कोरबा जिला जेल में भावुक हुआ रक्षाबंधन, बहनों ने बंदी भाइयों की कलाई पर बांधा रक्षा सूत्र
कोरबा, 28 अगस्त (हि. स.)। रक्षाबंधन के पावन पर्व पर शुक्रवार को जिला जेल कोरबा में भाई-बहन के स्नेह, विश्वास और आत्मीयता का भावुक नजारा देखने को मिला। जेल में निरुद्ध भाइयों से मिलने पहुंचीं बहनों ने निर्धारित नियमों के तहत रक्षाबंधन मनाया और उनकी कलाई पर राखी बांधकर सुखद एवं उज्ज्वल भविष्य की कामना की। इस दौरान जेल परिसर में भावनात्मक और आत्मीय माहौल बना रहा।
उप जेलर अमितेश साहू के मार्गदर्शन में जिला जेल प्रबंधन द्वारा रक्षाबंधन को लेकर विशेष व्यवस्था की गई थी। सुरक्षा व्यवस्था को ध्यान में रखते हुए बाहर से आने वाली राखी एवं अन्य सामग्रियों की जांच की गई और निर्धारित प्रक्रिया के बाद ही उन्हें जेल परिसर के भीतर ले जाने की अनुमति दी गई। सुरक्षा नियमों का पालन करते हुए बहनों को अपने भाइयों की कलाई पर राखी बांधने का अवसर दिया गया।
कार्यक्रम के दौरान अर्चना उपाध्याय, पूर्व महिला आयोग सदस्य, छत्तीसगढ़ शासन ने जेल में निरुद्ध 15 भाइयों की कलाई पर राखी बांधी। उन्होंने भाइयों को रक्षाबंधन की शुभकामनाएं देते हुए नशे से दूर रहने, अच्छे आचरण को अपनाने तथा समाज की मुख्यधारा से जुड़कर सकारात्मक और बेहतर जीवन जीने के लिए प्रेरित किया।
अर्चना उपाध्याय ने कहा कि रक्षाबंधन केवल भाई की कलाई पर राखी बांधने का पर्व नहीं, बल्कि एक-दूसरे के प्रति विश्वास, जिम्मेदारी और स्नेह का प्रतीक है। उन्होंने बंदियों से अपील की कि वे अपनी गलतियों से सीख लेते हुए भविष्य में सकारात्मक सोच के साथ जीवन की नई शुरुआत करें और अपने परिवार के साथ-साथ समाज के प्रति भी जिम्मेदार नागरिक बनने का प्रयास करें।
राखी बंधवाने वाले भाइयों ने भी अपनी बहनों के प्रति स्नेह और सम्मान व्यक्त किया। उन्होंने भविष्य में बेहतर आचरण करने तथा सकारात्मक जीवन जीने का संकल्प लिया। राखी बांधने और शुभकामनाएं देने के दौरान कई भाई-बहनों के बीच भावुक क्षण भी देखने को मिले।
उप जेलर अमितेश साहू ने बताया कि जेल में इस तरह के आयोजन का उद्देश्य बंदियों को उनके पारिवारिक एवं सामाजिक मूल्यों से जोड़े रखना और उनके भीतर सकारात्मक सोच विकसित करना है। ऐसे आयोजनों से बंदियों को परिवार के महत्व का एहसास होता है और उन्हें समाज की मुख्यधारा में लौटकर बेहतर जीवन जीने की प्रेरणा मिलती है।
रक्षाबंधन के अवसर पर जिला जेल कोरबा में आयोजित इस कार्यक्रम ने भाई-बहन के पवित्र रिश्ते की गरिमा को जीवंत किया। साथ ही बंदियों के सुधार, सकारात्मक सोच और सामाजिक पुनर्वास की दिशा में भी एक सार्थक संदेश दिया।
हिन्दुस्थान समाचार/हरीश तिवारी
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हिन्दुस्थान समाचार / हरीश तिवारी

