हरदीभाठा की महिला स्व-सहायता समूह बना रही फिनाइल, हैंडवॉश, साबुन

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हरदीभाठा की महिला स्व-सहायता समूह बना रही फिनाइल, हैंडवॉश, साबुन


हरदीभाठा की महिला स्व-सहायता समूह बना रही फिनाइल, हैंडवॉश, साबुन


धमतरी, 13 अक्टूबर (हि.स.)। सेवा संकल्प अभियान के तहत महिलाओं को स्वरोजगार से जोड़कर आर्थिक रूप से आत्मनिर्भर बनाने की दिशा में जिले में पहल की जा रही है। ग्रामीण स्वरोजगार प्रशिक्षण संस्थान (आरसेटी) से प्रशिक्षण प्राप्त कर नगरी क्षेत्र के ग्राम हरदीभाठा की महिला स्व-सहायता समूहों की सदस्याएं अब अपने हुनर को रोजगार का माध्यम बना रही हैं। महिलाएं सामूहिक रूप से फिनाइल, हार्पिक, हैंडवॉश, साबुन, वाशिंग पाउडर, बर्तन धोने का लिक्विड, मोमबत्ती और मिल्की बेस साबुन सहित दैनिक उपयोग की विभिन्न सामग्रियों का निर्माण कर रही हैं।

प्रशिक्षण के जरिए उत्पाद बनाने का कौशल हासिल करने वाली ये महिलाएं अपने प्रयासों से आजीविका के नए अवसर तलाश रही हैं। इससे उनकी कार्यक्षमता विकसित होने के साथ परिवार की आर्थिक स्थिति मजबूत करने की संभावनाएं भी बढ़ रही हैं। ग्राम हरदीभाठा में प्रतिज्ञा स्व-सहायता समूह की दामिनी, रीना, बसंती, कमल और पूर्णिमा सहित अन्य सदस्य उत्पाद निर्माण में जुटी हैं। इनके अलावा जमुना बाई, मथुरा साहू, रेशमी, यशबाई, लता बाई, सांवली यादव और सली सहित अन्य महिलाएं भी इस कार्य में सहभागिता निभा रही हैं। विश्वकर्मा नाम से जुड़े दो समूहों की महिलाएं भी इस पहल का हिस्सा हैं।

समूह के माध्यम से महिलाएं आपसी सहयोग से उत्पादन कर रही हैं और प्रशिक्षण में सीखे कौशल को स्वरोजगार में बदलने का प्रयास कर रही हैं। इस पहल को आगे बढ़ाने के लिए स्थानीय महिला उद्यमियों के उत्पादों को बाजार उपलब्ध कराने पर जोर दिया जा रहा है। शासकीय कार्यालयों, अस्पतालों, विद्यालयों और अन्य संस्थानों से अपील की गई है कि दैनिक उपयोग की सामग्री खरीदते समय स्थानीय महिला समूहों के उत्पादों पर भी विचार करें। उत्पादों की गुणवत्ता, निर्धारित मानकों, उपयोगिता, दरों और लागू शासकीय क्रय नियमों के अनुरूप होने पर इन्हें प्राथमिकता देने से महिला उद्यमिता को बढ़ावा मिल सकता है। फिनाइल, हैंडवॉश, साबुन, बर्तन धोने का लिक्विड और वाशिंग पाउडर जैसी नियमित उपयोग की सामग्रियों की स्थानीय स्तर पर मांग बढ़ने से महिला समूहों को उत्पादन व्यवस्थित करने और अपनी आजीविका को मजबूत बनाने में मदद मिलेगी।

स्थानीय उत्पादों को प्रोत्साहित करना केवल खरीद-बिक्री तक सीमित नहीं है, बल्कि यह महिलाओं के हुनर, मेहनत और उद्यमशीलता को पहचान देने का माध्यम भी है। नियमित मांग, गुणवत्ता में सुधार, आकर्षक पैकेजिंग और बेहतर विपणन से इन समूहों के कार्यों को विस्तार दिया जा सकता है। आरसेटी से प्राप्त प्रशिक्षण को स्वरोजगार में बदलने की यह पहल महिला सशक्तीकरण, ग्रामीण आजीविका संवर्धन और ‘वोकल फार लोकल’ की भावना को मजबूत करने की दिशा में महत्वपूर्ण है। स्थानीय नागरिकों, उपभोक्ताओं और शासकीय संस्थानों के सहयोग से हरदीभाठा की महिला उद्यमियों को अपने उत्पादों के लिए व्यापक बाजार विकसित करने और आत्मनिर्भरता की राह पर आगे बढ़ने का अवसर मिल सकता है।

हिन्दुस्थान समाचार / रोशन सिन्हा

Livevns.news Desk
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