी योजनाओं की पहुंच सुनिश्चित करना है।

बैठक में अभियान के तीन चरणों की जानकारी दी गई। पहले चरण में गांवों का आधारभूत सर्वेक्षण और डेटा मैपिंग की जाएगी। दूसरे चरण में ग्राम, क्लस्टर और विकासखंड स्तर पर विशेष संतृप्तिकरण शिविर लगाए जाएंगे। तीसरे चरण में अभियान की लगातार निगरानी, समीक्षा और मूल्यांकन किया जाएगा।

कलेक्टर ने सर्वे का काम समय पर पूरा करने, अलग-अलग विभागों के आंकड़ों का मिलान करने और शिविरों की जानकारी ग्राम पंचायत स्तर तक पहुंचाने के निर्देश दिए। उन्होंने कहा कि शिविरों में आने वाले हितग्राहियों के आवेदनों का मौके पर ही निराकरण करने का प्रयास किया जाए, ताकि लोगों को बार-बार सरकारी कार्यालयों के चक्कर न लगाने पड़ें।अभियान की प्रगति की निगरानी एकीकृत ‘सुघ्घर छत्तीसगढ़ डैशबोर्ड’ के माध्यम से किए जाने की जानकारी बैठक में दी गई। डैशबोर्ड पर जिला, विकासखंड, ग्राम पंचायत और ग्राम स्तर तक योजनाओं की स्थिति तथा शेष हितग्राहियों की जानकारी उपलब्ध रहेगी।

कलेक्टर ने अधिकारियों को डैशबोर्ड पर सही और अद्यतन जानकारी दर्ज करने के निर्देश दिए। उन्होंने कहा कि अभियान की प्रगति की नियमित समीक्षा की जाएगी और लापरवाही मिलने पर जिम्मेदारी तय की जाएगी।बैठक में जिले की सड़कों की मौजूदा स्थिति की भी समीक्षा की गई। कलेक्टर ने राजस्व अधिकारियों, नगरीय निकाय के सीएमओ और जनपद पंचायतों के सीईओ को अपने-अपने क्षेत्रों में सड़कों का भौतिक निरीक्षण करने के निर्देश दिए।

उन्होंने कहा कि जहां सड़क पर गड्ढे हैं, वहां संबंधित लोक निर्माण विभाग या निर्माण एजेंसी को तत्काल सूचना दी जाए और गड्ढों की मरम्मत कराई जाए। जिन स्थानों पर सड़क खराब होने से आवागमन प्रभावित हो रहा है, वहां प्राथमिकता के आधार पर सुधार कार्य कराने के निर्देश दिए गए।

समय-सीमा की बैठक में जल जीवन मिशन की प्रगति पर भी चर्चा हुई। कलेक्टर ने शेष कार्यों को गुणवत्तापूर्ण तरीके से जल्द पूरा कराने के निर्देश दिए। उन्होंने संबंधित अधिकारियों से कार्यों की नियमित निगरानी करने और निर्धारित मापदंडों के अनुरूप काम सुनिश्चित करने को कहा।

बैठक में जिला पंचायत सीईओ विजेंद्र सिंह पाटले, अपर कलेक्टर जगन्नाथ वर्मा, सभी एसडीएम और जिला स्तरीय अधिकारी उपस्थित रहे।

हिन्दुस्थान समाचार / विष्णु पांडेय

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