लगातार बारिश से जलाशयों का बढ़ा जलस्तर, गंगरेल से 34,282 क्यूसेक पानी छोड़ा गया

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लगातार बारिश से जलाशयों का बढ़ा जलस्तर, गंगरेल से 34,282 क्यूसेक पानी छोड़ा गया


-गंगरेल में 97.16, मुरूमसिल्ली में 100 और दुधावा में 94.55 प्रतिशत जलभराव, महानदी किनारे गांवों में अलर्ट

धमतरी, 13 सितंबर (हि.स.)। जिले में लगातार हो रही बारिश और जलाशयों में बढ़ती पानी की आवक के बीच जलस्तर तेजी से बढ़ रहा है। स्थिति को देखते हुए जिला प्रशासन ने जलाशयों के जलस्तर और पानी की निकासी पर लगातार निगरानी बढ़ा दी है।

12 सितंबर की रात 9 बजे की स्थिति के अनुसार गंगरेल जलाशय में 97.16 प्रतिशत, मुरूमसिल्ली में 100 प्रतिशत, दुधावा में 94.55 प्रतिशत और सोंदूर जलाशय में 75.87 प्रतिशत जलभराव दर्ज किया गया।

जलाशयों में पानी की आवक भी लगातार बनी हुई है। गंगरेल में 34,282 क्यूसेक, मुरूमसिल्ली में 2,567 क्यूसेक, दुधावा में 3,040 क्यूसेक और सोंदूर में 2,307 क्यूसेक पानी पहुंच रहा है। आगामी बारिश और पानी की संभावित बढ़ती आवक को देखते हुए गंगरेल जलाशय से वर्तमान में 34,282 क्यूसेक पानी छोड़ा जा रहा है। रुद्री बैराज के माध्यम से इसमें से 5,000 क्यूसेक पानी महानदी मुख्य नहर तथा 29,282 क्यूसेक पानी महानदी में प्रवाहित किया जा रहा है।

जलाशय में आवक और जलस्तर की स्थिति के अनुसार पानी की निकासी आगे और बढ़ाई जा सकती है। महानदी में बड़ी मात्रा में पानी छोड़े जाने से नदी के जलस्तर और बहाव में वृद्धि की संभावना है। इसे देखते हुए जिला प्रशासन ने महानदी किनारे बसे गांवों में विशेष सतर्कता बरतने की अपील की है। संबंधित मैदानी अमले को भी अलर्ट रहने और जलस्तर व परिस्थितियों पर लगातार नजर रखने के निर्देश दिए गए हैं।

प्रशासन ने नागरिकों से नदी, नालों और जलभराव वाले क्षेत्रों के समीप नहीं जाने, अनावश्यक रूप से रपटों और नदी-नालों को पार नहीं करने तथा तेज बहाव में उतरने या उसे पार करने का प्रयास नहीं करने कहा है। बच्चों और बुजुर्गों को भी ऐसे स्थानों से दूर रखने की अपील की गई है। प्रशासन ने जलभराव की स्थिति में सुरक्षित आवागमन के लिए जारी निर्देशों का पालन करने और आवश्यकता पड़ने पर चिन्हांकित सुरक्षित एवं ऊंचे स्थानों पर आश्रय लेने कहा है। साथ ही नागरिकों से अफवाहों पर ध्यान नहीं देने और किसी भी आपात स्थिति में स्थानीय प्रशासन एवं संबंधित अधिकारियों के निर्देशों का पालन करने की अपील की गई है। जलाशयों की स्थिति और पानी की निकासी में होने वाले बदलावों की जानकारी समय-समय पर साझा की जाएगी।

हिन्दुस्थान समाचार / रोशन सिन्हा

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