प्रशिक्षण स्थल में राइफल का चैंबर ब्लास्ट, नगर सैनिक के सिर में घुसा पार्ट्स

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प्रशिक्षण स्थल में राइफल का चैंबर ब्लास्ट, नगर सैनिक के सिर में घुसा पार्ट्स


प्रशिक्षण स्थल में राइफल का चैंबर ब्लास्ट, नगर सैनिक के सिर में घुसा पार्ट्स


धमतरी, 04 मई (हि.स.)। प्रशिक्षण के दौरान फायरिंग रेंज में 303 राइफल का चैंबर अचानक ब्लास्ट होने से एक नगर सैनिक का जवान गंभीर रूप से घायल हो गया। घटना में राइफल के टूटे पार्ट्स जवान के सिर के नीचे जा घुसा और वह खून से लथपथ होकर जमीन में गिर पड़ा। इस घटना से अन्य प्रशिक्षु जवानों में हड़कंप मच गया। घटना की जानकारी उच्चाधिकारियों को देने के बाद घायल जवान को उपचार के लिए अस्पताल लाया गया, जहां से उन्हें बेहतर उपचार के लिए रिफर किया, तो घायल जवान को ले जाने सरकारी एंबुलेंस भी नहीं मिला। निजी एंबुलेंस से उन्हें उपचार के लिए ले जाया गया।

नगर सैनिकों के प्रशिक्षण प्रभारी एएसआई डीआर बांधे ने बताया कि नगर सैनिकों के जवानों का मरादेव-रूद्री फायरिंग रेंज में प्रशिक्षण चल रहा था। सोमवार को प्रशिक्षण का अंतिम दिन था। प्रशिक्षण में प्रदेशभर से 136 जवान शामिल हुए थे। कमांडेंट संजय मिश्रा की निगरानी में सभी जवान प्रशिक्षण लेने धमतरी पहुंचे थे। चार मई को प्रशिक्षण का अंतिम दिन था। प्रशिक्षण में बलौदाबाजार निवासी नगर सैनिक चौबेलाल टंडन भी शामिल थे। 10 के ग्रुप में नगर सैनिक चौबेलाल टंडन तीसरे नंबर पर खड़ा हुआ था। इस दौरान फायरिंग होने के बाद बाजू में खड़े जवान के रायफल का चेंबर अचानक ब्लास्ट हो गया। इसका एक छोटा टुकड़ा चौबेलाल के सिर के नीचे में जा लगा। इस घटना से उनके सिर से खून निकलने लगा और वह घटना स्थल पर गश खाकर नीचे गिर पड़ा। अधिकारियों के निर्देशानुसार उन्हें तत्काल उपचार के लिए जिला अस्पताल धमतरी लाया गया ताकि राइफल का पार्ट्स कहीं उनके सिर में तो नहीं फंसा है। घायल जवान लीडरशीप ट्रेनिंग में आया हुआ था। एक्स-रे से पता चला कि घायल जवान के सिर में गंभीर चोटें थी, ऐसे में उन्हें बेहतर उपचार के लिए रायपुर रिफर किया गया। इस दौरान घायल जवान को रायपुर ले जाने जिला अस्पताल में सरकारी एंबुलेंस नहीं मिला। ऐसे में उन्हें प्राइवेट एंबुलेंस से रामकृष्ण केयर अस्पताल रायपुर ले जाना पड़ा। जबकि जिला अस्पताल में दो एंबुलेंस उपलब्ध थे, लेकिन मदद नहीं मिल पाया।

इस संबंध में सिविल सर्जन डा अरूण कुमार टोंडर ने कहा कि एंबुलेंस का चालक खाना खाने गया था। शासकीय एंबुलेंस सिर्फ मेकाहारा जाता है, निजी अस्पतालों के लिए सुविधा नहीं दी जाती।

हिन्दुस्थान समाचार / रोशन सिन्हा

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